मदरसा शिक्षा और दीनी तालीम की कमी से बिगड़ा आर्यन खान: मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी

12 अक्टूबर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
मौलाना ने कहा कि इस्लामी शिक्षा मिलती तो आर्यन खान बिगड़ता नहीं

बहुचर्चित अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की ड्रग्स के मामले में हुई गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न लोगों के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। इस मामले को लेकर आला हज़रत दरगाह के प्रचारक मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने भी एक विचित्र बयान प्रस्तुत किया है।

गत सप्ताह से सुर्खियों में रहा शाहरुख के बेटे आर्यन खान का एक रेव पार्टी में पकड़ा जाना और उसके बाद आर्यन पर चल रही कार्रवाई मीडिया में पूरे जोर-शोर से चल रही है। 2 अक्टूबर, 2021 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई में एक क्रूज़ शिप पर चल रही रेव पार्टी में छापा मारा था। इसमें बहुचर्चित कलाकार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत एनसीबी ने मुनमुन धमेचा, अरबज़ मर्चेंट समेत पाँच अन्य चर्चित लोगों को गिरफ्तार किया था। 

इस मामले पर मीडिया का एक विशेष धड़ा पहले भी आर्यन खान के मज़हब को आधार बनाकर बेबुनियाद बयानबाजी कर चुका है। अब दरगाह आला हज़रत के प्रचारक मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने भी इस मामले पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। मौलाना ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन के बिगड़ने का कारण इस्लामी शिक्षा न मिलना बताया।

मौलाना ने कहा:

“शाहरुख खान का बेटा आर्यन इस्लामी परवरिश न मिलने की वजह से बिगड़ा है। अगर वह मदरसे में पढ़ा होता तो इस तरह न बिगड़ता।”

महबूबा मुफ़्ती ने भी दिया सियासी रंग 

मामले को राजनीतिक रंग देते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी बड़ा बयान दिया। मुफ़्ती ने इस पूरे मामले को मज़हबी रंग देते हुए कहा के केंद्रीय एजेंसियाँ 23 वर्ष के एक लड़के के पीछे पड़ी हैं क्योंकि वह नाम के पीछे ‘खान’ लगाता है।

महबूबा ने अपने ट्वीट में लिखा:

“केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा 4 किसानों की हत्या पर कार्रवाई के बजाय केंद्रीय एजेंसियाँ 23 साल के एक बच्चे के पीछे केवल इसलिए पड़ी हैं क्योंकि उसका उपनाम ‘खान’ है। विडंबना यह है कि भाजपा के मूल वोट बैंक को खुश करने के लिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।”


बता दें कि कुछ समय पूर्व ‘द वायर’ की पत्रकार आरफा शेरवानी ने भी इसी प्रकार का ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि आर्यन खान का ड्रग्स के मामले से कोई लेना देना नहीं है। यह पूर्ण रूप से शाहरुख खान पर निशाना साधे जाने का मामला है और उन्हें उन्हें निशाना केवल इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि वे एक ‘मुस्लिम सुपरस्टार’ हैं। 


इसके साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी (CPIML) की पॉलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने भी आर्यन खान के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा कि आर्यन खान को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह शाहरुख खान का बेटा है, और शाहरुख खान एक ‘सफल मुसलमान’ व्यक्ति है, और इसी कारण यह इंसान हिंदुओं को खटकता है।

बता दें कि आर्यन खान पर आईपीसी की धारा 8C, 20B, धारा 27 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके उपरांत जब आर्यन खान को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तो न्यायालय ने उसे ज़मानत देने से भी इनकार कर दिया।



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