MP: नेपाल में छिपा है कॉन्ग्रेस MLA का बलात्कारी बेटा, पार्टी कार्यकर्ता को नशा दे कर किया था दुष्कर्म

19 अक्टूबर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
कॉन्ग्रेस विधायक के बेटे करण मोरवाल पर रेप का आरोप

मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन क्षेत्र के बड़नगर से कॉन्ग्रेस विधायक मुरली मोरवाल का बेटा करण मोरवाल अपने ऊपर बलात्कार के आरोप लगने के बाद से फरार है। अब यह सूचना आ रही है कि संभव है कि करण मोरवाल नेपाल में छिपा हो सकता है।

इस वर्ष के अप्रैल माह में इंदौर की रहने वाली एक कॉन्ग्रेस महिला कार्यकर्ता ने मध्य प्रदेश के बड़नगर के कॉन्ग्रेसी विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल पर उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

पीड़िता ने कहा था कि करण मोरवाल 14 फरवरी को उसे होटल प्राइड लेकर गया, जहाँ उसने उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया। इसके बाद करण उसे बेहोशी की हालत में ही अपने घर ले गया और उसका बलात्कार किया।

महिला ने जब होश में आने के बाद इस मामले में उससे सवाल-जवाब किए तो उसने महिला को शादी करने का झाँसा दिया और इसी झाँसे के चलते उसके साथ कई बार बलात्कार किया। इस मामले में पीड़िता ने अप्रैल माह में ही शिकायत दर्ज कर दी थी और पिछले 6 महीने से पीड़िता को न्याय का इंतजार है।

2 अप्रैल को की गई शिकायत में करण मोरवाल पर आईपीसी की धारा 376, 376 (2) N, 376 (2)J, 506 और 294 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शिकायत दर्ज होने के बाद निरंतर दबाव के बाद भी विधायक मुरली मोरवाल ने अपने लड़के को अब तक कानून के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं कराया है। मीडिया ने जब इस विषय में विधायक से सवाल किया तो उन्होंने मीडिया से बात तक करने से भी मना कर दिया। पूरे मामले को लेकर अब यह जानकारी भी सामने आ रही है कि करण मोरवाल नेपाल में छिपा हो सकता है।


कॉन्ग्रेसी सांसद लड़ सकते हैं आरोपित के लिए केस 

इस मामले में पीड़िता एक लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। इसी सिलसिले में पीड़िता और कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा की बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। बता दें कि विवेक तन्खा सर्वोच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ वकील भी हैं। 

विवेक तन्खा ने इस बातचीत के दौरान बताया कि उनके पास मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का फोन आया था, जिसमें उन्होंने तन्खा से इस आरोपित के लिए केस लड़ने की बात कही।

इस पर पीड़िता ने विवेक तन्खा से कहा:

“सर यह तो गलत है। मैं भी तो पार्टी की कार्यकर्ता हूँ। अगर आप आरोपित के साथ खड़े हो जाएँगे तो मेरी इतनी क्षमता नहीं कि मैं आपके सामने किसी अन्य वकील को खड़ा कर सकूँ, क्योंकि मैं एक सामान्य लड़की हूँ।”

विवेक तन्खा ने इसके बाद कहा कि मध्य प्रदेश के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं का केवल उनके पास एक फोन आया था, जिसके बाद उन लोगों ने दोबारा तन्खा से संपर्क नहीं किया। बता दें कि इस मामले में एक कॉन्ग्रेसी विधायक विशाल पटेल का नाम भी सामने आया था, उन्होंने मामले में समझौता करके रफा-दफा करने की बात कही थी।

पीड़िता ने कॉन्ग्रेस प्रमुख राहुल गाँधी से भी मामले को लेकर गुहार लगाई है। उसने कहा है कि वह चाहती है कि राहुल गाँधी मामले को सुनें, समझें और उसके उपरांत ही कोई ठोस निर्णय लें।



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