LAC पर चीन ने तैनात किया अत्याधुनिक और बेहद घातक MLRS रॉकेट सिस्टम

11 मई, 2021
चीन ने इसे तिब्‍बत के पठारी इलाके में भारतीय सीमा के पास तैनात किया है।

चीन प्रदत्त कोरोना से जूझ रहे भारत के लिए चीन ने सीमा पर एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी  (PLA) की शिनजियांँग मिलिट्री कमांड से जुड़ी एक गुप्त इकाई ने एक अत्याधुनिक मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम को ‘ऊँचाई वाले पठार’ में तैनात किया है, जो किसी भी इलाके में पल भर में तबाही मचाने में सक्षम है।

चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की खबर के अनुसार, चीन ने एक गुप्त यूनिट हाल ही में 5200 मीटर की ऊँचाई वाले पठार में तैनात की थी। चीन ने इस यूनिट के पुराने तोपखाने में अत्याधुनिक और लम्बी दूरी का PHL-03 मिसाइल सिस्टम तैनात कर दिया है। ये डिजिटल कम्प्यूटर संचालित प्रणाली से लैस सिस्टम जटिल इलाकों में अत्यधिक सटीकता से लक्ष्य को भेद सकता है।

लम्बी दूरी तक मार करने वाला यह रॉकेट लॉन्‍चर सिस्टम (MLRS) 800 क‍िलो के रॉकेट दागने में सक्षम हैं और इसकी मारक क्षमता 130 क‍िमी बताई जा रही है। यह कुछ ही सेकंड में एक बड़े क्षेत्र को नष्ट करने में सक्षम है।

चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि ये अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम भारत के खिलाफ तैनात किया गया है क्योंकि भारत ने हाल के दिनों में सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश की थी जो अंततः एक घातक टकराव के बाद लंबे समय तक सीमा गतिरोध का कारण बनी थी।

सीमा पर रॉकेटों की नवीनतम तैनाती को चीनी पीएलए द्वारा भारत को धमकी के रूप में देखा जा रहा है। आर्टिलरी सिस्टम विशेष रूप से ऊँचाई वाले इलाकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। PHL-03 लगभग 70-130 की दूरी तक में क्षेत्र को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर सकता है। सीमा पर इसकी तैनाती के साथ ही चीन के यूनिट ऑपरेटरों ने PHL-03 का प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया।

इस यूनिट के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई थी सिवाय इसके कि यह एक ऊँचाई वाले पठार पर तैनात है। 5200 मीटर से अधिक ऊँचाई वाला यह ‘पठार’ तिब्बत की ओर इशारा करता है जो वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब है और भारत तथा चीन को विभाजित करने वाली वास्तविक सीमा है। यह वही इलाका है, जहाँ पर गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच भीषण संघर्ष हुआ था।

क्या भारत के पास भी है ऐसी तकनीक

विशेषज्ञों का दावा है कि भारतीय सेना के पास भी ऐसी प्रणाली है। ऐसा दावा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वर्ष 2018 में समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने बताया था कि भारतीय सेना ने रूसी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नई BM-30 Smerch मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का परीक्षण किया, जिसमें फायरिंग के बाद दिशा बदलने की भी सुविधा है।

BM-30 Smerch मल्टीपल रॉकेट सिस्टम हैं, जिनमें से प्रत्येक में 06 लॉन्च पैड हैं। 2012 से, भारत की आयुध निर्माणी बोर्ड ने इस प्रणाली के लिए कई रॉकेट वेरिएंट तैयार किए हैं जिनकी स्ट्राइक रेंज 70 से 90 किमी है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि DRDO ऐसे रॉकेटों पर भी काम कर रहा है, जिनमें रूसी Smerch रॉकेटों से कहीं अधिक रेंज है। इसका मतलब यह हो सकता है कि भारतीय सेना ने चीनी PHL-03 के समान Smerch के नए संस्करणों का भी परीक्षण कर लिया हो।

भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक स्वदेशी MLRS भी विकसित किया है जो सटीक-निर्देशित मिसाइल को लॉन्च करने में सक्षम है। इस प्रणाली को ‘पिनाका एमके-द्वितीय'(Mk-2) कहा जाता है। Mk-II की सीमा लगभग 60-80 किलोमीटर है।



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