WhatsApp बैन कर अब देसी मैसेजिंग ऐप प्रयोग करेगी स्विस सेना, सुरक्षा कारणों से लिया फैसला

10 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
स्विस सैनिकों को अब केवल स्विस मैसेजिंग ऐप थ्रेमा का उपयोग करने की अनुमति है।

स्विस सेना ने गोपनीयता संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी सेना के जवानों द्वारा ‘मेटा’ के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। व्हाट्सएप के अलावा स्विस सेना ने अन्य लोकप्रिय मैसेजिंग सेवाओं, जैसे- सिग्नल और टेलीग्राम के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है। स्विस सैनिकों को अब केवल स्विस मैसेजिंग ऐप थ्रीमा (Threema) का उपयोग करने की अनुमति है।

स्विस सेना ने व्हाट्सएप, सिग्नल और टेलीग्राम जैसे दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्लिकेशन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। स्विट्जरलैंड की सेना ने अपने सैनिकों से कहा कि वे गोपनीयता की चिंताओं के कारण व्हाट्सएप जैसे विदेशी संदेशवाहकों का उपयोग न करें।

इसके बजाय, सेना के कर्मचारियों को एन्क्रिप्टेड स्विस मैसेजिंग ऐप ‘थ्रीमा’ का उपयोग करने के लिए कहा है। दिसंबर में लागू हुए एक नए नियम के तहत सेना के सभी कर्मचारियों को डेटा सुरक्षा चिंताओं के कारण स्थानीय रूप से विकसित ‘विकल्प’ पर स्विच करने के लिए कहा गया है।

स्विस सेना कमांडरों और चीफ ऑफ स्टाफ को दिसंबर में मुख्यालय से एक ईमेल के माध्यम से सलाह दी गई थी कि वे सुनिश्चित करें कि उनके सैनिक स्विस मैसेजिंग एप्लिकेशन ‘थ्रीमा’ पर स्विच करें। सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं का प्राथमिक कारण, अमेरिकी अधिकारियों की क्लाउड डेटा तक पहुँचने की क्षमता को बताया गया है।

सेना द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि व्हाट्सएप के अलावा टेलीग्राम और सिग्नल जैसी कुछ अन्य ऐप्स पर भी स्पष्ट प्रतिबंध लगाए गए है। इन सभी सेवाओं के प्रयोग की की अब अनुमति नहीं है। हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि व्हाट्सएप या प्रतिबंधित अन्य विदेशी मैसेंजर ऐप का उपयोग बंद नहीं करने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

हालाँकि सेना के एक प्रवक्ता ने ‘निर्देश’ को सिर्फ ‘सिफारिश’ बताया है। स्विस सैन्य प्रवक्ता डेनियल रीस्ट ने कहा, “सिफारिशें सेना में सभी पर लागू होती हैं, जिसमें नए सिपाहियों और प्रशिक्षण के लिए लौटने वाले शामिल हैं।” अधिकारियों ने सुरक्षित संचार की आवश्यकता का हवाला दिया।

अधिकारियों के अनुसार, “चूँकि व्हाट्सएप यूएस-आधारित कंपनी मेटा से संबंधित है, इसलिए सब कुछ यूएस क्लाउड एक्ट के अधीन होगा और क्लाउड अधिनियम के तहत अमेरिकी अधिकारियों की क्लाउड डेटा तक पहुँच है। इसके विपरीत स्विस लोकल मेसेंजर ऐप ‘थ्रीमा’ का युनाइटेड स्टेट्स में सर्वर नहीं हैं और उन्हें किसी कोर्ट वारंट का जवाब देने की आवश्यकता नहीं होगी।”

रिपोर्ट के अनुसार, “क्लाउड अधिनियम अमेरिकी क्षेत्राधिकार के तहत सेवा प्रदाताओं को वारंट का पालन करने के लिए बाध्य करता है, चाहे सर्वर कहीं भी स्थित हों।” चूँकि थ्रीमा स्विट्जरलैंड में स्थित है, इसलिए वह ऐसे किसी वारंट का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं होगा।

थ्रेमा यूरोपीय संघ के JDPR (जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन) के अनुरूप भी काम करता है। स्विस सेना ‘थ्रीमा’ को डाउनलोड करने की लागत वहन करेगी, जो कि चार स्विस फ़्रैंक के बराबर है। बता दें कि स्विट्जरलैंड में 16 से 64 साल के बच्चों के बीच व्हाट्सएप सबसे लोकप्रिय मैसेंजर एप्लिकेशन है।

गोपनीयता के तहत भारत ने भी उठाए हैं जरूरी कदम

सेना के अधिकारियों द्वारा विदेशी मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग पर इस तरह की चिंताएँ भारत में भी उठाई गई हैं, क्योंकि वो सुरक्षता और गोपनीयता में लिए खतरा बन सकते हैं।

2020 में सुरक्षा चिंताओं को लेकर केंद्र द्वारा कई चीनी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बाद, भारतीय सेना ने अपने कर्मियों को कई डेटिंग ऐप के साथ-साथ फेसबुक, पबजी, जूम, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिक टोक आदि सहित 89 ऐप को हटाने के लिए कहा।

भारतीय सेना ने अब ‘आर्मी सिक्योर इंडीजीनियस मैसेजिंग एप्लिकेशन (ASIGMA) नामक एक मैसेजिंग एप्लिकेशन लॉन्च किया है। एप्लिकेशन का उपयोग आंतरिक सेना नेटवर्क का उपयोग करके मोबाइल फोन पर किया जा सकता है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, “एप्लिकेशन को आर्मी वाइड एरिया नेटवर्क (एडब्ल्यूएएन) मैसेजिंग एप्लिकेशन के प्रतिस्थापन के रूप में सेना के आंतरिक नेटवर्क पर तैनात किया जा रहा है, जो पिछले 15 वर्षों से सेवा में है।”



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