बांग्लादेश: मंदिर, घर तोड़ने वाली मजहबी भीड़ में शामिल थे 100 से अधिक दंगाई, 10 गिरफ्तार

10 अगस्त, 2021
बांग्लादेश में 100 से अधिक कट्टरपंथियों ने घरों और मंदिरों में जमकर तोड़फोड़ की

बांग्लादेश के खुलना ज़िले में बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी की एक भीड़ ने लगभग 10 मंदिर और 50 से अधिक हिंदुओं के घरों पर भीषण हमला किया। मौलवियों के उकसाने पर हुए इस हमले में मंदिरों की कई प्रतिमाएँ खंडित कर दी गईं एवं घरों में भी भारी तोड़फोड़ मचाई गई। मामले को लेकर पुलिस ने फिलहाल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के मंदिरों और घरों पर हमला अब कोई नया विषय नहीं रह गया है। आए दिन बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों से कई ऐसी घटनाएँ सामने आती रही हैं। कभी हिंदुओं के मंदिरों और देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ तोड़ी जाती हैं, तो कभी पूरी की पूरी हिंदू बस्तियों को ही इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया जाता है। पिछले 3 महीनों में ऐसी ढेरों घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें चिन्हित कर मंदिरों की प्रतिमाओं को खंडित किया गया।

बांग्लादेश के खुलना ज़िले के शियाली गाँव में 7 अगस्त, 2021 को कट्टरपंथियों की एक उग्र भीड़ ने हिंदुओं के कई मंदिरों को चिन्हित करके निशाना बनाया। इसमें लगभग 4 बड़े एवं 6 छोटे मंदिरों में तोड़फोड़ की गई।

इन मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं को भी खंडित किया गया। इसके साथ-साथ हिंदुओं के लगभग 58 घरों और दुकानों को भी निशाना बनाया गया। इस उग्र भीड़ में लोगों ने मवेशियों तक को नहीं छोड़ा एवं गाय-भैंसों को भी लूट लिया गया।



स्थानीय लोगों का कहना है कि कट्टरपंथियों की भीड़ में तकरीबन 100 से अधिक लोग मौजूद थे। इनके पास विभिन्न हथियार भी थे। 

लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात में कुछ महिलाएँ शियाली महाशमशान की ओर कीर्तन के लिए जा रही थीं। रास्ते में पड़ने वाली एक मस्जिद के इमाम ने महिलाओं को कीर्तन करने से रोका, जिसके बाद विवाद हो गया। इसी का बदला लेने के लिए अगले दिन लगभग 100 लोगों की भीड़ ने शियाली गाँव पर हमला कर दिया।

हमले में दुर्गा मंदिर, मोहाशोषन मंदिर, गोविंदा मंदिर एवं हरि मंदिर को खंडित किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हमले के पीछे पास के ही शेखपुरा बामनदंगा एवं छदपुर क्षेत्र के लोग शामिल थे।



पुलिस ने 10 आरोपित धरे 

मामले को लेकर पुलिस ने अब तक करीब 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम शरीफुल इस्लाम, सम्राट मुल्लाह, मंजुरुल इस्लाम, शरिफुल इस्लाम शेख़, राणा शेख़, मोमिनुल इस्लाम, अकरम फखीर, सोहैल शेख़, शमीम शेख़, जमील बिस्वास हैं।

पुलिस का कहना है कि अब मामला काबू में है एवं आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। खुलना के एसपी महबूब हसन ने कहा के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल लगा दिया गया है एवं वे स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अब परिस्थिति नियंत्रण में है।

पहले भी हुए हैं हमले 

बता दें कि बांग्लादेश में मई माह के अंत में भी दो मंदिरों को निशाना बनाया गया था। 30 मई, 2021 को दो अलग-अलग जगहों पर इन वारदातों को अंजाम दिया गया। पहली घटना आगामारा गाँव की थी, जहाँ माँ काली की प्रतिमा एवं मंदिर को भी खंडित किया गया। वहीं दूसरी घटना भुक्तापुर गाँव से सामने आई जहाँ माँ सरस्वती मंदिर पर हमला किया गया।

इसके उपरांत 2 जून, 2021 को भी मंदिर में होने वाले भजन कीर्तन पर कट्टरपंथियों ने हमला किया था और मंदिर में तोड़फोड़ मचाई थी। 

इसके कुछ दिनों बाद 20 जून, 2021 को पीरगंज उप जिले के तेतुलतला गाँव में माँ काली की प्रतिमा एवं कई धार्मिक चरणों को खंडित कर दिया गया था।



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