बिहार: 4 लोगों की हत्या कर नक्सली आतंकियों ने गाँव के किसानों को दी फसल न काटने की धमकी

17 दिसम्बर, 2021 By: DoPolitics स्टाफ़
बिहार के गया ज़िले में नक्सलियों ने चार लोगों को मार डाला और गाँव वालों को धान न काटने की भी धमकी दी है

बिहार के गया ज़िले में नक्सलियों को लेकर फैली दहशत का एक ताजा मामला सामने आया है। यहाँ पहले गाँव की 4 लोगों की हत्या कर दी गई, जिसके बाद स्थानीय गाँव वालों को इस बात को लेकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया गया है कि वे अपने धान की कटाई न करें। 

जहाँ एक ओर बिहार सरकार ये दावे करती देखी जा सकती है कि अब राज्य से जंगलराज और अपराध लगभग समाप्त हो चुका है वहीं बिहार के ही गया ज़िले के स्थानीय लोग डर की स्थिति में जीने को मजबूर हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए एक गाँव वाले ने गाँव की स्थिति बताई और लोगों के दहशत भरे जीवन से अवगत कराया।

बिहार के गया ज़िले में आने वाले इस छोटे से गाँव में नक्सलियों द्वारा बेहद आतंक मचाया जा रहा है। यह गाँव डुमरिया थानाक्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहाँ लगभग एक माह पूर्व तो भाइयों और उनकी पत्नियों की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी।


इसके बाद स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल बना दिया गया और अब वे खेती करने भी नहीं जा रहे हैं क्योंकि उन्हें नक्सलियों द्वारा धमकी की दी गई है कि कोई धान की कटाई नहीं करेगा। नक्सलियों ने गाँव वालों को कार्रवाई को लेकर भी यह धमकी दी है कि उन्हें जिसके पास जाकर शिकायत करनी है कर सकते हैं। 

मौतों के बाद दहशत में स्थानीय लोग 

मीडिया से बातचीत करते हुए एक गाँव वाले ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 50-60 गोलियाँ चलने की आवाज़ सुनी और चार लोगों को नक्सलियों द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया। इस व्यक्ति ने मारे गए 2 लोगों की पहचान सतेंद्र और महेंद्र के रूप में बताई है।

इस व्यक्ति ने ने यह भी बताया कि गाँव ज़्यादा बड़ा नहीं है और इस गाँव में केवल 10-20 घर हैं। घटना के बाद गाँव की स्थिति के विषय में इस व्यक्ति ने बताया कि उन चारों लोगों की हत्या के बाद उनके आसपास के लोग में यहाँ नहीं रह रहे हैं और मृतकों का धान भी खेतों में यूँ ही पड़ा है। उसे काटने पर पाबंदी लगाई गई है।

मीडिया से बातचीत करने वाला यह व्यक्ति भी खासा भयभीत था और उसने केवल इतना बताया कि पूरे गाँव को धमकी मिली है कि कोई अपना धान नहीं काट सकता और इसी कारण स्थानीय लोग डरे हुए हैं।



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