गोमूत्र पीने वाले, बुतपरस्त हिन्दू: IS-K ने नई पत्रिका में बोली लिबरल गिरोह की भाषा, मुगलकाल को बताया सबसे शानदार

06 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
'वॉयस ऑफ हिंद' इस्लामिक स्टेट-खुरासान की प्रोपेगेंडा पत्रिका है, जिसमें इस बार भारतीय लिबरल गिरोह की झलक नजर आ रही है

आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट की पत्रिका के नए संस्करण में हिंदुओं को गो-मूत्र पीने वाला और पत्थर पूजने वाला बताते हुए जमकर जहर उगला गया है। इसके अलावा भारत मे मुगल शासन को सबसे शानदार दौर बताते हुए पीएम मोदी को चाय वाला कहा गया है। पत्रिका का कंटेंट पढ़कर ऐसा लगता है जैसे इसे भारत के लिबरल गिरोह द्वारा लिखा गया है।

वैश्विक इस्लामिक आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट-खुरासान ने अपनी भारत आधारित मासिक पत्रिका ‘वॉइस ऑफ इंडिया’ में हिंदुओं के लिए हिंसा करने का आदेश देते हुए कहा गया है कि अगर तुम मुस्लिम हो तो तुम आतंकवादी ही हो, इसलिए अल्लाह के आदेश से अल्लाह के दुश्मनों अर्थात हिंदुओं के दिलों में आतंक पैदा करो।

इसके अलावा पत्रिका में ‘वामी-लिबरल’ भाषा और एजेंडा चलाते हुए हिंदुओं को गो मूत्र पीने वाला और पत्थर पूजने वाला कहा गया है, साथ ही भारत के प्रधानमंत्री को चाय बेचने वाला लिखा गया है।

पत्रिका में लिखा गया है, “हिन्दू इस भ्रम में हैं कि भारत हमेशा से उनका था और हमेशा रहेगा। आखिर कब ये मूत्र पीने वाले और पत्थर पूजने वाले इतने संगठित और सक्षम थे कि देश पर शासन कर सकें?”

पत्रिका में आगे लिखा गया है, “जब भारत सबसे अमीर देश माना जाता था, तब भारत पर मुस्लिमों का शासन था। इतिहास और तथ्य साबित करते हैं कि भारत मुस्लिमों के राज में सबसे समृद्ध था। लेकिन हिन्दू इस भ्रम में हैं कि एक चाय बेचने वाला नरेंद्र मोदी उनके सपनों को पूरा करने आ गया है।”

पत्रिका में लेफ्ट लिबरल की तरह दलित कार्ड खेलते हुए कहा गया है, “वो सिर्फ एक ऐसा देश बनाना चाहते हैं जहाँ ब्राह्मण अपर कास्ट हिन्दू लोवर कास्ट हिंदुओं पर राज करेगे। वो अछूत और लोवर कास्ट हिन्दू ये कैसे सोच सकते हैं कि जिस नरेंद्र मोदी को उन्होने वोट देकर चुना है वो उनके सपने पूरे करेगा? अपर कास्ट हिन्दू सिर्फ उनसे मैला ढुलाने का काम ही लेंगे।”

कवर पेज में छापी थी भगवान शिव की खंडित मूर्ति

इससे पहले इस कुख्यात इस्लामिक आतंकी संगठन ने इस मैग्जीन के कवर पेज पर भगवान शिव की खंडित मूर्ति की फोटे लगाई गई थी। भगवान शिव की ये मूर्ति कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के मुरुदेश्वर शहर के समुद्र तट पर स्थित भगवान ‘मुरुदेश्वर’ की थी।

भगवान शिव की इस खंडित फोटो में नीचे लिखा है कि It is TIME to BREAK FALSE GODS यानी झूठे भगवानों को तोड़ने का समय आ गया है।

पाकिस्तान से छपती है मैगजीन

NIA के अनुसार ये मैग्जीन पाकिस्तान से निकाली जाती है। हालाँकि शुरुआत में ये माना जा रहा था कि ये मैग्जीन अफगानिस्तान से दुनियाभर में फैलाई जाती है। लेकिन, इसी साल NIA ने दक्षिण कश्मीर के तीन मुस्लिम युवाओं को इस मैग्जीन से जुड़े होने के मामले में गिरफ्तार किया था।

इन लोगों पर भारत के खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें इस्लामिक स्टेट में भर्ती करने की जिम्मेदारी थी।

भारत के लिबरल-वामियों की भाषा बोल रहा IS

दिलचस्प बात ये है कि IS-K की ये पत्रिका बिल्कुल वही एजेंडा और भाषा बोल रही है जो भारत के कथित बुद्धजीवी, वोक लिबरल, वामी-इस्लामी, कॉमेडियन और बॉलीवुड बोलता है। भारत का कथित स्टैंडअप कॉमेडियन जैसे वीर दास ने अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में ‘टू इंडियाज’ कविता के जरिये देश और हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काने वाली टिप्पणियाँ की थी।

धर्म संसद में हुई कथित हिंसा हो या बुल्ली सुल्ली ऐप जैसे मामले या फिर त्रिपुरा में हुई कथित हिंसा में मुस्लिमों के खिलाफ क्रूरता को लेकर हिंदुओं के खिलाफ हैशटैग वाले प्रोपगेंडा चलाते नज़र आ जाते हैं। यहाँ तक कि खुद को पत्रकार कहने वाले कई जिहादी और जिहादी मानसिकता के हमदम राहुल गाँधी भी हिंदुओं और हिंदुत्व के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं।

लेकिन यही तमाम लोग इस्लामिक आतंकी संगठन की ‘वॉइस ऑफ इंडिया’ मैगजीन में हिंदुओं की आस्था पर चोट और उनके नरसंहार के आव्हान पर फेविकोल पी लेते हैं। बात सिर्फ हिंदुओं की आस्था की नहीं है, पत्रिका में भारत के खिलाफ जेहाद के लिए हथियार उठाने, भारतीय सुरक्ष बलों पर हमले करने, पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का बदला लेने के लिए हिंदुओं का सामूहिक नरसंहार करने की बातें की जाती है।

जब हिंदुओं के लिए आवाज उठाने की बारी आती है तो ये सारा गिरोह शुतुरमुर्ग की तरह गर्दन रेत में धंसा लेता है। इस्लामिक स्टेट की प्रोपगेंडा मैग्जीन पर तो ये गिरोह मुँह आँख नाक सहित शरीर के सभी छिद्र बन्द कर लेता है क्योंकि IS इस्लाम का हवाला देते हुए हिंदुओं की आस्‍था को चोट कर रहा है, इस्लाम के मामले में कोई भी टिप्पणी करने की न तो इनकी औकात है और न ही इनका एजेंडा।



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