दो दशक में खोए 2400 जवान: आखिरी अमेरिकी सैनिक की भी घरवापसी, तालिबान ने हवा में फायरिंग कर मनाया जश्न

31 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
आखिरी अमेरिकी सैनिक ने भी छोड़ी अफ़ग़ानिस्तान की धरती

20 साल की लंबी जंग के बाद आखिरकार अमेरिका ने अफगानिस्तान से ‘घरवापसी’ कर ली। अपना अभियान खत्म करते हुए अमेरिकी सेना के आखिरी जवान ने अफगानिस्तान की धरती छोड़ दी।

विदेशी धरती पर अमेरिका की सबसे लंबी लड़ाई आखिर खत्म हुई है। सैनिकों की वापसी की 31 अगस्त की डेडलाइन से पहले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपना आखिरी सैनिक निकाल लिया।

वॉशिंगटन में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने अमेरिकी के सबसे लंबे चले युद्ध की समाप्ति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि काबुल एयरपोर्ट से अफगानिस्तान के समय के अनुसार आधी रात से 1 मिनट पहले आखिरी अमेरिकी हवाई जहाज ने उड़ान भरी।

उन्होंने कहा कि इस आखिरी उड़ान के साथ ही अमेरिकी कार्गो विमान की वो उड़ानें भी बंद हो गई हैं, जिनके जरिए अफगानिस्तानी नागरिकों को तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान से निकाला जा रहा था।

आखिरी अमेरिकी सैनिक ने छोड़ी अफगान धरती

अफगानिस्तान की धरती से अमेरिका के आखिरी सैनिक मेजर जनरल क्रिस डॉनह्यू ने सोमवार मध्यरात्रि (30-31 अगस्त) हामिद करजई हवाईअड्डे से विमान C-17 से उड़ान भरी। इसके साथ ही अफगानिस्तान में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति पूरी तरह समाप्त हो गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी पर खुशी जताई। अमेरिकी सेना के आखिरी सैनिक की विदेशी धरती से वापसी की जानकारी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट करके दी। उन्होने लिखा:

“अमेरिकी सेना की उड़ानें पूरी हो गई हैं और हमारे सैनिक अफगानिस्तान छोड़ चुके हैं।अफगानिस्तान के साथ अमेरिकी रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।”

उन्होंने कहा, “हम अपनी कूटनाीति से आगे बढ़ेंगे, फिलहाल हमने काबुल में अपनी राजनयिक उपस्थिति समाप्त कर दी है। हमने अपने सारे ऑपरेशन दोहा (कतर) में ट्रांसफर कर दिए हैं। हम दोहा से अफगानिस्तान में अपनी कूटनीति मैनेज करेंगे।”

ब्लिंकन ने कहा, “हम संयुक्त राज्य अमेरिका और दूसरे देशों के उन सभी बहादुर पुरुषों और महिलाओं का सम्मान करते हैं, जिन्होंने अफगानिस्तान में इस लंबे मिशन का हिस्सा बनकर आज तक अपने जीवन को जोखिम में डाला या बलिदान दिया।”

हमने 2400 से ज्यादा सैनिक खोए: अमेरिकी रक्षा सचिव

एक बयान में, रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिका ने लगभग 6,000 अमेरिकियों को अफगानिस्तान से निकाला। इसके अलावा 1,23,000 से अधिक लोगों को भी निकाला, जिनमें से अधिकांश अफगान नागरिक, अमेरिका के मित्र और सहयोगी हैं।

उन्होने कहा, “हमने उस युद्ध (अफगानिस्तान में) में 2,461 सैनिकों को खो दिया, और हजारों देखे अनदेखे अन्य लोग घायल हुए। हम दुनिया भर में कहीं से भी पैदा होने वाले आतंकवादी खतरों से अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।”

मदद जारी रखेगा अमेरिका

अफगानिस्तान से निकासी के बाद अमेरिका ने कहा, “हम अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय आधार पर मदद देना जारी रखेगें। ये अफगान सरकार (तालिबान) के जरिए न होकर यूनाइटेड नेशंस जैसी किसी स्वतंत्र संस्था के जरिए की जाएगी। हमारी आशा है कि इन प्रयासों में तालिबान या किसी अन्य के द्वारा बाधा नहीं डाली जाएगी।

तालिबान ने मनाई खुशी

20 साल बाद अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान की धरती छोड़ने के बाद तालिबान ने जम कर जश्न मनाया। देर रात जब आखिरी अमेरिकी जहाज ने काबुल से उड़ान भरी तो खुशी से हवा में गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। तालिबान ने इसे सम्पूर्ण आज़ादी बताया।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार (31 अगस्त ) को कहा, ”अमेरिकी सैनिक काबुल एयरपोर्ट छोड़ चुके हैं और हमारे देश को पूर्ण आजादी मिल गई है।”

काबुल एयरपोर्ट पर तैनात एक तालिबान लड़ाके ने कहा, “आखिरी पाँच हवाई जहाज जा चुके हैं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना खुश हूँ। हमारा 20 साल का बलिदान सार्थक हो गया।”

20 साल पहले अफगानिस्तान की धरती पर उतरा था अमेरिका

साल 2001 में 11 सितंबर को अमेरिका में हुए आतंकी हमले ने अमेरिका सहित पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (World Trade Centre), पेंटागन (Pentagon) और पेंसिलवेनिया (Pennsylvania) पर क्रमवार हमले में करीब 3,000 लोग मारे गए थे।

अमेरिका में हुए इन हमलों के लिए अल कायदा के 19 आतंकियों ने चार विमान हाइजैक किए थे। इनमें से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टॉवर्स में टकरा दिया गया था जबकि तीसरे विमान से पेंटागन पर हमला किया गया। एक विमान पेंसिलवेनिया में क्रैश हो गया था।

09/11 हमला

इस हमले को 9/11 हमले के नाम से भी जाना जाता है। उस समय अमेरिका के राष्ट्रीय जॉर्ज डब्ल्यू बुश थे। हमले के लिए अल कायदा आतंकियों का नाम सामने आते ही अमेरिका ने अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की तलाश में अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया था।

उस वक्त अफगानिस्तान में सत्ता में काबिज आतंकी संगठन तालिबान को अमेरिका ने उखाड़ फेंका था और लोकतांत्रिक सरकार का गठन किया। 20 साल तक अफगानिस्तान की धरती पर रहने के बाद आखिर 30 अगस्त। 2021 की मध्यरात्रि अमेरिका का विदेशी धरती पर चला सबसे लम्बा युद्ध समाप्त हो गया।



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