पहले कॉन्ग्रेस से, फिर ममता से वसूला पैसा: किसान यूनियन ने राकेश टिकैत पर लगाए 'आंदोलन बेचने' के आरोप

18 जून, 2021
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष ने लगाया राकेश टिकैत पर कॉन्ग्रेस-तृणमूल से पैसा लेने का आरोप

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कथित किसान नेता राकेश टिकैत पर किसान आंदोलन को ‘बेचने’ का आरोप लगाया है। भानु प्रताप ने टिकैत पर कई राजनीतिक दलों से मिलकर पैसा लेने और आंदोलन को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। 

तथाकथित अन्नदाताओं का आंदोलन पिछले साल नवम्बर माह से जारी है। केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन विभिन्न कालखंडों पर विभिन्न स्वरूप ले चुका है।

कभी उपद्रव तो कभी महिलाओं के साथ यौन शोषण जैसे अपराधों को अंजाम देने के बाद इस आंदोलन पर अब कुछ नए भ्रष्टाचार के भी दाग लगे हैं। इस बार यह आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं अपितु भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष ने लगाए हैं।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार (17 जून, 2021) को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत पर राजनीतिक दलों से पैसा लेने का आरोप लगाया। भानु प्रताप ने टिकैत पर कॉन्ग्रेस तथा तृणमूल कॉन्ग्रेस से पैसा लेने की बात कही। भानु प्रताप ने कहा:

“राकेश टिकैत और उनके साथियों का हमेशा से यही काम रहा है। आंदोलन को बेचना और अपना पेट भरना। वह यहाँ (दिल्ली क्षेत्र में) आंदोलन कर रहे थे तब कॉन्ग्रेस की फंडिंग चल रही थी, फिर वह बंगाल में ममता बनर्जी से पैसे लेने गए थे।”

प्रताप ने आगे यह भी कहा कि किसान आंदोलन अब राकेश टिकैत के हाथ में है और अब वह धन वसूली कर रहे हैं, जो पहले कॉन्ग्रेस से वसूला और अब तृणमूल की शरण में चले गए हैं। 


बता दें कि कुछ समय पूर्व राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने किसानों के लिए नई कृषि योजनाओं को लेकर चर्चा करने की बात कही थी। टिकैत ने ममता से यह भी कहा था कि देश का विपक्ष बहुत कमज़ोर है। 

बलात्कार, हत्या और अब भ्रष्टाचार

कथित किसान आंदोलन अपराधों का नया अड्डा बन कर उभर रहा है। अब तक लगभग आईपीसी की सभी प्रमुख धाराएँ किसान आंदोलन के किसी न किसी मामले में लगी ही चुकी हैं।

कुछ समय पूर्व आंदोलन में एक पश्चिम बंगाल की महिला के साथ बलात्कार तक किया गया तो वहीं बृहस्पतिवार को ही एक व्यक्ति की ज़िंदा जलाकर हत्या कर दी गई। कुछ दिनों पहले इस आंदोलन से पुलिस वालों पर हमला किए जाने का भी समाचार आया था।



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