केंद्र ने COVID को लक्षद्वीप के खिलाफ जैविक हमले के रूप में इस्तेमाल किया: अभिनेत्री आयशा सुल्ताना

09 जून, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
लक्षद्वीप की अभिनेत्री आयशा सुल्ताना अपने विवादित बयान के कारण चर्चा में है

अभिनेत्री और मॉडल आयशा सुल्ताना ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप के लोगों को निशाना बनाकर COVID महामारी का इस्तेमाल एक जैव हथियार (Bioweapon) के रूप में किया है। आयशा सुल्ताना के इस बयान पर विवाद पैदा हो गया है।

भाजपा युवा मोर्चा के राज्य सचिव अडवोकेट बीजी विष्णु ने युवा निर्देशक और मॉडल आयशा सुल्ताना पर देशद्रोही बयान देने का आरोप लगाया है। युवा मोर्चा के नेता ने इस संबंध में तिरुवनंतपुरम छावनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

एक मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ पर जारी एक बहस में, लक्षद्वीप की अभिनेत्री एवं मॉडल आयशा सुल्ताना ने दावा किया कि केंद्र शासित प्रदेश में केंद्र के सत्ता संभालने से पहले कोविड के एक भी मामले नहीं थे।

सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में केंद्र की दखल के बाद ही कोविड मामलों की संख्या में कथित वृद्धि हुई। इसके बाद, अभिनेत्री ने केंद्र पर आरोप लगाया कि सरकार के द्वारा लक्षद्वीप के लोगों के खिलाफ कोविड महामारी को एक जैविक हमला के रूप में इस्तेमाल किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता बीजी विष्णु ने केंद्र पर आयशा सुल्ताना के आरोप के खिलाफ पलक्कड़ थाने में देशद्रोह की शिकायत दर्ज कराई है।

अभिनेत्री आयशा सुल्ताना ने बहस के दौरान कहा, “उन्होंने एक जैव हथियार का इस्तेमाल किया। मैं निश्चित रूप से कह सकती हूँ कि केंद्र ने स्पष्ट रूप से जैव हथियार का इस्तेमाल किया है।”

निर्देशक आयशा सुल्ताना


विवादों में है लक्षद्वीप

आयशा सुल्ताना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लक्षद्वीप के नए प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल विपक्ष के निशाने पर हैं।

लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल्ल पटेल द्वारा जारी की गई नई नियमावली में गो -हत्या तथा किसी भी प्रकार के गो-वंश के खरीदे या बेचे जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल ने एक कदम आगे बढ़कर आरोप लगाया कि नया प्रशासक अपने ‘मनमाने तरीकों’ से ‘भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को खराब’ कर रहा है।

विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे इस विवाद का कारण हैं केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए गए प्रदेश के नए प्रबंधक प्रफुल्ल‌ खोड़ा पटेल! प्रफुल्ल ने दिसंबर, 2020 के बाद कार्यभार संभालने के उपरांत प्रदेश में कुछ नई नियमावली लागू की हैं, जिन्हें लेकर विपक्ष विरोधी स्वर अपनाए हुए है। 



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