भारत की टीकाकरण दर पर ज्ञान देने वाले पिछले सप्ताह से आँकड़ों पर बात नहीं कर रहे

27 जून, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
भारत के हफ्ते भर के टीकाकरण ने तोड़े कई देशों के 6 माह के रिकॉर्ड

भारत में कोरोनावायरस के टीकाकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हुए 5 माह पूर्ण हो चुके हैं और इन 5 महीनों में भारत द्वारा अपनी एक चौथाई आबादी को टीका लगाकर कोरोना से सुरक्षित कर दिया गया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहे तीव्र गति के टीकाकरण ने विश्व भर में कई रिकॉर्ड भी तोड़ डाले हैं।

वुहान शहर की प्रयोगशाला से निकले चीनी वायरस ने समस्त विश्व में किस स्तर का कहर बरपाया है इससे अब विश्व समूचे ढंग से परिचित हो चुका है। कई देशों द्वारा चीनी वायरस की दूसरी व तसरी लहरें भी देखी गईं हैं। भारत ने भी अप्रैल-मई 2021 में इस वायरस की दूसरी लहर को झेला। इस लहर में गत वर्ष वायरस द्वारा मचाई गई तबाही से भी कहीं अधिक हानि देखी गई।

इस सबके बीच इस वर्ष एक सकारात्मक समाचार यह था कि विश्व के कई देशों के समान ही भारत ने भी इस जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिए टीका तैयार कर लिया था। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एवं भारत बायोटेक द्वारा निर्मित टीके इस वर्ष के प्रारंभ से ही लोगों के लगने शुरू हो गए थे।

भारत की गति देख विदेशी मीडिया को सूँघा साँप 

विश्व के कई विकसित देशों की तुलना में भारत में टीकाकरण कुछ समय देरी से प्रारंभ हुआ था, परंतु अगर आँकड़ों पर जाएँ तो भारत अब उन सभी देशों से आगे निकल चुका है। 


यह बात भी अधिक पुरानी नहीं हुई है, जब अल-जज़ीरा और बीबीसी जैसे वैश्विक स्तर के मीडिया संस्थाओं द्वारा भारत के कई राज्यों में लाशों का अंबार दिखाकर विश्व स्तर पर भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया था। कई मीडिआ संस्थाओं और लोगों द्वारा तो पुरानी तस्वीरों को दिखाते हुए तथा प्राचीन काल से चली आ रही रीतियों का सहारा लेकर, फेक न्यूज़ फैलाने का भी निरंतर प्रयास किया गया। अब जब टीकाकरण में भारत अव्वल प्रमाणित हो रहा है तो इन सभी मीडिया संस्थाओं द्वारा गोंद पी ली गई है।

वैश्विक स्तर पर टीकाकरण के आँकड़े 

विश्व शक्ति कहे जाने वाले अमेरिका में टीकाकरण 14 दिसंबर, 2020 को प्रारंभ हुआ था तथा अमेरिका अब तक अपनी आधी जनसंख्या यानी लगभग 17 करोड़ लोगों को टीके के पहली खुराक तथा 15 करोड़ जनसंख्या को दूसरी खुराक लगवा चुका है। यूनाइटेड किंगडम (UK) में 8 दिसंबर, 2020 को प्रारंभ हुआ टीकाकरण अब तक लगभग 4.5 करोड़ नागरिकों को पहला टीका तथा 3.2 करोड़ नागरिकों को दूसरा टीका देकर सुरक्षित कर चुका है।


एक समय पर भारत के कई तथाकथित सत्यवादी हरिश्चंद्र के नवासे माने जाने वाले पत्रकार भारत की तुलना न्यूज़ीलैंड से करते हुए प्रशासन को काम करने की सीख दे रहे थे। वे सभी आज आँकड़ों को देखकर धृतराष्ट्र समान मुद्रा में चले गए हैं। बता दें कि न्यूज़ीलैंड में 20 फरवरी, 2021 से प्रारंभ हुए टीकाकरण में अब तक 6.3 लाख लोगों को पहली तथा 3.8 लाख लोगों को दूसरी खुराक लग चुकी है।


