14 बांग्लादेशी, 4 असमिया युवक तालिबान में शामिल

31 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
तालिबान से जुड़ रहे हैं बांग्लादेश के कट्टरपंथी (प्रतीकात्मक चित्र)

बांग्लादेश से 14 युवक सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में घुसने के बाद अफगानिस्तान पहुँच गए हैं। ये बांग्लादेशी युवक तालिबान के अफगान सरकार से शुरुआती संघर्ष के दौरान ही अफगानिस्तान चले गए थे और काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले ही आतंकी संगठन में शामिल हो गए।

तालिबान में शामिल होने वालों में ये 14 बांग्लादेशी युवक ही नहीं बल्कि असम के भी 4 युवक हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 3 अन्य युवकों की हरकतें भी काफी संदिग्ध हैं, जिन पर खुफिया विभाग नज़रें जमाए हुए है। ये जानकारी केंद्रीय खुफिया विभाग की एक रिपोर्ट में सामने आई हैं।

केंद्रीय खुफिया विभाग के अधिकारी भी इस जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं। केंद्रीय खुफिया विभाग के मुताबिक, आतंकी संगठन तालिबान में शामिल 21 में से कुछ युवक आतंकी हमला करने में माहिर हैं।

ख़ुफ़िया सूत्रों के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन के पीछे पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। बांग्लादेश में आतंकवादी संगठन जेएमबी और हूजी (हरकत उल जिहाद अल इस्लामी) के भी तालिबान से जुड़ने की संभावना है।

इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह पता लगाने के लिए अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं कि देश के अन्य राज्यों के कुछ युवक भी तो इसी रास्ते पर तो नहीं चल रहे हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियाँ विभिन्न राज्यों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण करने के अलावा कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखे हुए हैं।

भारत के रास्ते पहुँचे अफगानिस्तान

भारत की ख़ुफ़िया एजेंसियों को अफगानिस्तान में काम कर रही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से साझा जानकारी के तहत ये इनपुट प्राप्त हुआ है। इनपुट के अनुसार, अफगानिस्तान में कथित तौर पर तस्करी कर लाए गए 14 बांग्लादेशी युवकों ने एक या दो चरणों में सीमा पार कर भारत प्रवेश किया था।

वे सबसे पहले बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुँचे। फिर वे सीमा पार कर आईएसआई मॉड्यूल के सदस्यों के पास चले गए और पाकिस्तान पहुँच गए। पाकिस्तान से ये लोग अफगानिस्तान चले गए जहाँ वे तालिबान का हिस्सा बन गए।

खुफिया इनपुट है कि असम के समुदाय विशेष के चार युवक और बंगाल दक्षिण 24 परगना के तीन युवक भी इस रास्ते से अफ़ग़ानिस्तान गए हैं और तालिबान में शामिल होकर उनके लिए काम कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियाँ इन युवकों से जुड़ी जानकारी और गतिविधियों की जानकारी एकत्रित कर रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (JMB) और हूजी ने इन युवकों का पहले ही ब्रेनवॉश कर दिया था। तालिबान में शामिल होने के बाद अफगानिस्तान में उन्हें हथियार और विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण देकर आतंकी हमले के लिए तैयार किया जा रहा है।

भारत में दे सकते हैं आतंकी वारदातों को अंजाम

केंद्रीय खुफिया विभाग के मुताबिक, चूँकि पाकिस्तान तालिबान के पक्ष में है, इसलिए आईएसआई मॉड्यूल इन युवाओं की मदद कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियाँ इस बात की संभावना जता रही हैं कि तालिबान से प्रशिक्षण प्राप्त कर वे अपने अपने देश वापस लौट सकते हैं, जहाँ तालिबान या आईएसआई के इशारे पर वो हमलों को अंजाम देंगे।

खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि इन युवाओं का प्रयोग भारत में भी आतंकी हमलों के लिए किया जा सकता है। इस खुफिया रिपोर्ट के बाद सीमा सुरक्षाबल के जवानों को अलर्ट पर रखा गया है, साथ ही खुफिया विभाग के जासूसों को सक्रिय कर दिया गया है और इन युवकों से जुड़ी हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है।



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