EXCLUSIVE: रोहिंग्या को AAP सरकार दे रही शरण, क़ब्ज़ा छुड़ाने गए UP के अफसरों को दी धमकी

14 जून, 2021 By: संजय राजपूत
रोहिंग्याओं के कब्जे के विरोध में उत्तर प्रदेश के अफसरों से भिड़े केजरीवाल के अफसर

दिल्ली स्थित सरिता विहार में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए रोहिंग्याओं से जमीन खाली कराने पहुँचे अफसरों को दिल्ली सरकार के अधिकारियों द्वारा धमकाए जाने का मामला सामने आया है।

सिंचाई विभाग के एसडीओ ने सरिता विहार एसडीएम पर रोहिंग्याओं को यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर योजनाबद्ध तरीके से जबरन कब्जा करवाने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश की सुरक्षा के खतरनाक बताए गए अवैध रोहिंग्याओं से वोट बैंक के लालच में दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा अवैध कब्जा करवा करवा लिया गया। सिर्फ इतना ही नहीं, केजरीवाल के अधिकारी और नेता जमीन खाली कराने पहुँचे उत्तर प्रदेश के अफसरों को धमका भी रहे हैं।

दिल्ली सरकार कितनी बेशर्मी से इन अवैध रोहिंग्याओं की पनाहगाह बनी हुई है, यह रविवार को तब देखने को मिला जब यूपी सिंचाई विभाग की टीम अवैध कब्जे वाली सिंचाई विभाग की जमीन पर तारबंदी करने पहुँची।


बता दें कि दिल्लीके मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज में यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर वर्षों से कब्जा जमाए अवैध रोहिंग्याओं की बस्ती में शनिवार (12 जून, 2021) की रात आग लग गई थी।

सूचना मिलने पर अगले ही दिन यूपी सिंचाई विभाग, आगरा कैनाल के एसडीओ एनपी सिंह अपनी टीम के साथ यहाँ पर तारबंदी करने पहुँचे थे। वहाँ पहले से ही मौजूद आम आदमी पार्टी नेताओं ने ऐसा करने पर यूपी सिंचाई विभाग की टीम को धमकाया।

एसडीओ एनपी सिंह ने कहा कि तारबंदी से रोकते हुए उनके और उनकी टीम के साथ दिल्ली सरकार के अफसरों ने बदतमीजी की। दिल्ली सरकार के अफसरों ने रोहिंग्या को वहीं बसाने की धमकी देते हुए दिल्ली पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स बुला ली। एसडीएम प्रवीण कुमार के आदेश पर वहाँ मौजूद पुलिस ने उनकी टीम को वहाँ से जबरन हटा दिया।

सिंचाई विभाग के एसडीओ ने लगाए गम्भीर आरोप

एसडीओ एनपी सिंह ने मौके पर ही एसडीएम प्रवीण कुमार से कहा कि पत्राचार और मीटिंग में जब भी रोहिंग्याओं को लेकर बात होती है तो AAP सरकार सरकारी जमीन न खाली कराने का आरोप सिंचाई विभाग के अफसरों पर डाल देते हैं।

उन्होंने कहा कि आज जब यूपी सिंचाई विभाग की टीम जमीन खाली करा रही है, तो केजरीवाल सरकार अफसरों की मदद करने की बजाय जबरन रोहिंग्याओं को कब्जा दिला रही है। उन्होंने एसडीएम प्रवीण कुमार से कहा कि ‘आप यहाँ मेरी हत्या करवाना चाहते हो’।

एनपी सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें सरिता विहार एसडीएम प्रवीण कुमार ने जमीन खाली कराने और तारबंदी से रोकते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवाने की धमकी भी दी।

एमपी सिंह के आरोप के अनुसार, एसडीएम प्रवीण कुमार ने उनसे कहा कि रोहिंग्या जिस जगह पर थे, उन्हें फिर से वहीं पर बसाया जाएगा। एसडीएम ने रोहिंग्याओं का पक्ष लेते हुए कहा कि मैं देखता हूँ, रोहिंग्या को यहाँ बसाने से कौन रोकता है।


मौके पर मौजूद आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने इस जमीन पर रोहिंग्याओं के लिए पक्के मकान बनवाने की बात भी की और इसके लिए धरना प्रदर्शन करने की धमकी भी दी।

डू-पॉलिटिक्स के पास मौजूद घटना के वीडियो में आम आदमी पार्टी समर्थकों की भीड़ और दिल्ली सरकार के अफसर, यूपी सिंचाई विभाग के अफसरों को धमकाते हुए साफ देखे जा सकते हैं।

इस बारे में जब एसडीएम प्रवीण कुमार से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल का जवाब ही नहीं दिया। एनपी सिंह का मोबाईल काफी देर तक व्यस्त बताता रहा और उनसे निरंतर संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों अधिकारियों से बात कर कर उनका पक्ष जानने का प्रयास हमारी टीम कर रही है।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है जमीन

दिल्ली की सीमा में यमुना खादर में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कुल 1007 हेक्टेयर जमीन है। ये जमीनें ओखला, जसोला, मदनपुर खादर, आली, सैदाबाद, जैतपुर, मोलरवंद और खुरेजी खास में हैं।

इसमें से 51.66 एकड़ जमीन पर साजिश के तहत केजरीवाल सरकार और दिल्ली के अफसरों के संरक्षण में अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों ने कब्जा कर रखा है।


उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किए इन रोहिंग्या मुस्लिमों को केजरीवाल सरकार द्वारा सभी सरकारी सुविधाएँ दी जा रही हैं। आरोप है कि AAP विधायक अमानतुल्लाह ख़ान ने अपने लैटर-हेड के जरिए इन सभी का आधार कार्ड बनवाया और इन्हें यहाँ बसाया।

योगी सरकार ने कुछ समय के लिए दी थी जमीन

गौरतलब है कि इसी वर्ष, मार्च के माह योगी सरकार ने घोषणा की थी कि वो उत्तर प्रदेश सरकार की इस जमीन पर रोहिंग्याओं के अवैध कब्जे को हटाने जा रही है।

कुछ वर्ष पूर्व, जकात फाउंडेशन की जमीन पर रोहिंग्या बस गए थे। इसके बाद, अप्रैल, 2018 में इनकी बस्ती में भीषण आग लग गई थी।

आग लगने के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अपनी जमीन पर रहने की इजाजत दे दी थी, लेकिन तब यह तय किया गया था कि इसे जल्द ही खाली कर दिया जाएगा।

हालाँकि, तीन साल बीत जाने के बाद भी स्थानीय AAP विधायक अमानतुल्ला खान के समर्थन से रोहिंग्याओं ने जमीन पर बस्तियाँ बनाना शुरू कर दिया।

विभिन्न अपराधों और चोरियों में लिप्त हैं रोहिंग्या कब्जेदार

स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि इस अवैध बस्ती में बसे रोहिंग्या मुस्लिम गाँजा, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री में भी लिप्त हैं। वोट बैंक के लालच में दिल्ली सरकार की पनाह में ये लोग न सिर्फ खुलेआम बिजली और पानी की चोरी करते हैं, बल्कि अवैध रूप से जमीन से पानी निकालने के लिए बोरिंग भी करवा रखी है।

लॉकडाउन के दौरान आम आदमी पार्टी नेताओं की तरफ से इनको बराबर राशन-भोजन सहित अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं, जबकि इसके पास ही बसी अन्य बस्तियों के गरीब मजदूर लॉकडाउन में दो वक्त की रोटी के लिए भी तरसते रहे। इनका सबसे बड़ा मददगार AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को माना जाता है।



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