चोरी के ऑटो से मारी गई जज को टक्कर, चालक गिरफ्तार: SC ने झारखंड से माँगी रिपोर्ट

30 जुलाई, 2021
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद साफ हुआ कि हत्या चोरी के ऑटो से की गई

धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की कथित ‘हत्या’ मामले में धनबाद से सटे गिरिडीह जिला पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने जज को टक्कर मारने वाले ऑटो चालक और उसके दो सहयोगियों को गिरिडीह से गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपित जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह 12 नंबर के रहने वाले हैं। इसके साथ ही पुलिस ने वो ऑटो भी बरामद कर लिया है, जिससे जज को टक्कर मारी गई थी। आरोपितों को धनबाद पुलिस अपने साथ ले गई है।

बता दें कि न्यायाधीश उत्तम आनंद ने 6 महीने पहले ही धनबाद के न्यायाधीश के रूप पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वह बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। 28 जुलाई को प्रतिदिन की तरह तड़के 5 बजे जज उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक के लिए अपने आवास से निकले थे।


इसी दौरान रणधीर वर्मा चौक के आगे न्यू जज कॉलोनी मोड़ पर एक ऑटो उन्हें टक्कर मार कर फरार हो गया था। सड़क पर तड़पता देख पवन पांडे नामक एक राहगीर ने उन्हें घायल अवस्था में देख पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में इलाज के दौरान जज की मृत्यु हो गई। इधर सुबह सात बजे तक जब वह आवास पर वापस नहीं लौटे तो उनके चिंतित परिजनों ने इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दे दी। सूचना मिलने के बाद विभाग में हलचल मच गई और जज उत्तम की तलाश शुरू हो गई। अस्पताल में लावारिस शव होने की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल पहुँची।

सीसीटीवी फुटेज आने पहले माना जा रहा था ‘सड़क दुर्घटना

अस्पताल में जज के बॉडीगार्ड ने उनके शव की पहचान की। शुरु में इस हादसे को महज एक सड़क दुर्घटना ही समझा जा रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज आने के बाद मामला पेचीदा हो गया। फुटेज में एक ऑटो उन्हें जानबूझ कर टक्कर मारता दिख रहा है। सीसीटीवी का फुटेज किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।


सीसीटीवी फुटेज में जज उत्तम आनंद सड़क के बाईं ओर किनारे जॉगिंग करते हुए दिख रहे हैं। तभी पीछे से सड़क पर सीधा चलता एक ऑटो आता नज़र आता है, जिसमें आगे दो लोग बैठे नज़र आ रहे हैं। ऑटो अचानक सड़क पर बाईं ओर मुड़ता है और सड़क किनारे जॉगिंग कर रहे न्यायाधीश को टक्कर मार कर बिना रुके तेजी से निकल जाता है।

चोरी के ऑटो से मारी गई थी टक्कर

अब यह बात धीरे-धीरे साफ होती जा रही है कि धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत कोई सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। ऑटो चालक और उसके साथियों सहित ऑटो की बरामदगी के बाद खुलासा हुआ है कि ऑटो को हादसे से महज दो घण्टे पहले चोरी किया गया था।

Auto- Dhanbad

जज को टक्कर मारने के लिए प्रयोग किया गया ऑटो पाथरडीह की रहने वाली सुगनी देवी का है। सुगनी के अनुसार सुबह साढ़े 3 बजे जब वो बाहर निकली तो देखा ऑटो घर के सामने से चोरी हो चुका है। उन्होंने तत्काल ही पुलिस को ऑटो चोरी होने की सूचना दे दी थी।

चर्चित मर्डर केस की कर रहे थे सुनवाई

जिला एवं सत्र न्यायाधीश कई चर्चित मामलों की सुनवाई कर रहे थे, उनमें से एक झारखंड के बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड भी था। रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे।

कुछ दिन पहले ही जज उत्तम आनंद ने शूटर अभिनव सिंह और अमन के गुर्गे रवि ठाकुर की जमानत याचिका खारिज की थी। सीसीटीवी फुटेज जज की हत्या की ओर साफ इशारा कर रही है और इस बात की आशंका पुख्ता होती जा रही है कि उनकी हत्या के तार रंजय सिंह हत्याकांड से जुड़े हो सकते हैं।

काफी चर्चित होते जा रहे इस हत्याकांड से चौकन्ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने धनबाद डीसी एवं धनबाद पुलिस को ट्वीट कर इस मामले में उच्च स्तरीय जाँच समिति बनाकर इस घटना की जाँच कर एक सप्ताह के अंदर जाँच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

झारखंड उच्च न्यायालय के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान

जिला जज उत्तम आनंद की मौत पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन ने स्वत: संज्ञान लिया था। मुख्य न्यायाधीश ने आदेश जारी कर एसएसपी धनबाद कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहने को कहा था।


मामले का उल्लेख सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी किया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट न यह कहते हुए घटना की जाँच करने से इनकार कर दिया था कि झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पहले से ही इस मामले को देख रहे हैं।

हालाँकि, सीसीटीवी फुटेज आने के बाद आज (30 जुलाई, 2021) एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों और न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है।

CJI एनवी रमन्नाऔर जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष मामला सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें शुक्रवार को झारखंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को एक सप्ताह के भीतर न्यायाधीश आनंद की मौत की जाँच पर एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।



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