बांग्लादेश: अल्पसंख्यक हिन्दुओं के गाँव पर कट्टरपंथियों ने हमला कर तोड़े 10 मंदिर और 58 घर

08 अगस्त, 2021
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर एक और हमला

बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू एक बार पुनः भीषण जिहादी हमले का शिकार हुए हैं। इस बार पूरे गाँव में जिहादियों के समूह ने हिंसा फैलाई। एक के बाद एक, कई घरों में अंधा-धुंध तोड़फोड़ की गई। गायों तक को भी लूट लिया गया। 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की दयनीय स्थिति विश्व से छिपी नहीं है। हिन्दुओं पर बांग्लादेश के बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय द्वारा एक और हमला किया गया। गत 2 महीनों में ऐसी कई वारदातें सामने आई हैं, जिनमें कई मंदिर तोड़े गए हैं और साथ के साथ घरों में भी लूटपाट की गई है। इस बार की घटना बांग्लादेश के खुलना जिले के मल्लिकपारा यूनियन के शियाली गाँव की है।

समाचार आया कि 8 अगस्त की सुबह करीब पाँच बजे कट्टरपंथियों के एक समूह ने गाँव पर हमला बोल दिया। उन्होंने गाँव में एक के बाद एक, कई हिन्दुओं के घरों में भीषण तोड़फोड़ की। घरों का कीमती सामान लूट लिया गया और बहुत सा सामान तोड़ दिया गया। कई टिन के घरों को तो लाठी और बाँस का प्रयोग कर ध्वस्त करने का भी प्रयास किया गया।

मंदिरों में तोड़फोड़ 

खबरों के मुताबिक, मटुआ समुदाय के दुर्गा मंदिर, काली मंदिर और हरिचंद-गुरुचंद मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिए गया। गाँव के करीब 10 मंदिरों पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हमला किया। इनमें से 4 मंदिर सार्वजनिक मंदिर हैं एवं बाकी निजी मंदिर हैं।





ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रत्येक मंदिर की मूर्तियों के चिन्हित करके सिर तोड़े गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्लामी कट्टरपंथी उपद्रव के बाद सुबह ही गाँव छोड़कर भाग गए हैं। बाद में जब उन्होंने देखा तो बहुत से हिंदुओं के खेत-खलिहानों में गायें भी नहीं थीं। इससे यह भी सामने आया कि गायों को भी लूट लिया गया है।




पूरी घटना के बाद बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत के एक प्रतिनिधिमंडल ने गाँव का दौरा भी किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बात की एवं सांत्वनाएँ दीं। पूरे मामले पर राष्ट्रीय हिंदू महागठबंधन के महासचिव श्री गोविंदा प्रमाणिक ने कहा:

“बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसी कोई चीज नहीं है। सरकार कट्टरपंथी ताकतों को नियंत्रित करने में विफल रही है। नतीजा यह है कि बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू लाचार अवस्था में अपने दिन बिताने को मजबूर हो रहे हैं।”

पहले भी हुए हैं हमले 

बता दें कि बांग्लादेश में मई माह के अंत में भी दो मंदिरों को निशाना बनाया गया था। 30 मई, 2021 को दो अलग-अलग जगहों पर इन वारदातों को अंजाम दिया गया। पहली घटना आगामारा गाँव की थी, जहाँ माँ काली की प्रतिमा एवं मंदिर को भी खंडित किया गया। वहीं दूसरी घटना भुक्तापुर गाँव से सामने आई जहाँ माँ सरस्वती मंदिर पर हमला किया गया।

इसके उपरांत 2 जून, 2021 को भी मंदिर में होने वाले भजन कीर्तन पर कट्टरपंथियों ने हमला किया था और मंदिर में तोड़फोड़ मचाई थी। 

इसके कुछ दिनों बाद 20 जून, 2021 को पीरगंज उप जिले के तेतुलतला गाँव में माँ काली की प्रतिमा एवं कई धार्मिक चरणों को खंडित कर दिया गया था।



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