तालिबानी आतंक के बीच भारत आएँगे अफगान सेना प्रमुख: NSA अजीत डोभाल से करेंगे मुलाकात

21 जुलाई, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
27-30 जुलाई के दौरान भारत यात्रा पर होंगे अहमदजई

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबानी आतंक के बीच अगले सप्ताह अफ़ग़ानिस्तान के सेना प्रमुख जनरल वली मोहम्मद अहमदजई (Gen Wali Mohammad Ahmadzai) भारत आ रहे हैं। तीन दिन की यात्रा के दौरान अफ़ग़ान सेना के प्रमुख जनरल वली मोहम्‍मद अहमदजई भारत में अपने समकक्ष जनरल एमएम नरवणे और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिलेंगे।

हालाँकि, दोनों देशों के प्रमुखों के बीच यह मुलाकात कई महीने पहले निर्धारित की गई थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी भारत यात्रा में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबानी आतंक के खिलाफ सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श प्रमुख मुद्दा होगा।

मंगलवार (20 जुलाई, 2021) को काबुल में राष्ट्रपति अशरफ गनी के आवास पर रॉकेट से हमला हुआ। इस हमले की जिम्‍मेदारी ISIS ने ली है, लेकिन इसे अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते तालिबान के बढ़ते प्रभाव का ही नतीजा बताया जा रहा है।

पिछले महीने राष्ट्रपति अशरफ गनी ने जनरल यासीन जिया की जगह जनरल वली मोहम्मद अहमदजई को नया सेनाध्यक्ष नियुक्त किया था। जब से अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी शुरू की है तभी से तालिबान लड़ाकों और अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षाबलों के बीच युद्ध शुरू हो गया है।

27-30 जुलाई के दौरान अहमदजई की यात्रा में दोनों पक्षों के मध्य अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा स्थिति का आँकलन और प्रशिक्षण के साथ ही दोनों देशों के सैन्य सहयोग पर बातचीत होगी।

वहीं, उम्मीदों के विपरीत, सूत्रों का कहना है कि अफ़ग़ान पक्ष द्वारा इस यात्रा के दौरान सैन्य समर्थन जैसे मुद्दों को उठाने की उम्मीद नहीं है।


उल्लेखनीय है कि भारत अफ़ग़ान सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लगभग 300 अफ़ग़ान कैडेट वर्तमान में भारत में प्रशिक्षण ले रहे हैं और अहमदजई के कुछ कैडेटों से मिलने के लिए पुणे की यात्रा करने की उम्मीद है, जहाँ नेशनल डिफेंस एकेडमी है।

भारत घायल अफ़ग़ान सैन्यकर्मियों के उपचार में भी भूमिका निभा रहा है, जिनमें से कई का देशभर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने युद्धग्रस्त देश को कम से कम पाँच सैन्य हेलीकॉप्टर प्रदान किए हैं, जो उनकी वायुसेना को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं। साथ ही, अफ़ग़ानिस्तान सोवियत काल के हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान बनाने में भारत की सहायता माँग रहा है जो अभी तक उड़ान भरने की स्थिति में नहीं थे।

दरअसल, मॉस्को के ख़िलाफ़ पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण अफ़ग़ानिस्तान विमान और हेलीकॉप्टर के लिए कल-पुर्जे हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है।



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