बाबर रोड नहीं, 5 अगस्त मार्ग: दिल्ली में ऐतिहासिक तारीख के नाम पर लगा नया साइन बोर्ड

05 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
स्वामी उमेशानन्द जी महाराज ने बाबर रोड के साइनबोर्ड पर '5 अगस्त मार्ग' लिख दिया

भारत के इतिहास में 5 अगस्त का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। 1528 से लेकर 2020 तक 492 साल के इतिहास में ये सुनहरा दिन 9 नवंबर, 2019 को 5 जजों की संवैधानिक बेंच द्वारा मन्दिर के पक्ष में सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद आया जब मन्दिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया।

आज 5 अगस्त है, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के भूमि पूजन की वर्षगाँठ। इस मौके पर स्वामी उमेशानन्द महाराज ने अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुँचकर बाबर रोड के साइनबोर्ड पर क्रॉस का निशान भी लगाते हुए ‘5 अगस्त रोड’ का पोस्टर चस्पा कर दिया।


उनका कहना है कि एक विदेशी आक्रांता बाबर के नाम पर रोड नहीं होनी चाहिए, इसलिए बाबर रोड का नामकरण ‘5 अगस्त मार्ग’ करना उचित होगा क्योंकि बाबर ने अयोध्या में भगवान राम के जिस मंदिर को तोड़ा था और उस पर बाबरी मस्जिद बनाई थी।

माना जाता है मुगल शासक बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर बाकी ने अयोध्या में प्राचीन राम मंदिर को गिराकर उस पर मस्जिद का निर्माण किया था जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था। इस मस्जिद का निर्माण मीर बाकी ने अपने बादशाह बाबर के नाम पर किया था।

बाबर 1526 में भारत आया एक आक्रांता था। 1528 तक उसका साम्राज्य अवध (वर्तमान अयोध्या) तक पहुँच गया था। इसके बाद करीब तीन सदियों तक बाबर के क्रियाकलापों और इतिहास की जानकरी किसी को भी पता नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में हज़ारों हिन्दू मन्दिर बाबर के आदेश पर ध्वस्त किए गए।

babri

हिंदू पक्ष के मुताबिक, वर्ष 1528 में मुगल बादशाह बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने मंदिर गिराकर बाबरी मस्जिद खड़ी की थी जिसे 6 दिसंबर, 1992 को हजारों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुँचकर ढहा दिया था और इसी जगह पर एक अस्थाई राम मंदिर बना दिया।

आज़ादी के बाद तत्कालीन सेकुलर सरकार ने एक समुदाय को खुश करने के लिए के लुटेरे और बलात्कारी तथा सैकड़ों हत्याओं के दोषी बाबर के नाम पर सड़कों का नाम रखा था, जिनमें से एक ‘बाबर रोड’ नई दिल्ली के बंगाली मार्केट इलाके में स्थित है और राजधानी का मशहूर बाजार भी है।

गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मन्दिर का शिलान्यास किया था। रामजन्मभूमि-बाबरी विवाद के समय भी बार बार ये मुद्दा उठता था कि बाबर, जो कि एक आक्रांता था और जिसने सैकड़ो हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त कर उन पर मस्जिदें बना दी थी, उसके नाम पर सड़कों का नाम क्यों रखा गया है?

लम्बे समय से यह माँग चल रही है कि बाबर रोड का नाम बदला जाना चाहिए। पिछले साल भाजपा नेता विजय गोयल ने भी बाबर रोड के साइन बोर्ड पर बाबर का नाम हटाकर ‘5 अगस्त मार्ग’ का साइनबोर्ड लगा दिया था। बाबर रोड का नाम बदलने के किए उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को खत भी लिखा था।

vijay goyal

गोयल ने पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास करने जा रहे हैं और इस अवसर पर बाबर रोड का नाम भी बदला जाए तो अच्छा रहेगा। इसी माँग को लेकर आज स्वामी उमेशा नंद महाराज जी ने बाबर रोड मिटाकर बोर्ड के ऊपर ऐतिहासिक तारीख़ 5 अगस्त मार्ग लिख दिया।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब देश की राजधानी दिल्ली में किसी रोड का नाम बदले जाने की माँग की जा रही है। इससे पहले दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदला गया था। तत्कालीन सांसद महेश गिरि की माँग पर 28 अगस्त, 2015 को नई दिल्ली नगर निगम ने औरंगजेब रोड का नाम बदल कर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम रोड कर दिया था।

इस साल भूमि पूजन की वर्षगाँठ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रहेंगे। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘गरीब कल्याण अन्न योजना’ की शुरुआत करेंगे और उत्तर प्रदेश के कुछ लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5 अगस्त से राशन वितरण शुरू किया जाएगा और इसी दिन अन्न महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। पीएम मोदी ने ट्वीट करके बताया है कि इस योजना से करीब 15 करोड़ लोगों को फायदा पहुँचा है।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:

ताज़ा समाचार