नोमान सिद्दीकी के Twitter के साथ ही चला गया Cab ड्राइवर की कहानी का रहस्य

28 अक्टूबर, 2021
नोमान सिद्दीकी ने सुनाई कैब चालक की कहानी, सवाल पूछने पर किया ट्विटर अकाउंट डिलीट

नोमान सिद्दीकी (Noman Siddique) को ट्विटर पर लोग तलाश रहे हैं। एक मनगढंत और बेहद काल्पनिक कहानी ट्विटर पर लिखने के बाद नोमान सिद्दीकी ट्विटर से गायब हो गए हैं।

गायब होने से पहले वो किसी ऐसे कैब ड्राइवर का किस्सा सुना रहे थे, जिसने उनसे उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों की कथित दुर्दशा का जिक्र किया। पूरा प्रसंग जानने के लिए लोगों ने जब पुलिस को टैग कर सच्चाई पता करने का प्रयास किया तो नोमान सिद्दीकी अकाउंट बंद कर भाग गए।

ट्विटर पर अक्सर मुस्लिम समुदाय के कैब चालकों, ऑटो चालकों द्वारा भारत में ‘डर का माहौल’ जैसी मनगढ़ंत कहानियाँ सुनाने के किस्से सोशल मीडिया पर खूब चलाए जाते हैं। कई वामपंथी एवं इस्लामी पत्रकारों द्वारा एक लंबे समय तक नेरेटिव खींचा गया था।

हाल ही में नोमान सिद्दीकी (Noman Siddique) नामक एक पूर्व एनडीटीवी कर्मचारी ने इस बार एक नए ‘कैब चालक’ की एक अलग ही कहानी प्रस्तुत की। वामपंथी और इस्लामी पत्रकार समय-समय पर विक्टिम कार्ड खेलने के लिए जाने जाते हैं।

कोई भी बड़ा विवाद होने या न होने पर भी जहाँ राणा अय्यूब और आरफा शेरवानी जैसे पत्रकारों को समय- समय एक न एक ‘मुस्लिम कैब चालक’ यह कहता अवश्य मिल जाता है कि उसे ‘हिंदुस्तान में डर लग रहा है’ या ‘मोदी सरकार आने के बाद भारतीय मुसलमान भयभीत होकर जी रहा है।’

हाल ही में एनडीटीवी के एक पूर्व कर्मचारी नोमान सिद्दीकी ने ट्विटर पर एक नई कहानी साझा की, जिसमें उनके कथित कैब चालक ने उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी।


नोमान सिद्दीकी ने ट्वीट करते हुए लिखा:

“दिल्ली में एक कैब चालक ने मेरा नाम देखा। शुक्र है कि उसने राइड कैंसिल नहीं की। उसने मुझे यह बताया कि वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वहाँ पर मुसलमानों को टाइट करके रखा गया है। आपके लोगों (मुसलमानों) को देश से पलायन कर चले जाना चाहिए, वे लोग इतनी बेज्जती क्यों सहन कर रहे हैं।

नोमान ने अपने ट्वीट में कहा कि वो इस प्रश्न का जवाब भावशून्य हो कर सोचते रह गए।

खास बात यह है कि नोमान के इस मनगढ़ंत कैब चालक के विषय में जब लोगों ने ट्विटर पर सवाल करने प्रारंभ किए थे तो नोमान ने अपना ट्वीट हटा दिया और बाद में अपना ट्विटर अकाउंट भी बंद करके मैदान छोड़ भाग खड़े हुए।


अफ़ज़ल गुरु का किया था समर्थन  

बता दें कि नोमान सिद्दीकी एनडीटीवी में काम कर चुके हैं एवं वो बरखा दत्त के सहयोगी भी रह चुके हैं। बरखा दत्त ने अपने चैनल MOJO की स्थापना के समय अपना और नोमान सिद्दीकी का नाम लिखते हुए ट्वीट किया था।

नोमान सिद्दीकी द्वारा आतंकी अफजल गुरु को लेकर भी कई टिप्पणियाँ की गई थीं। वर्ष 2013 में उन्होंने अफजल गुरु को ‘यूनिवर्सल भाईचारे और एकता का संदेश देने वाला’ बताया था।

नोमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी खासे बड़े आलोचक रहे हैं। वर्ष 2013 में ही नोमान ने नरेंद्र मोदी की तुलना गद्दाफी और जॉर्ज बुश से करते हुए उन्हें ‘कातिल’ और ‘हत्यारा’ जैसे उपनाम देते हुए ट्वीट साझा किया था।




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