IMA में बगावत: सदस्य ने पत्र लिखकर माँगा ईसाई अध्यक्ष जयालाल का इस्तीफा

04 जून, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
डॉ जितेंद्र नागर ने जयालाल पर लगे आरोपों की जाँच होने तक उनका इस्तीफ़ा माँगा है

इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन जयालाल के खिलाफ अब संस्था के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। आईएमए के एक सम्मानित सदस्य डॉ जितेंद्र नागर ने शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिख कर उनके इस्तीफे की माँग की है।

पिछले बृहस्पतिवार को लिखे एक पत्र को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करते हुए डॉक्टर नागर ने ‘ईसाई धर्मांतरण’ के प्रयास करने पर अपने संगठन के प्रमुख के इस्तीफे की माँग की है।

डॉक्टर नागर ने सोशल मीडिया पर आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर जयालाल पर लग रहे आरोपों को लेकर आईएमए को कड़ा पत्र लिखा है।

डॉ जितेंद्र नागर ने अपने पत्र में लिखा है, “मैं साक्ष्य आधारित ऐलोपैथी पर गर्व करता हूँ और अपने पूर्वजों की महान वैदिक विरासत आयुर्वेद का भी सम्मान करता हूँ। लेकिन मेरी चिंता का विषय IMA प्रमुख है, जो धर्मांतरण के अपने कटु अजेंडे का प्रचार कर रहे हैं। मैं उनके इस्तीफे की माँग करता हूँ, जब तक उन पर लग रहे आरोप गलत नहीं साबित हो जाते।”



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अपनी चिंता व्यक्त करते हुए डॉ जितेंद्र नागर ने लिखा, “आईएमए प्रमुख ईसाई धर्म परिवर्तन के कड़वे अजेंडे को प्रचारित करने में लगे हुए हैं, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए जब तक डॉ जयालाल ईसाई मिशनरी अजेंडा का प्रचार और प्रसार करने का काम कर रहे हैं।

डॉ जितेंद्र नागर ने पत्र में लिखा, “कोई व्यक्ति आईएमए जैसी संस्था के शीर्ष पर कैसे बैठा रहा सकता है, जबकि वो ईसाई धर्मांतरण के अजेंडे को बढ़ावा दे रहा है। इस तरह के आरोपों ने आईएमए की धर्मनिरपेक्ष और संप्रभु छवि को धूमिल किया है, जिसने मेरे मन में चिंता की भावना पैदा की है।”

उन्होंने लिखा, “मैं आईएमए के राष्ट्रीय अधिकारियों से अनुरोध करता हूँ कि डॉ जॉनरोज़ ऑस्टिन के खिलाफ आरोपों की जाँच के लिए एक समिति गठित करें और जब तक आरोपों की जाँच पूरी नहीं हो जाती, तब तक डॉ जयालाल को आईएमए प्रमुख का पद छोड़ देना चाहिए।”

गुजरात के बनासकांठा के दीसा के रहने वाले डॉ जितेंद्र नागर एक सम्मानित मधुमेह विशेषज्ञ और आईएमए के सदस्य हैं। वह ‘डायबिटीज स्कूल’ संस्थान के प्रमुख भी हैं। उन्होंने पिछले बृहस्पतिवार आईएमए अधिकारियों को को पत्र लिखा था, जिसे अब सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।

बता दें कि आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर जॉन ऑस्टिन जयालाल ‘आयुर्वेद बनाम ऐलोपैथ’ के मुद्दे पर रामदेव से विवाद में उलझने के बाद से सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने खुलकर आयुर्वेद, संस्कृत और भारतीय प्राचीन परंपराओं से अपनी नफरत जाहिर की।


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आईएमए प्रमुख डॉक्टर जॉनरोज़ ऑस्टिन जयालाल अपने व्यवसाय और संस्था में अपने शीर्ष पद का दुरूपयोग करते हुए ईसाई धर्म का विस्तार भी करना चाहते हैं। उनका कहना था कि कोविड-19 लोगों के बीच सुसमाचार पहुँचाने का मौका लेकर आया है। सभी को जीसस को अपना ईश्वर मान लेना चाहिए। वो जनियर डॉक्टरों और मरीजों के ईसाई धर्मांतरण के समर्थन में भी है।

इस सम्बन्ध में, लीगल राइट्स प्रोटेक्शन फोरम (LPRF) ने द्वारा गृह मंत्रालय में आईएम अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कर इंडियन मेडिकल असोसिएशन के FCRA लाइसेंस को फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट, 2010 की धारा 12(4)(f)(vi) के उल्लंघन के लिए रद्द करने की माँग और जॉन रोज ऑस्टिन जयालाल के खिलाफ आधिकारिक पद के आपराधिक दुरुपयोग और विश्वास के उल्लंघन के लिए आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया था।





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