केरल को भगवान ही बचाए: सर्वाधिक साक्षरता वाले राज्य के बारे में हाईकोर्ट ने क्यों कही ये बात

27 नवम्बर, 2021
केरल उच्च न्यायालय ने कहा पुलिस वालों के विरुद्ध कार्रवाई से दिक्कत क्यों

हाल ही में केरल राज्य के अलुवा क्षेत्र में एक वकालत की छात्रा के आत्महत्या के मामले ने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस विषय में केरल उच्च न्यायालय द्वारा भी गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि ‘केरल राज्य को तो भगवान ही बचाए।’

केरल में वकालत की एक छात्रा ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोमवार (22 नवंबर, 2021) को आत्महत्या कर ली थी। 23 साल की मोफिया परवीन नाम की इस महिला ने सुसाइड नोट में अपनी मृत्यु के लिए अपने पति मोहम्मद सोहेल, उसके माता-पिता और क्षेत्रीय थाने के पुलिस अधिकारी सुधीर को ज़िम्मेदार बताया था।

महिला ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि जब वह पुलिस के पास अपने ससुराल पक्ष के लोगों की शिकायत दर्ज करने गई थी तो पुलिस अधिकारी सुधीर ने उसे और उसके पिता को गाली-गलौज करके थाने से भगा दिया था।

मामला केरल उच्च न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया तो न्यायालय ने भी इस विषय में राज्य की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े किए।

न्यायालय ने कहा:

“पुलिस स्टेशन एक सार्वजनिक कार्यालय है, यह कोई डर का मैदान नहीं। कोई भी आदमी, औरत या बच्चा वहाँ जाकर अपनी शिकायत दर्ज करने से डरना नहीं चाहिए।”


अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं? 

न्यायालय ने राज्य सरकार को भी फटकार लगाते हुए कहा कि वे पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई को अनुशासनात्मक कार्रवाई तक ही सीमित क्यों रखते हैं? पुलिस जनता की रक्षक है, भक्षक नहीं। राज्य को किसी पुलिस वाले के विरुद्ध कार्रवाई करने में दिक्कत क्यों आती है?

बता दें कि मोफिया परवीन और उनके पिता को एसएचओ सुधीर ने गाली-गलौज कर भगा दिया था। बाद में आत्महत्या मामले में आरोपित थाना अधिकारी सुधीर को सस्पेंड कर दिया गया। इस विषय में न्यायालय ने कहा कि पुलिस जब तक नहीं सुधरेगी कुछ नहीं बदल सकेगा।

न्यायालय ने आगे कहा:

“पुलिस द्वारा प्रताड़ना के कई मामले सामने आ रहे हैं। हमारे राज्य को भगवान ही बचाए। इस तरह पुलिस अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाए तो बाकी सब का रवैया स्वयं ही सुधर जाएगा। वरना लोगों का परेशान होना और आत्महत्याएँ यूँ ही जारी रहेंगी।”

बता दें कि मोफिया के ससुराल वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। उसके पति समेत ससुराल वालों को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने बताया कि ये लोग मोफिया की मृत्यु के बाद छिप गए थे। अब उन्हें हिरासत में लेने के बाद उनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 304B, 306 और 498A के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।



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