लाल किला उपद्रव: हिंसा में मुख्य आरोपित दीप सिद्धू को कोर्ट ने दी जमानत

17 अप्रैल, 2021
लाल किला हिंसा में मुख्य आरोपित दीप सिद्धू को कोर्ट ने दी जमानत

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में शनिवार (अप्रैल 17, 2021) को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभिनेता से एक्टिविस्ट बने दीप सिद्धू को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी है।

सिद्धू के वकील ने अदालत से कहा था कि सिर्फ उनकी मौजूदगी उन्हें अराजक भीड़ का हिस्सा नहीं बनाती है। उन्होंने सिद्धू का पक्ष रखते हुए कहा कि वह एक ईमानदार नागरिक थे जो विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी वकील ने दावा किया था कि सिद्धू ने हिंसा भड़काने और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के इरादे से विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

अंतिम सुनवाई के दौरान, दीप सिद्धू ने अदालत के समक्ष कहा था कि उन्होंने 26 जनवरी को लाल किले पर जाने के लिए आंदोलनकारी किसानों को नहीं कहा था। सिद्धू ने यह भी कहा कि किसान नेताओं द्वारा विरोध का आह्वान किया गया था और वह किसान यूनियन के सदस्य नहीं हैं।

दीप सिद्धू के वकील ने अदालत में कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सिद्धू ने भीड़ जुटाई थी। पंजाबी अभिनेता ने कहा कि वो हिंसा के किसी भी कृत्य में शामिल नहीं थे।

8 अप्रैल को जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सिद्धू ने अपने वकील के माध्यम से स्वीकार किया था कि उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट करने की भूल की थी लेकिन यह अपराध नहीं था।

सिद्धू ने कहा, “मैंने अभी एक वीडियो पोस्ट किया था, वह मेरी गलती थी। हर गलती अपराध नहीं है। मीडिया ने मुझे मुख्य आरोपित के रूप में पेश किया क्योंकि मैंने एक वीडियो पोस्ट किया था। मुझे मीडिया द्वारा मुख्य साजिशकर्ता बताया गया। मुझे नहीं पता कि क्यों?”

उल्लेखनीय है कि सिद्धू को फरवरी माह में गणतंत्र दिवस पर हुई लाल किला हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। भीड़ को उकसाने के मामले में वह वांटेड अपराधी था।

इस घटना में प्रदर्शनकारी किसानों ने 26 जनवरी को एक ट्रैक्टर मार्च निकालने का आह्वान किया था। उन्हें दिल्ली पुलिस ने जिस मार्ग से जाने की अनुमति दी थी, उन्होंने उसकी अवहेलना की और लाल किले पर हमला बोल दिया। इस दौरान कथित किसानों ने जमकर उपद्रव किया गया और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का भी अपमान किया गया।



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