बंगाल: ममता के भतीजे को थप्पड़ मारने वाले BJP कार्यकर्ता देबाशीष की हत्या, हाई-वे पर मिली लाश

18 जून, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
भाजपा कार्यकर्ता देबाशीष की हत्या कर उन्हें हाई-वे पर फेंक दिया गया

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं के दौर में एक और भाजपा कार्यकर्ता को मौत के घात उतार दिया गया है। इस भाजपा समर्थक के शव को हाई-वे पर फेंक दिया गया था। शव को देखकर प्रतीत होता है कि व्यक्ति को पीट-पीटकर मारा गया होगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को डेढ़ महीने से अधिक बीत चुका है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी एवं संघ स्वयंसेवकों की हत्याओं का दौर बदस्तूर जारी है। बंगाल से आए दिन किसी ना किसी भाजपा कार्यकर्ता या स्वयंसेवक की मृत्यु का समाचार आना अब आम सी बात हो गई है। 

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले से भी बृहस्पतिवार (17 जून, 2021) को इसी प्रकार का एक समाचार आया। भाजपा कार्यकर्ता देबाशीष आचार्य का शव NH-41 पर सोनापाटिया मोर टोल प्लाजा के पास पड़ा मिला। देबाशीष तमलुक क्षेत्र का रहने वाला था। जब देबाशीष को उठाकर अस्पताल ले जाया गया तो अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया।

डू-पॉलिटिक्स को मिली जानकारी के अनुसार, चाँदीपुर क्षेत्र की इस घटना में स्थानीय लोग बताते हैं कि देबाशीष के सर और शरीर के बाकी हिस्सों पर कई घावों के निशान मिले थे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि उसे बेसुध होने तक कई लोगों द्वारा मारा गया होगा जिसके बाद होश न रहने के बाद हाई-वे के किनारे फेंक कर चले गए होंगे।

देबाशीष भाजपा नेता शुभेंदु के करीबी माने जाते थे और उनके कई कार्यक्रमों में देबाशीष एक जाना-पहचाना चेहरा थे। मृतक देबाशीष के करीबी दोस्त कनिष्क पांडा ने कहा कि देबाशीष भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे और उसे जानबूझ कर मारा गया।

पश्चिम बंगाल पुलिस संपूर्ण मामले को सड़क दुर्घटना का नाम देकर रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है। इसी कारण स्थानीय लोग संपूर्ण मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। 

ममता के भतीजे अभिषेक को जड़ा था थप्पड़

बता दें कि मृत व्यक्ति देबाशीष ने वर्ष 2015 में पूर्व मेदिनीपुर के चाँदपुर क्षेत्र में चल रहे एक राजनीतिक समारोह के दौरान तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद एवं ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को मंच पर चढ़कर थप्पड़ मार दिया था।

उस समय तृणमूल के कार्यकर्ताओं द्वारा मौके पर ही देबाशीष की लाठियों और कुर्सियों से पिटाई की गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।


उस समय ही एक तृणमूल नेता ने धमकी भरे स्वर में कहा था, “अभी तो कुछ नहीं हुआ, वह आदमी अभी भी ज़िंदा है।” इस घटना के बाद देबाशीष पर आईपीसी की धारा 307, 447 तथा 323 के तहत शिकायत दर्ज हुई थी।

कई क्षेत्रों में मचाया गया है तृणमूल समर्थकों द्वारा उपद्रव

बंगाल में विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद से तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर हिंदुओं को यातनाएँ देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। 

कहीं संघ स्वयंसेवकों की मॉब लिंचिंग, तो कहीं हिंदू भाइयों की निर्मम हत्या। कई क्षेत्रों से महिलाओं के साथ दुष्कर्म के भी मामले सामने आए। इस सब के बीच पहले दिन से सरकार एवं प्रशासन मौन, हाथ पर हाथ धरे बैठा है। तृणमूल सरकार चुनावों के बाद हुई किसी भी प्रकार की हिंसा को नकार रही है। 



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