अन्य बड़े देशों की बात करें दो कनाडा 14 दिसंबर, 2020 से अब तक 1.7 करोड़ लोगों को पहली और 73.3 लाख लोगों को दूसरी खुराक देकर अपनी लगभग 65% आबादी को वायरस से सुरक्षित कर चुका है।


सप्ताह भर में भारत ने तोड़े सभी के रिकॉर्ड

भारत में प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के उपरान्त 21 जून, 2021 से प्रारंभ हुए तीव्र गति से टीकाकरण ने अधिकतर देशों को अब तक के उनके द्वारा हुए कुल टीकाकरण में पछाड़ दिया है।

भारत में 21 जून को रिकॉर्ड 90 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया, जिनमें से 82,60,848 को पहली खुराक तथा 8,25,666 को दूसरी खुराक दी गई। इसके बाद से ही लगभग सप्ताह भर से भारत की कोरोना टीकाकरण की गति तीव्र ही बनी हुई है।

इसके बाद 22 जून को लगभग 54 लाख, 23 जून को 64 लाख से अधिक, 24 जून को 60 लाख, 25 जून को 61 लाख और 26 जून को 64 लाख से अधिक लोगों को कोरोना की दवा देकर सुरक्षित किया गया। 


इसके अनुसार पिछले एक सप्ताह, 21 जून से 27 जून तक भारत ने कुल 4.10 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना से सुरक्षा का टीका लगाया है।


इसकी तुलना अगर कनाडा जैसे बड़े देशों से करें दो भारत एक सप्ताह में इन देशों द्वारा 6 महीनों से लगाए जा रहे टीकों की गिनती से आगे निकल चुका है।

अगर अमेरिका से जनसंख्या के संदर्भ में तुलना की जाए तो भारत 15 जनवरी, 2021 से अब तक लगभग अपनी 32 करोड़ की आबादी का टीकाकरण कर चुका है। बता दें कि अमेरिका की कुल आबादी लगभग इतनी ही है। तो अगर आसान भाषा में कहा जाए तो भारत लगभग एक पूरे अमेरिका को चीनी वायरस से सुरक्षित कर चुका है।

न्यूज़ीलैंड से भारत की तुलना करने वालों के लिए केवल यह जानकर अपने चक्षुओं को विशाल कर लेना पर्याप्त होगा कि भारत पिछले एक सप्ताह में प्रतिदिन न्यूजीलैंड की समस्त जनसंख्या से अधिक लोगों का टीकाकरण कर रहा है।

प्रतिशत के आधार पर तुलना

लोग अक्सर प्रतिशत के आधार पर भारत के आँकड़े दिखाते हुए अन्य देशों से तुलना करते हैं कि जहाँ अन्य देश अपनी आधी या 60% से अधिक आबादी का टीकाकरण कर चुके हैं, वहीं भारत अब तक केवल 25% पर है। ऐसे लोगों को यह जानना आवश्यक है कि भारत विश्व में 135 करोड़ से अधिक लोगों के साथ विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी रखने वाला देश है।

भारत से अधिक आबादी केवल चीन में है, जिसकी संख्या लगभग 139 करोड़ है। परंतु चीन जैसे राजनीतिक व्यवस्था वाले देश के किसी आँकड़े या बात पर विश्वास करना उतना ही कठिन है, जितना यह मानना कि चीन के वुहान शहर से कोरोना नामक वायरस स्वतः निकल आया था। चीन के विश्व के किसी अन्य देश से तुलना करना उस देश के लिए अपमान स्वरूपी ही होगा। ऐसे में चीन को इस प्रकार की किन्हीं भी तुलनाओं में भागीदार बनाना किसी आधार पर में तर्कसम्मत नहीं है। 

और अगर जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए एवं आँकड़ों के ही आधार पर विवेकपूर्ण दृष्टि से देखा जाए तो भारत विश्व की एक बड़ी आबादी रखकर चीनी वायरस का मुकाबला करने में अब तक तो वैश्विक स्तर पर सर्वोपरि ही सिद्ध होगा।



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