दिवाली नहीं, 'जश्न-ए-रिवाज': जानिए क्यों हो रही है Fabindia के बहिष्कार की माँग

18 अक्टूबर, 2021
दिवाली के त्योहार का 'मुगलीकरण' कर फँस गया Fabindia

कपड़े, आभूषणों और अन्य घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी फैब इंडिया (Fabindia) ने ट्विटर पर एक आपत्तिजनक ट्वीट करके अपने लिए नकारात्मक माहौल बना लिया है। फैब इंडिया ने दिवाली के त्योहार का ‘मुगलीकरण’ करते हुए उसे ‘जश्न-ए-रिवाज़’ का नाम दिया, जिसके बाद वो लोगों के निशाने पर आ गया है।

कई मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा ‘प्रगतिशीलता’ अपनाने के बाद भारत के कई ब्रांड भी ‘प्रगतिशील’ दिखने के चक्कर में हिन्दू-घृणा का प्रदर्शन करते रहते हैं। पहले भी कई तनिष्क जैसे ब्रांड अपने हिन्दू विरोधी कृत्यों के कारण लोगों के विरोध का शिकार बने थे। इस बार फैब इंडिया ने ऐसे ही एक कृत्य को दोहराने का कार्य किया है। 

दरअसल फैब इंडिया ने 9 अक्टूबर, 2021 को दिवाली के त्योहार के नाम पर अपने कपड़ों के कलेक्शन के विषय में बताते हुए ट्वीट किया। इस ट्वीट में फैब इंडिया ने दिवाली को दिवाली न बताकर ‘जश्न-ए-रिवाज़’ लिखा। इसके बाद लोगों ने इस पर टिप्पणी और ब्रांड की आलोचना प्रारंभ कर दी।


भाजपा सांसद ने साधा निशाना 

सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मामले में फैब इंडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि दिवाली जश्न-ए-रिवाज़ नहीं है। उन्होंने आगे लिखा:

“यह हिंदू त्योहारों के अब्राह्मीकरण करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है और पारंपरिक हिंदू परिधानों के बिना मॉडल का चित्रण किए जाने को लेकर भी बात होनी चाहिए।”

सूर्या ने आगे यह भी लिखा कि फैब इंडिया जैसे ब्रांड को जानबूझकर इस प्रकार का दुस्साहस करने के लिए आर्थिक स्थिति पर कीमत चुकानी पड़ेगी।


दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि यह फैब इंडिया का बहिष्कार करने का समय है और ये लोग हमारे पैसे के लायक नहीं हैं।

जनता का भारी विरोध 

हालाँकि Fabindia द्वारा अपने ट्वीट को जल्द ही डिलीट कर दिया गया परंतु ट्विटर पर #BoycottFabIndia का ट्रेंड चल रहा है और लोग इस ब्रांड की भारी आलोचना करने के साथ-साथ इसका बहिष्कार करने की भी माँग कर रहे हैं।




लोगों ने विरोध करते हुए ट्वीट किए जिसमें उन्होंने लिखा कि पहले मान्यवर, तनिष्क और अब फैब इंडिया, यह केवल एक संयोग नहीं हो सकता। यह हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए कोई आतंकवादी संगठनों द्वारा जानबूझकर किया जा रहा है। लोगों ने यह भी लिखा कि यह हमारी दिवाली है न कि जश्न-ए-रिवाज़। हमारी परंपरा आपकी व्याख्या के लिए नहीं है।

बता दें कि फैब इंडिया नामक कंपनी 1960 में स्थापित हुई थी और यह कपड़े, आभूषण और घर की ऐसी ही कई चीजों का निर्माण करती और बेचती है। इस कंपनी को जॉन बिसेल द्वारा भारत में स्थापित किया गया था और फिलहाल इसके चेयरमैन विलियम नंदा बिसेल हैं।



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