स्वतंत्रता दिवस से पूर्व श्रीनगर के लाल चौक पर लहराया तिरंगा

07 अगस्त, 2021
श्रीनगर का लाल चौक

कश्मीर के श्रीनगर (Srinagar) के बहुचर्चित लाल चौक (Lal Chowk) को तिरंगे की रोशनी से जगमग कर दिया गया। यह आने वाले स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के शुभ अवसर को ध्यान में रखते हुए किया गया।

जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 और 35A हटने के बाद से ही राज्य में कई ऐसी गतिविधियाँ देखने को मिली हैं, जिन्हें स्वतंत्रता से अब तक गत 70 वर्षों में स्मरण करना भी कठिन था। जहाँ एक ओर राज्य में भारतीय सेना आतंकवाद को जड़ से मिटाने की राह पर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर कश्मीरी युवाओं के दिमाग में कट्टरपंथी नेताओं द्वारा भरे गए अलगाववादी विचारों को भी धीरे-धीरे निरस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

राष्ट्रवादी सोच का उदय

कश्मीर की राजधानी श्रीनगर का लाल चौक राज्य का अहम हिस्सा एवं शहर का केंद्र बिंदु माना जाता है। राज्य में विरोध से लेकर राजनीति और हर प्रकार का आंदोलन इसी जगह से प्रारम्भ होता है।

इस जगह का इतना महत्त्व होने के कारण ही यहाँ 6 अगस्त, 2021 के दिन लाइट्स के माध्यम से तिरंगा बना कर राज्य में आने वाले 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर को मनाने की तैयारियाँ की गईं। 


इस अवसर पर कश्मीर के मेयर जुनैद अज़ीम मट्टू ने यह जानकारी ट्विटर पर तस्वीर के साथ साझा की और उन्होंने लिखा:

“हमने स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल चौक स्थित घंटाघर को तिरंगे के रंग से रोशन किया है।”

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि घंटाघर पर नई घड़ियाँ भी लगवाई गयी हैं और श्रीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन की इस बात के लिए सराहना भी की।

बता दें कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी भाजपा कश्मीर और खासकर लाल चौक को लेकर लम्बी कालावधी से मुखर रही है। वर्ष 1992 में भाजपा के मुरली मनोहर जोशी और पार्टी के तत्कालीन युवा कार्यकर्ता के रूप में नरेंद्र मोदी ने श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराया था।   


ट्विटर पर प्रतिक्रियाएँ 

इस अवसर पर पूरे देश की जनता खासी उत्साहित दिखी और विभिन्न लोगों ने ट्विटर पर अपनी अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। लोगों ने 10 वर्ष पुराने लाल चौक और आज के लाल चौक की तस्वीर साझा करते हुए भी प्रतिक्रियाएँ दीं। 


लोगों ने कहा कि यह आर्टिकल 370 निरस्त करने के कारण ही हो पाया है। कश्मीर सदा से भारत का अविभाज्य अंग था और रहेगा, फिर चाहें इससे कथित लिबरल गिरोह को कितनी ही पीड़ा क्यों न होती रहे। 


लोगों ने इस बदलाव को समय के बदलाव का भी नाम दिया और लिखा कि जिस लाल चौक पर लोगों को तिरंगा फहराने के लिए गिरफ्तार किया जाता था, आज उसी जगह पर तिरंगा लहरा रहा है। 


बता दें कि वर्ष 2017 में कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बयान में कहा था कि अगर कश्मीर से आर्टिकल 35A हटाया गया या उससे छेड़छाड़ भी की गई तो राज्य में तिरंगे को कंधा देने वाला भी कोई नहीं मिलगी। देखने वाली बात यह है कि आज कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटे 2 वर्ष पूरे हो चुके हैं, और राज्य में तिरंगा लहरा भी रहा है। 



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