'इस्लाम की धरती पर भजन-कीर्तन हराम': बांग्लादेश के एक और मंदिर पर कट्टरपंथियों का हमला

02 जून, 2021
कट्टरपंथियों ने कीर्तन से नाराज होकर लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हमला बोल दिया

बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। बांग्लादेश के नरसिंहधी जिले के मोनाहर्धी पुलिस थानांतर्गत आने वाले दौलतपुर यूनियन में हिंदुओं के राधा कृष्ण मंदिर में बहुसंख्यक मुस्लिमों की भीड़ ने हमला कर दिया।

हिंसक मजहबी भीड़ ने मन्दिर परिसर में मौजूद पूजा अर्चना कर रहे हिंदुओं को पीटा, मंदिर की मूर्तियाँ तोड़ कर फेंक दीं और जमकर लूटपाट की। कट्टरपंथियों ने मंदिर में चल रहे कीर्तन को भी जबरन बंद करवा दिया गया।

मंदिर में की गई तोड़फोड़


इस घटना से मुस्लिम बहुल बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय में दहशत पैदा हो गई है। स्थानीय हिंदू इतना अधिक डरे हुए हैं कि पुलिस के पास जाकर शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार (01 जून, 2021) को ही बांग्लादेश में एक सरस्वती और एक काली मंदिर में भी तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी।

स्थानीय हिंदुओं कहना है कि कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिर में होने जाने वाले कीर्तन से नाराज थी। पहले भी कई बार मंदिर में कीर्तन किए जाने पर स्थानीय मुस्लिम रोष प्रकट कर चुके थे।

काफी समय से स्थानीय अल्पसंख्यक हिंदुओं को मंदिर में कीर्तन बंद करने की धमकी दी जा रही थी, यह हमला उसी के चलते हुआ है।


जानकारी के अनुसार बुधवार (2 जून, 2021) को दौलतपुर स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में स्थानीय हिंदू कीर्तन कर रहे थे। तभी अचानक आक्रोशित कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिर में घुस आई।

मंदिर परिसर में कीर्तन कर रहे लोगों को पीटते हुए यह हिंसक भीड़ मंदिर पर टूट पड़ी और थोड़ी ही देर में मंदिर की मूर्तियाँ और अन्य सामान तोड़ कर फेंक दिया।

स्थानीय हिंदुओं को दूसरे मजहब के बहुसंख्यकों द्वारा धमकी दी गई है कि ‘इस्लाम की भूमि पर मंदिर और कीर्तन करना इस्लाम का अपमान है और मुसलमानों के देश में इस तरह की चीजों का कोई स्थान नहीं है’। स्थानीय हिन्दू इतनी दहशत में है कि थाने में सूचना तक देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

अभी हाल ही में पिछले रविवार (30 मई, 2021) को बांग्लादेश में दो हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया था। हिंसक मज़हबी मुसलमानों की भीड़ ने दो हिन्दू मंदिरों पर हमला कर मूर्तियाँ तोड़कर सड़क पर फेंक दी थी।

Bangladesh mandir destroyed

पहली में घटना आगामारा गाँव में मौजूद काली माँ के मंदिर पर कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला कर देवी प्रतिमा को विखंडित कर सड़क पर फेंक दिया था। उसी दिन हिंसक कट्टरपंथियों की दूसरी भीड़ ने भुक्तापुर गाँव के सरस्वती मंदिर पर देर रात आक्रमण कर माँ सरस्वती की प्रतिमा को तोड़कर सड़क पर फेंक दिया था।

इससे पहले 24 मई को चंदनपुर जिले के हाजीगंज गाँव में श्री राज लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हमला करके मूर्तियाँ तोड़ दी थी और जम कर पथराव किया था।

लगातर हो रही इस तरह की घटनाओं के बाद से स्थानीय अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल है। पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे बहुसंख्यक मुस्लिम देशों में अल्पसंख्यक हिंदुओं औऱ बौद्धों के मंदिरों पर हमला होना आम बात है।



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