Gay को 'मीनिंगफुल दिवाली' वाले विराट कोहली के रेस्तराँ ने नहीं दी एंट्री: LGBTQ समूह का आरोप

16 नवम्बर, 2021
कोहली पर LGBTQ समुदाय ने लगाया भेदभाव का आरोप

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और बहुचर्चित बल्लेबाज विराट कोहली हाल ही में मुश्किलों में घिर गए हैं। अपनी ‘वोक छवि’ और लगभग हर प्रगतिशील विषय पर अपनी राय देने के लिए जाने-जाने वाले कोहली पर LGBTQ समुदाय द्वारा अपनी एक रेस्तराँ चेन में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली अक्सर मुखर होकर सोशल मीडिया पर विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी राय रखते देखे जाते हैं। फिर चाहे वह दिवाली पर पटाखे फोड़ने का मुद्दा हो या अन्य वोक लिब्रलों द्वारा चलाए गए प्रोपोगेंडा। कोहली के प्रशंसकों का तो यहाँ तक कहना है कि क्रिकेट से अधिक वे एक्टविज़म करते दिखते हैं।

ऐसे ही एक मामले को लेकर अब कप्तान कोहली विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। दरअसल कोहली के अपने ब्रांड ‘one8’ के एक रेस्तराँ की पुणे ब्रांच पर LGBTQ समुदाय द्वारा भेदभाव का आरोप लगाया गया है।

सोमवार (15 नवंबर, 2021) को इंस्टाग्राम पर YesWeExist नामक एक अकाउंट द्वारा इस इसी विषय में पोस्ट करते हुए अपनी नाराजगी दर्ज कराई गई।

इस पोस्ट में उन्होंने लिखा:

“विराट कोहली आप को शायद पता न हो पर आपके रेस्तराँ one8commune की पुणे ब्रांच द्वारा  LGBTQ समुदाय के साथ भेदभाव किया जाता है। अन्य शाखाओं की भी इसी तरह की नीति है। यह अप्रत्याशित और अस्वीकार्य है। आशा है कि आप यथाशीघ्र आवश्यक परिवर्तन करेंगे। @deepigoyal @zomato – या तो रेस्तराँ को संवेदनशील बनाने के लिए बेहतर काम करें या भेदभाव करने वाले व्यवसायों को अपना मंच प्रदान करना बंद करें।”

आगे पोस्ट में यह भी लिखा गया कि अक्सर यह उच्च श्रेणी के रेस्तराँ हैं, जहाँ ऐसी भेदभावपूर्ण नीतियाँ देखी जाती हैं, इन्हीं लोगों से आपको विज्ञापन के लिए बड़ी रकम मिलती हैं। इसे समाप्त करने की आवश्यकता है। 


रेस्तराँ प्रबंधन द्वारा आरोपों का खंडन 

शिकायत में कहा गया कि पुणे स्थित एक रेस्तराँ में एक समलैंगिक जोड़े (Gay Couple) को रेस्तराँ दाखिल होने से मना कर दिया, हालाँकि रेस्तराँ कर्मचारियों द्वारा ऐसे हर आरोप का खंडन करते हुए कहा गया है कि रेस्तराँ द्वारा किसी समुदाय या समूह के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है।

इस मामले में रेस्तराँ के प्रबंधक अमित जोशी ने कहा:

“हम लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करते हैं। रेस्तराँ में केवल ‘स्टैग एंट्री’ बाधित है, जिसका अर्थ है कि अकेले लड़कों को रेस्तराँ में दाखिल होने नहीं दिया जाता है। यह नियम भी रेस्तराँ में उपस्थित महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए बनाया गया है।”


साथ ही रेस्तराँ द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में भी लिखा गया कि वे लिंग या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं और सभी लोगों का उनके रेस्तराँ में बराबरी से स्वागत किया जाता है।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं: