वैष्णो देवी मंदिर हादसा: साजिश की आशंका की जाँच के लिए सरकार ने माँगे चश्मदीदों के बयान

03 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़

गत रविवार को वैष्णो देवी मंदिर में हुए हादसे की जाँच बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। साथ ही, प्रत्यक्षदर्शियों से अपने बयान दर्ज कराने को भी कहा है। शुरुआती रिपोर्टों से पता चल रहा है कि तीर्थयात्रियों के दो समूहों के बीच झड़प के कारण भगदड़ मच गई थी।

जम्मू कश्मीर सरकार, शनिवार को माता वैष्णो देवी धाम में हुई दुःखद दुर्घटना में सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। रविवार को संभागीय आयुक्त ने हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से कहा कि वे उन परिस्थितियों से जुड़े तथ्य और घटनाओं का क्रमवार ब्यौरा देने के लिए अपने बयान दर्ज करें। संभागीय आयुक्त, जम्मू, राघव लंगर द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है,

“कोई भी व्यक्ति जो हादसे से जुड़ा कोई तथ्य, कथन या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है, वह अपना बयान जाँच समिति के सामने दर्ज कराए। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति यदि व्यक्तिगत रूप से मिल कर हादसे से सम्बंधित जानकारी देना चाहता है, तो वह 5 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से जाँच समिति के सामने पेश हो सकता है।”

हादसे पर उठ रहे सवाल

बता दें कि शनिवार को वैष्णो देवी मंदिर श्रद्धालुओं की कथित रूप से आपसी झड़प के कारण मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 15 घायल हो गए थे। घटना की जाँच के लिए उपराज्यपाल प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।

इस बीच दो महिला पीड़ितों सहित सभी शवों को बोर्ड द्वारा प्रशासन की सहायता से उनके निवास स्थानों को भेज दिया गया है। हादसे के बाद कुछ चश्मदीदों ने कहा था कि नए साल पर माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए करीब डेढ़ लाख की संख्या में लोग दर्शन करने पहुँचे थे, लेकिन प्रशासन ने इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किए थे।

हालाँकि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रबंधन का दावा है कि महामारी को देखते हुए 31 दिसंबर को केवल 35,000 तीर्थयात्रियों को अनुमति दी गई थी। चश्मदीदों के मुताबिक मंदिर भवन के गेट नंबर-3 पर बनी चेक पोस्ट पर श्रद्धालुओं की पर्ची चेक नहीं की जा रही थी, इसी वजह से भवन परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हादसा हो गया।

कई बार श्रद्धालु मानते भी नहीं: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इन मौतों की भरपाई नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बीते दो सालों से न्यू ईयर पर काफी भीड़ हो रही है। पहले सिर्फ त्योहारों पर भीड़ जुटती थी, लेकिन नई पीढ़ी नए साल पर भी माता के दर्शनों के लिए धाम आते है।

उन्होंने कहा कि इस बार भी नए साल पर दर्शन के लिए काफी भीड़ जुटी थी। कई बार श्रद्धालु मानते भी नहीं, जिससे स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल हो गई। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि गेट नंबर-3 पर कुछ युवाओं में धक्का-मुक्की हो गई थी, जिसके बाद हालात बिगड़े।



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