दिवाली में बाजार ने किया ₹1.25 लाख करोड़ का कारोबार, 10 साल में रिकॉर्ड बिक्री: CAIT

06 नवम्बर, 2021
इस साल दिवाली की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders/CAIT) ने शुक्रवार (5 नवम्बर, 2021) कहा कि इस साल दिवाली के त्योहार ने ₹1.25 लाख करोड़ का कारोबार किया। खास बात यह है कि यह कारोबार पिछले 10 वर्षों में एक रिकॉर्ड आँकड़ा है।

लगभग 7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली व्यापारिक संस्था का कहना है कि लोग बाजारों में उमड़ पड़े जिससे व्यवसायों को मदद मिली और निकट भविष्य में बेहतर व्यावसायिक संभावनाओं की उम्मीद फिर जागी है। कोरोनो वायरस (कोविड -19) महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के चलते पिछले दो सालों में बाजारों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था।

सीआईएटी ने दीवाली के मौसम के दौरान व्यापार की सभी शाखाओं में लगभग ₹1 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया था। उपभोक्ताओं के खर्च करने के तरीकों से संस्थान ने यह अनुमान लगाया था कि साल के अंत तक लगभग ₹3 लाख करोड़ का निवेश हो पाएगा। दिवाली के बाद इन आँकड़ों ने कोविड काल के दौरान बाजारों में आई सुस्ती को दूर कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, CAIT ने कहा कि दिवाली के त्योहार में लोगों ने बाजारों में भीड़ लगा दी और ₹1.25 लाख करोड़ का बड़ा कारोबार करने में मदद की, जो दिवाली के अवसर पर पिछले 10 वर्षों में रिकॉर्ड व्यापार आँकड़ा है। अकेले दिल्ली में यह कारोबार करीब ₹25,000 करोड़ का रहा।

CAIT ने अपने एक बयान में कहा, “पिछले दो वर्षों के अंतराल के बाद इस साल दिल्ली सहित देशभर में दिवाली का त्योहार नया उत्साह और ताजगी लेकर आया है, जिसे इस तथ्य से अच्छी तरह महसूस किया जा सकता है कि पिछले एक हफ्ते से देशभर के बाजारों में उपभोक्ताओं की भीड़ जबरदस्त है और ऐसा प्रतीत होता है कि वे अपनी दो साल की खरीदारी के फासले को पूरा कर रहे हैं।”

CAIT के अनुसार पारंपरिक दिवाली की सामग्री, जैसे- मिट्टी के दीपक, पेपर लैंप, मोमबत्तियाँ आदि की अत्यधिक माँग होने के कारण भारतीय कारीगरों का अच्छा व्यापार हुआ। इसके आलावा घर की सजावटी सामान, मिठाईयाँ, कपड़े, जूते, घड़ियाँ और खिलौने जैसे अन्य उत्पादों की भी बड़ी माँग रही।

इसके अलावा, आभूषणों में ​​सोने के आभूषणों और चाँदी के आभूषणों और बर्तनों की इस दीपावली में ₹9,000 करोड़ की बिक्री हुई। इसके अतिरिक्त इस साल ₹15,000 करोड़ की पैकेजिंग वस्तुओं की बिक्री हुई।



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