दिवाली के पटाखों से होता है प्रदूषण: केजरीवाल ने उपयोग, भंडारण पर की पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा

15 सितम्बर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
इस साल भी दिवाली पर नहीं फोड़ पाएँगे पटाखे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने त्योहारों के अवसर से ठीक पहले दिल्ली वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इस मामले पर उन्हें लोगों से नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ भी मिल रही हैं। केजरीवाल ने दिवाली के त्योहार से ठीक पहले पटाखों के भंडारण, उपयोग और बिक्री तक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

केजरीवाल का कहना है कि देश की राजधानी दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। दिल्ली में होने वाले भारी प्रदूषण के विभिन्न कारण हैं, जैसे भारी आबादी के कारण सड़कों में भारी मात्रा में गाड़ियाँ, आसपास के राज्यों द्वारा एक विशेष समय पर जलाई जाने वाली पराली एवं इसमें सबसे महत्वपूर्ण कारण दिल्ली की भौगोलिक स्थिति भी है।

विभिन्न नेताओं द्वारा अलग-अलग अवसरों पर इस समस्या को केवल दिवाली पर फोड़े जाने वाले पटाखों तक सीमित कर दिया जाता है, जिसके कारण पहले भी कई बार विवाद हुआ है।

इसी मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (15 सितंबर, 2021) को एक निर्णय सामने रखा। इसमें उन्होंने आने वाले त्योहारों से पहले ही दिल्ली की जनता के लिए एक संदेश दिया है।

केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए दिल्ली में पटाखों के हर प्रकार के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण की स्थिति का नाम लेते हुए यह निर्णय लिया और कहा कि इससे लोगों की ज़िन्दगी बचाई जा सकेगी।


कई वर्षों से है बिक्री प्रतिबंधित

बता दें कि पिछले कई वर्षों से दिल्ली में दिवाली के समय पटाखों की बिक्री पर विवाद खड़ा होता रहा है एवं त्योहार के आस-पास आते ही बिक्री पर प्रतिबंध भी लगा दिया जाता है।


इस मामले में भी केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि निर्णय देरी से लेने के कारण कई व्यापारी पटाखों का भंडारण कर लेते हैं, जिससे उनका नुकसान होता है। इसी कारण वे इस बार पहले ही यह निर्णय पास कर रहे हैं ताकि व्यापारियों को परेशानी न हो। उन्होंने अपने ट्वीट में व्यापारियों से अपील भी की कि वे का पटाखों का भंडारण न करें।

बता दें कि इन मामलों को लेकर कई बार कई पक्ष न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा चुके हैं, जिसमें कई ऐसे तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं जिनमें यह सिद्ध होता है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में इस समय पर बढ़ने वाले प्रदूषण के स्तर का कारण केवल दिवाली पर फूटने वाले पटाख़े ही नहीं है, परंतु निरंतर साल दर साल विभिन्न पार्टियों द्वारा इसी समय पटाखों और पटाखा विक्रेताओं को निशाना बनाया जाता है।



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