बकरीद: बरेली की बकरा मंडी में चली गोली, एक घायल

20 जुलाई, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
बरेली में बकरा मंडी में चली गोली (प्रतीकात्मक चित्र)

बकरीद की तारीख नजदीक आते ही शहर से लेकर गाँव तक देशभर में बकरा मंडियाँ सज रही हैं। बरेली में सजी ऐसी ही एक बकरा मंडी में ग्राहक और व्यापारी में विवाद के दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति घायल हो गया है।

इस बार 21 जुलाई को बकरीद मनाए जाने की तैयारियाँ चल रही हैं, जिसके चलते बकरा मंडियों मे खरीदारों की भी खासी भीड़ जुट रही है। खरीदारी के दौरान बाजारों में ग्राहकों और बकरा व्यापारियों के बीच विवाद भी सामने आने लगे है। ऐसे ही एक मामले में उत्तर प्रदेश के बरेली में बकरा बाज़ार में गोली चल गई।

जानकारी के अनुसार बरेली के बारादरी में मोहल्ला सैलानी में बकरा बाज़ार सजा है। सोमवार रात करीब 1 बजे, बकरा बाजार में खरीदारी को लेकर व्यापारी और ग्राहकों में विवाद हो गया। विवाद के बाद एक पक्ष ने गोली चला दी, जिसमें कटरा चाँद खाँ निवासी 50 वर्षीय मोहम्मद आरिफ को गोली लग गई।

गोली चलने की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और पूछताछ की। पुलिस ने आनन फानन में गोली लगने से घायल मोहम्मद आरिफ को निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। पुलिस विवाद की वजह और गोली चलाने वाले के बारे में पता कर रही है।

बता दें कि बरेली के बरेली सैलानी और कुतुबखाना प्रदेश में बकरे की बिक्री की बड़ी मंडियाँ हैं। बकरा बाजारों में ईद-उल-अजहा के लिए खरीदारी करने वालों की खासी भीड़ भी रहती है।

पिछले साल पुलिस ने सैलानी के बाजार में कोरोना संक्रमण को देखते हुए बकरों का बाजार नहीं लगने दिया था। बाजार में बिक्री की उम्मीद में बकरे लेकर आए व्यापारियों को पुलिस ने सख्ती से लौटा दिया था, लेकिन इस वर्ष पिछले साल की तरह सख्ती नहीं है, जिसके चलते कोविड नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर बकरा बाजार सज रहे हैं।

बाजारों में उमड़ रही भारी भीड़

ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर जानवर की कुर्बानी कराना इस्लाम में वाजिब है। कुर्बानी का जानवर पहले से खरीद कर ईद-उल-अजहा तक उसे खिला-पिलाया जाता है और फिर उसकी ईद पर कुर्बानी दी जाती है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते ग्राहकों ने पिछले साल ऑनलाइन बकरों की जम कर खरीद की थी। लेकिन प्रतिबन्धों में छूट के चलते इस बार लोग लोग फिर से बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।

इस दौरान न तो बकरा बाज़ार के अधिकांश विक्रेता और न ही ग्राहक मास्क पहन रहे हैं। बाजारों में खुलेआम कोरोना गाइडलाइन की धज़्ज़ियाँ उड़ाई जा रही हैं। ऐसे भीड़-भाड़ वाले बाजार न केवल सरकार द्वारा जारी किए गए सर्कुलर का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि कोरोना विपदा में ऐसी लापरवाही बेहद भयावह साबित हो सकती है।

इस्लाम मे कुर्बानी ‘हराम’: शिराज कुरैशी

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वकील और पशु अधिकार कार्यकर्ता शिराज कुरैशी ने कहा है कि इस्लाम में जानवरों के साथ क्रूरता करना हराम माना गया है।

कुरैशी ने नई दिल्ली के इमाम हाफिज सबरीन और जामिया मिलिया इस्लामिया के एक प्रसिद्ध इस्लामी और फारसी विद्वान के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बकरीद के एक दिन पहले ये बात कहीं।

बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी पर कुरैशी ने कहा कि बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता, उन्हें प्रजनन करने से बाधित करना, उनकी हत्या करना, परिवहन और अपने फायदे के लिए उनको बंधक बनाना और उनका माँस खाना इस्लाम में हराम है।





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