तुम्हारी दवा बस इजराइल के पास है: 'ओरेंज फंगस' ट्वीट पर ट्रोल हुए अमानतुल्लाह खान

22 मई, 2021 By: संजय राजपूत
AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के ट्वीट पर लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रिया दी हैं

साल 1965 में डायरेक्टर यश चोपड़ा की एक फ़िल्म आई थी ‘वक्त’, जिसमें स्व. अभिनेता राजकुमार का एक डायलॉग था, “चिनॉय सेठ, जिनके घर शीशे के बने होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।”

ऐसा लगता है दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल के विधायक अम्मानुतल्लाह खान ने यह कालजयी डायलॉग कभी सुना नहीं है। वैसे उन्हें इस डॉयलॉग को सुनने की जरूरत भी नहीं है क्योंकि उनके घर की दीवारें तो बेशर्मी के अम्बुजा सीमेंट से बनी हैं।

दरअसल, आज विधायक जी ने ट्विटर पर हिन्दू धर्म को निशाना बनाते हुए एक ट्वीट किया, जिसके बाद वो बुरी तरह ट्रोल हो गए। अपने ट्वीटर अकाउंट पर केजरीवाल के विधायक अमानतुल्लाह खान ने लिखा, “ऑरेंज फ़ंगस ही बाक़ी दूसरे फ़ंगस की जड़ है।”

इसके बाद वही हुआ जो होना था। अगर मस्जिद से अज़ान उठेगी तो मंदिरों के भी घंटे बजेंगे ही! तो ट्विटर यूजर्स ने भी अमानतुल्लाह को उसी की भाषा में जवाब देना शुरू कर दिया।

उत्सव नाम के ट्विटर यूज़र ने अमानतुल्लाह को ऑरेंज फंगस की कई वैरायटी दिखा दीं, सस्ते में भी औऱ महँगे में भी।


अरे भाई उत्सव, जिनको केजरीवाल में संभावित पीएम नज़र आता हो, वो जनरेटर और डीजे में फर्क नही कर पाएँगे। इतनी वैरायटी के ऑरेंज फंगस देख तो बन्दा बिल्कुल कनफुज़िया ही जाएगा।

एक दूसरे यूज़र ‘सच बोल दे’ ने ‘ऑरेंज गुलाल’ से रँगे केजरीवाल को फोटो अपलोड करते हुए अमानतुल्लाह से पूछा, “यही फंगस न..?”


अरे भाई प्लीज़, केजरीवाल जी को रंगों की लड़ाई में न शामिल करो। वो तो रंग के साथ रुप भी बदलने में भी इतना माहिर है कि अखिल विश्व गिरगिट संघ के टिकट पर समुद्री ऑक्टोपस समाज अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। वो तो मोदी जी ईवीएम हैक कर लिए, तो वापस दिल्ली आना पड़ा।

रवि रंजन नाम का एक यूज़र कुछ बुर्कानशींनों की तस्वीरें दिखा कर कहता है, “लेकिन कहर तो ब्लैक फंगस ने मचा रहा है।”


स्पष्ट रूप से हम ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं करते, लेकिन हम ये भी मानते हैं कि लड़के है और लड़कों से गलती हो जाती है। यदि कोई यूज़र प्रतिक्रिया देते समय मर्यादा से भटक जाए तो उसे एक बार प्यार से समझा-बुझाकर वापस मुख्यधारा में लाने की कोशिश तो करनी ही चाहिए।

Flux नाम का एक ट्वीटर यूज़र ‘ब्लैक फंगस’ और ‘व्हाइट फंगस’ दोनों की तस्वीर दिखाता हुआ कहता है कि जड़ ही जड़ को मिटा सकता है।


हम तो इतना ही कहेंगे भाई कि भटके हुए फंगस का कोई रंग नहीं होता। कृपया फंगस को रंगों से जोड़कर देश की गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान न पहुँचाएँ ।

कश्यप बी के नाम का यूज़र लिखता है कि तुम जैसे फंगस का इलाज इजराइल के पास ही है। मने इज़राइल न हुआ, बंगाली डॉक्टर हो गया जो सर दर्द में भी पेट का ऑपरेशन कर देता हो।


‘आखिरी कश’ नाम का ट्विटर यूजर लिखता है बहुत से मासूम इस फंगस के कीटाणुओं का शिकार हुए हैं।


इस यूजर को शायद पता नहीं है के इस फंगस की अलौकिक आभा के आगे नतमस्तक होते हुए कैप्टन अमरीका औऱ डॉक्टर बैनर उर्फ़ हल्क ने भी 3 बार ‘कुबूल है कुबूल है’ बोलकर अपना धर्म बदल लिया था।

‘कॉमन मैन’ ने लिखा है, “दिल्ली के जिन हिंदुओं ने इस जिहादी को वोट दिया है, तेरी बिजली पानी के चक्कर में उनमें थोड़ी शर्म हो तो डूब कर मर जाएँ या गुलामी की मानसिकता में ही जमीर बेचकर जीते होंगे, यह है केजरीवाल के माननीय।”


अरे भाई कॉमन मैन अब इतनी सी बात के लिए विश्वव्यापी जीवनदायिनी ‘फ्री बिजली-पानी परियोजना’ को काहे कोस रहे हो। फ्री वाले पानी से ही तो एवेंजर्स वाले थॉर के हथौड़े को बिजली मिलती है। एलियन के हमले से अब तक हम केजरीवाल जी की फ्री बिजली पानी वाली योजना की वजह से ही बचे हैं।

अंत में, अमानतुल्लाह खान के एक मरियल से फॉलोवर के ट्वीट का पोस्टमार्टम ‘Mr Asim sir’ नाम का यूज़र अमानतुल्लाह के ट्वीट का समर्थन करते हुए लिखता है, “Absolutely right sir.’


इस पर हम इतना ही कहना चाहेंगे कि ऊँट के रेगिस्तान में सूसू करने से बाढ़ नहीं आती, पर उसके पीछे चलने वालों के लिए एक टाइम के एनर्जी ड्रिंक का इंतज़ाम जरूर हो जाता है। ही इज़ आ कॉम्प्लान ब्वॉय।



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