बांग्लादेश: शिव मंदिर पर हमला कर तोड़ी मूर्तियाँ, 18 साल का शकील गिरफ्तार

18 अगस्त, 2021
बांग्लादेश में 18 वर्षीय युवक ने किया शिव मंदिर पर हमला

बांग्लादेश में एक और हिंदू मंदिर को मजहबी कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया गया। इस बार नोआखाली जिले के एक शिव मंदिर पर दूसरे मजहब के एक व्यक्ति द्वारा हमला किया गया, जिसमें उसने मंदिर की प्रतिमा को भी खंडित कर दिया। 

पाकिस्तान में लगभग समाप्त किए जा चुके हिंदू मंदिरों के बाद अब दूसरे पड़ोसी इस्लामी मुल्क बांग्लादेश में भी मंदिरों पर लगातार हमले जारी हैं। पिछले एक माह में बांग्लादेश में लगभग बीसियों मंदिर क्षतिग्रस्त किए जा चुके हैं एवं कई हिंदुओं की बस्तियों पर कट्टरपंथियों द्वारा हमले तक किए गए हैं।

बांग्लादेश के नोआखाली ज़िले के बेगमगंज उपज़िले में 18 वर्षीय मोसलेह उद्दीन (Mosleh Uddin) उर्फ़ शकील ने सोमवार (16 अगस्त, 2021) को क्षेत्र के एक शिव मंदिर पर हमला कर, प्रतिमा को खंडित कर दिया।

यह कृत्य करते हुए शकील को स्थानीय लोगों द्वारा रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पकड़े जाने के बाद शकील ने चीख-पुकार मचा कर भागने का प्रयास किया, परंतु लोगों ने उसे धर दबोचा। इसके उपरांत लोगों ने शकील को पुलिस के हवाले कर दिया।


बता दें कि बांग्लादेश में लगभग हर दिन ही इस प्रकार मंदिरों पर हमलों के मामले सामने आते हैं, जिसमें प्रशासन कुछ खास कार्रवाई तक नहीं करता है। इसी कारण स्थानीय लोगों ने एकत्रित होकर सुधरम थाने के प्रमुख मोहम्मद शाहिद उद्दीन से वार्ता कर गिरफ्तार किए गए युवक को कड़ी सज़ा देने की माँग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास है और इसी कारण दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

मोसलेह उद्दीन उर्फ़ शकील

हिंदू छात्र परिषद नामक अल्पसंख्यक हिंदुओं के एक संगठन के ज़िलाध्यक्ष शुभ देबनाथ ने भी पुलिस से इस विषय में वार्ता की। उन्होंने कहा कि पुलिस युवक को ‘मानसिक रूप से विक्षिप्त’ बताकर रिहा न करे क्योंकि क्षेत्र में पहले भी ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जब अपराधी अपने पूरे होशो-हवास में इस प्रकार के कुकृत्यों को अंजाम देता है।

ऐसे मामलों में अक्सर उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त बताकर रिहा कर दिया जाता है। संगठन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस प्रकार की घटनाएँ न हों, इस पर भी वे कड़ी नजर रखेंगे।

महीनेभर में बीसियों मंदिर क्षतिग्रस्त

बता दें कि बांग्लादेश में अब इस प्रकार अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार के मामले लगभग हर सप्ताह सामने आते ही रहते हैं। सोमवार (9 अगस्त, 2021) को ज़िला बोगुरा के शेरपुर ज़िले में एक मंदिर पर हमला किया गया था, जिसमें माँ काली की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया था।

इससे पहले 8 अगस्त की सुबह कट्टरपंथियों के एक समूह ने मल्लिकपारा यूनियन के सियाली गाँव पर हमला कर दिया था। इसमें लगभग 10 मंदिरों को क्षतिग्रस्त किया गया और चिन्हित कर प्रतिमाओं के सिर तोड़े गए। इस हमले में अल्पसंख्यक हिंदुओं के 58 घरों में भी तोड़फोड़ मचाई गई थी।

गत माह 2 जून, 2021 को पीरगंज उपज़िले में आने वाले तेतुलतला गाँव में भी श्मशान काली के मंदिर पर आक्रमण किया गया। यहाँ भी माँ काली की मूर्तियों को खंडित किया गया, इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।



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