केंद्र ने WhatsApp को फटकार लगा कर कोर्ट से की याचिका रद्द करने की अपील

23 अक्टूबर, 2021
WhatsApp द्वारा दायर याचिका में नए आईटी नियमों को चुनौती दी गई है

वर्ष 2021 के फरवरी माह में आए नए आईटी नियमों (IT Rules) का विरोध करते हुए मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप (WhatsApp) ने केंद्र सरकार के विरुद्ध दिल्ली उच्च न्यायालय में आईटी नियमों को खारिज करने के लिए एक अर्ज़ी डाली थी। WhatsApp ने दिल्ली हाईकोर्ट से इसे असंवैधानिक करार देने की माँग की है।

केंद्र सरकार द्वारा इसे चुनौती देते हुए न्यायालय में इसका विरोध किया गया है और सरकार द्वारा व्हाट्सऐप को फटकार भी लगाई गई है। सरकार ने कहा कि व्हाट्सऐप एक विदेशी व्यावसायिक कंपनी है और इसका भारत में व्यवसाय का कोई स्थान नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि व्हाट्सऐप अपने ग्राहकों की जानकारी के प्रचार के व्यवसाय में लगी हुई है।

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लाए गए नए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर के बाद अब फेसबुक द्वारा चलाई जाने वाली कंपनी व्हाट्सऐप पर नकेल कसी जा रही है। इससे पहले केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच भी नए आईटी नियमों को लेकर एक लंबी खींचतान चली थी।

व्हाट्सऐप द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में नए आईटी नियमों को चुनौती दी गई। इस मामले में व्हाट्सऐप ने याचिका दायर करके इन्हें खारिज करने की माँग की थी और यह कारण दिया था कि नए नियम ग्राहकों की निजता का हनन हैं। इसके साथ ही कंपनी ने इन नियमों को असंवैधानिक करार दिया था। 

न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और ज्योति सिंह की एक पीठ ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस मामले में नोटिस भेजकर जवाब माँगा था।

सरकार द्वारा अब इस विषय में व्हाट्सऐप की याचिका का विरोध किया गया है और केंद्र सरकार ने इसे खारिज करने की माँग करते हुए कहा:

“व्हाट्सऐप एक विदेशी व्यावसायिक कंपनी है और इसका भारत में व्यवसाय का कोई स्थान नहीं है। ये अपने ग्राहकों की जानकारी के प्रचार का व्यवसाय करने में लगी हुई है।”

सुरक्षा कारणों से महत्वपूर्ण है नई नियमावली 

बता दें कि सरकार द्वारा नई आईटी नियमों में फेसबुक और व्हाट्सऐप समेत कई मैसेजिंग एप्स के लिए यह नियम बनाए गए थे कि इन्हें यह पता लगाना आवश्यक होगा कि कोई भी मैसेज पहली बार किसी को किसने भेजा है। इसी नियम का फेसबुक और व्हाट्सऐप द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है।

व्हाट्सऐप द्वारा इस मामले में कई तर्क रखे गए जैसे कंपनी ने कहा कि उनके प्लेटफार्म पर कई डॉक्टर और मरीज एवं वकील और उनके ग्राहकों के बीच ऐसी गोपनीय बातें होती हैं जिनका संरक्षण करना कंपनी का उत्तरदायित्व है। ऐसे में व्हाट्सऐप अपने ग्राहकों के लिए यह भरोसा बरकरार रखना चाहता है कि उनकी बातें किसी तीसरे तक नहीं पहुँच रही हैं।

केंद्र सरकार ने इसके पीछे तर्क दिया है कि नए आईटी नियमों के सेक्शन 87 के तहत किसी भी मैसेज के असली स्रोत यानी (Source Of Information) के विषय में कंपनी को जानकारी होनी चाहिए। इससे देश में फेक न्यूज़ और कई अफवाहें फैलने से रोकी जा सकेंगी।

इससे कई अन्य गतिविधियों पर भी लगाम लग सकेगा जो देश हित में नहीं हैं। सरकार ने इस कानून को देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भी महत्वपूर्ण बताया है।



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