UP: धम्म यात्रा निकाल रहे बौद्धों ने मंदिर पर लहराया अपना झंडा, पत्थरबाजी के बाद बवाल

20 अक्टूबर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
फर्रुखाबाद में बौद्ध और सनातन धर्म के लोगों के बीच विवाद

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद ज़िले में एक मंदिर पर झंडा लगाने को लेकर दो गुटों के बीच में भारी विवाद हो गया। इसमें दोनों समूहों के बीच एक-दूसरे पर पत्थर तक चले। पुलिस ने दोनों समूहों को समझा-बुझा कर फिलहाल मामले को शांत किया है।

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद ज़िले में बुधवार (20 अक्टूबर, 2021) को कुछ बौद्ध धर्म के मानने वालों द्वारा निकाली जा रही धम्म यात्रा में बवाल हो गया। इस यात्रा के दौरान भक्तों ने माँ विशारी देवी मंदिर के स्तूप पर चढ़कर पंचशील ध्वज लहराया गया। इसके कारण सनातनी धर्म के अनुयायी नाराज़ हो गए।

क्षेत्र के सनातनियों का यह कहना है कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने मंदिर पर हमला किया और तोड़फोड़ की। साथ ही उन्होंने सनातन धर्म का ध्वज भी निकाल कर फेंक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस यात्रा में भाजपा के विधायक सुशील शाक्य भी शामिल थे।


इसी के चलते दोनों गुटों के बीच पहले नारेबाज़ी प्रारम्भ हो गई। इस छोटे से विवाद ने बाद में भीषण रूप ले लिया और सुबह 10-10:30 बजे तक मामला इतना गंभीर हो गया कि दोनों गुट एक दूसरे पर पत्थरबाजी करने लगे।

पत्थरबाजी के साथ-साथ दोनों समूहों में मारपीट में प्रारंभ हो गई। विवाद के बीच विधायक और बौद्ध समाज के लोग जान बचाकर निकल गए। क्षेत्र में पुलिसबल कम होने के कारण पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही।

दो घंटे तक बवाल के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और विवाद को शांत कराया गया। लोगों का कहना है कि अगर मौके पर उचित मात्रा में पुलिस बल होता और बैरिकेडिंग की गई होती तो विवाद न होता।

दोनों धर्म के लोग करते हैं दावा 

बता दें कि जिस स्थान पर यह बौद्ध स्तूप स्थित है, उसी के ऊपर माँ विसारी देवी और बजरंगबली का मंदिर है। इसमें सनातनियों की आस्था है। सनातन धर्मी इसे अपना बताते हैं, जबकि बौद्ध धर्म के लोग कहते हैं कि यहाँ उनके भगवान बुद्ध ने उपदेश दिए थे। इसी वजह से यह यह स्थान उनका है।

फिलहाल यह विवाद न्यायालय में भी विचाराधीन है। हर वर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र में धम्म यात्रा निकाली जाती है। पहले बौद्ध धर्म के लोग पूजा अर्चना करते हैं और बाद में सनातन धर्म के लोग यहाँ माँ विसारी देवी को खीर का भोग लगाते हैं। 



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