कमलेश तिवारी के हत्यारों की तरह संदिग्ध आतंकियों को कानूनी मदद देगा जमीअत उलमा-ए-हिन्द, मौलाना मदनी ने दिया आदेश

15 जुलाई, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
जमीअत उलमा-ए-हिन्द (Jamiat Ulama-i-Hind) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी

जमीअत उलमा-ए-हिन्द (Jamiat Ulama-i-Hind) ने अल कायदा (Al Qaeda) से आतंकी कनेक्शन के आरोप में यूपी एटीएस (ATS ) द्वारा गिरफ्तार मुसीरुद्दीन और मिनहाज अहमद को कानूनी मदद देने का ऐलान किया है।

यूपी एटीएस द्वारा 12 जुलाई को लखनऊ से गिरफ्तार अलक़ायदा के दोनों सन्दिग्ध मुस्लिम आतंकियों को जमीअत उलमा-ए-हिंद ने क़ानूनी सहायता देने का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि गिरफ़्तार आतंकियों के परिवार वालों ने जमीअत उलमा-ए-हिन्द से क़ानूनी सहायता माँगी थी।


जमीअत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने आरोपितों को कानूनी सहायता देने का फैसला करते हुए कहा:

“मुस्लिम युवाओं के जीवन को नष्ट करने के लिए आतंकवाद को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रक्रिया जारी है। हमारा कानूनी संघर्ष निर्दोष मुस्लिमों की सम्मानजनक रिहाई तक जारी रहेगा।”

मौलाना मदनी ने कहा कि जमीअत के प्रयासों से अब तक सैकड़ों मुस्लिम युवक आतंकवाद के मुकदमों में रिहा हो चुके हैं, जिससे यह साबित होता है कि देश कि जाँच एजेंसियाँ बग़ैर किसी सबूत के धार्मिक पक्षपात के आधार पर मुस्लिम युवकों को गिरफ़्तार कर लेती है।

एडवोकेट फुरकान खान लड़ेंगे आरोपितों का केस

मौलान मदनी के आदेश पर संगठन की कानूनी सहायता समिति ‘जमीअत क़ानूनी इमदाद कमेटी’ ने वकील फुरकान खान को अदालत में दोनों का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। समिति के अध्यक्ष गुलजार आज़मी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपितों के बचाव में एडवोकेट फुरक़ान ख़ान को नियुक्त किया गया है।

उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह अदालत से मुक़दमे से संबधित दस्तावेज़ को निकालें जिसमें रिमांड रिपोर्ट, एफ़आईआर की प्रति और अन्य चीज़ें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आरोपित पुलिस की हिरासत में हैं और मुक़दमे की अगली सुनवाई पर आरोपितों के बचाव में एडवोकेट फुरक़ान अदालत में उपस्थित रहेंगे।

कमलेश तिवारी के हत्यारों को भी कानूनी सहायता उपलब्ध करा रहा है संगठन

साल 2019 में लखनऊ के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या में गिरफ्तार 5 अभियुक्तों को भी जमीयत उलेमा-ए-हिंद कानूनी सहायता उपलब्ध करा रहा है। मौलाना मदनी के निर्देश पर संगठन ने ये फैसला किया था।

संगठन के सचिव हकीमुद्दीन काशमी ने तब कहा था कि संगठन कमलेश तिवारी हत्याकांड में गिरफ्तार पाँचों आरोपितों के परिवारों को हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा हमारे पास अपना कानूनी प्रकोष्ठ भी है जो इस मामले में आरोपियों की ओर से कोर्ट में मुकदमा लड़ेगा और सारा कानूनी खर्च वहन करेगा।

Kamlesh Tiwari(FILE PHOTO)

बता दें कि हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर की दोपहर उत्तर प्रदेश में अपने घर पर सूरत निवासी फरीद उर्फ ​​मोइनुद्दीन पठान और अशफाक शेख, दोनों ने गोली मारने के बाद गला रेत कर हत्या कर दी थी।

गुजरात एटीएस और सूरत क्राइम ब्रांच ने कमलेश तिवारी की साजिश और हत्या में कथित रूप से शामिल पाँच आरोपितों- राशिद, अशफाकज़ मौलाना, मोहसिन शेख, फैजान शेख और मोइनुद्दीन पठान को गिरफ्तार किया था।

रिहाई मंच ने भी की थी सन्दिग्ध ‘आतंकियों’ के परिजनों से मुलाकात

इससे पहले रिहाई मंच के सदस्यों ने भी गिरफ्तार आतंकियों के परिजनों से मुलाकात करने कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

परिजनों से मुलाकात के बाद रिहाई मंच के अध्यक्ष मो शोएब ने पकड़े गए सन्दिग्ध आतंकियों को निर्दोष बताते हुए कहा था कि 2022 का चुनाव आ रहा है, ऐसे में वोटों के ध्रुवीकरण करने के लिए निर्दोषों को फँसाने का पूरा खेल किया जा रहा है।


सरकार पर आरोप लगाते हुए रिहाई मंच ने इसे चुनावी हथकंडा करार दिया था। रिहाई मंच का दावा था कि पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए कई लोग निर्दोष साबित हो चुके हैं। मंच की ओर से कहा गया कि अगर परिवार सक्षम नहीं है तो अनुरोध पर मंच मिनहाज और मुशीर के केस की पैरवी करेगा।

तीन और आतंकी गिरफ्तार

इस बीच यूपी एटीएस ने बुधवार( 14 जुलाई, 2021) को तीन और आतंकियों मुहम्मद मुस्तकीम, शकील और मुहम्मद मुईद को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में गिरफ्तार मुसिरुद्दीन और मिनहाज से रिमांड पर पूछताछ के बाद ये तीनों आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं।


बता दें कि यूपी एटीएस ने इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दुबग्गा इलाके में एक घर में छिपे अल-कायदा के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के साथ ही एक डेटोनेटर, 6-7 किलोग्राम विस्फोटक और दो प्रेशर-कुकर बम जब्त किए। दोनों आरोपितों के बारे में कहा गया था कि वह अलक़ायदा के अंसार ग़ज़वतुल हिन्द के सदस्य हैं।

पुलिस के मुताबिक दोनों संदिग्ध पाकिस्तान में अपने आकाओं के संपर्क में थे और 15 अगस्त के अवसर पर भीड़ वाले स्थानों पर मानव बमों का प्रयोग करने वाले थे। प्राथमिक जाँच से यह भी पता चला है कि दोनों लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के एक सांसद और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ सदस्यों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।



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