कट्टरपंथियों से जान की धमकी मिलने पर भाई के लिए माँगी सुरक्षा तो Twitter ने किया कश्मीरी पंडित पत्रकार का अकाउंट बैन

18 दिसम्बर, 2021 By: DoPolitics स्टाफ़
ट्विटर ने आतंकियों के विरुद्ध ट्वीट करने पर प्रतिबंधित किया आरती टिक्कू का अकाउंट

‘द न्यू इंडियन’ नामक मीडिया संस्था की संस्थापक और प्रमुख संपादक आरती टिक्कू को ट्विटर द्वारा चिन्हित करके निशाना बनाया गया है। आरती ने अपने भाई साहिल टिक्कू को लेकर एक ट्वीट किया था कि उनके श्रीनगर में रहने वाले भाई की जान को खतरा है। इसी के चलते ट्विटर ने टिक्कू के ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध भी लगा दिया और उन्हें अपना ट्वीट डिलीट करने के लिए मजबूर कर दिया।

ट्विटर द्वारा वामपंथियों और कट्टर इस्लामी विचारधारा रखने वालों का बचाव और संरक्षण कोई नई बात नहीं है। ट्विटर समय-समय पर दक्षिणपंथियों और हिंदू विचारधारा रखने वाले लोगों के कभी ट्वीट तो कभी पूरे अकाउंट ही डिलीट कर देता है। कुछ ऐसा ही ट्विटर ने हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार आरती टिक्कू के साथ भी किया।

आरती टिक्कू ने 15 दिसंबर, 2021 को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि उनके भाई साहिल टिक्कू जो श्रीनगर में रहते हैं, उन्हें कश्मीर में रहने वाले कुछ जिहादी आतंकियों द्वारा धमकियाँ दी जा रही हैं। ये लोग पाकिस्तान से भी जुड़े हैं। क्या UK और US में कोई है जो यह देख रहा है? क्या हम चुपचाप बैठकर इस्लामियों की गोली से मरने के लिए बने हैं या कोई उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई करेगा?

आरती के इस ट्वीट को ट्विटर द्वारा ‘हेटफुल कंडक्ट’ यानी घृणा से भरे आचरण की श्रेणी में चिन्हित किया गया। ट्विटर ने आरती पर अपना ट्वीट डिलीट करने का भी दबाव बनाया और उनके अकाउंट को अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित भी कर दिया।


रंगनाथन, मित्रा समेत कई बुद्धिजीवी समर्थन में उतरे

इतना होने के साथ ही ट्विटर पर कई लोग आरती के समर्थन में उतर आए और वे इस मामले में ट्विटर की आलोचना करने लगे। वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने इस विषय में ट्वीट करते हुए लिखा:

“यह अपमानजनक और अस्वीकार्य है। ट्विटर ने पत्रकार आरती टिक्कू के अकाउंट को अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। केवल एक ट्वीट के लिए जिसमें वे अपने भाई की जान को आतंकियों से धमकियाँ मिलने के विषय में बात कर हैं। क्या ट्विटर मूर्ख है? आरती को अभी और इसी समय अनब्लॉक किया जाना चाहिए।”

जब ट्विटर ने आरती को प्रतिबंधित कर दिया था तो उन्होंने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कहा:

“ट्विटर ने केवल एक स्थिति में मुझे अनब्लॉक करने की बात कही है कि मैं आतंकियों द्वारा अपने भाई को दी गई जान से मारने की धमकी वाला ट्वीट डीलीट कर दूँ। ट्विटर चाहे तो मुझे पूरी जिंदगी ब्लॉक रखे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, पर मैं यह ट्वीट डिलीट नहीं करूँगी। मेरा परिवार और मेरे भाई-बहन इस्लामी आतंकवाद से पीड़ित हैं। इस मामले में पीड़ित हम हैं न कि वो इस्लामी, जिन्हें ट्विटर बढ़ावा देता है।”


आनंद रंगनाथन के साथ-साथ रक्षा मामलों की वरिष्ठ जानकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने भी आरती के समर्थन में ट्वीट किया और कहा कि आरती ट्वीट नहीं हटाएँगी और अब समय आ गया है कि दिल्ली पुलिस ट्विटर के कर्मचारियों के आतंकी संबंधों को लेकर इनसे सवाल-जवाब प्रारंभ करें।

मित्रा ने लिखा कि ट्विटर के इस आचरण से यह साफ होता है कि ये लोग आतंकियों से मिलीभगत रखते हैं। इन लोगों की जाँच और इनसे सवाल-जवाब होने चाहिए।


इसके साथ-साथ स्मिता प्रकाश और रुबिका लियाकत जैसी पत्रकारों ने भी टिक्कू के समर्थन में ट्वीट किए। भाजपा से जुड़ीं शाज़िया इल्मी ने भी इस मामले में आरती का साथ देते हुए ट्विटर पर निशाना साधा।




बता दें कि लोगों की आपत्ति के बाद फिलहाल आरती टिक्कू का ट्विटर अकाउंट पुनः चालू हो गया है, परंतु उनका किया गया वह ट्वीट अब उनके अकाउंट पर नहीं देखा जा सकता।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं: