न्यूजलॉन्ड्री पर India Today ने ठोका ₹2 करोड़ का हर्जाना: YouTube चैनल करवाया फ्रीज

26 अक्टूबर, 2021
इंडिया टुडे समूह ने किया न्यूज़लॉन्ड्री पर दो करोड़ रुपए का मुकदमा

मीडिया संस्था होने का दावा करने वाले समूह ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ (Newslaundry) पर ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह द्वारा एक मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इसमें इंडिया टुडे समूह ने क्षतिपूर्ति समेत न्यूज़लॉन्ड्री से 2 करोड़ रुपए की राशि की माँग भी की है।

इसका मुख्य कारण न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा छापी गई कुछ रिपोर्ट हैं, जिनसे कथित तौर पर इंडिया टुडे समूह को आपत्ति है। ख़ास बात ये है कि इंडिया टुडे द्वारा न्यूजलॉन्ड्री के कर्मचारियों को सोच-समझ कर बोलने-लिखने की ‘सलाह’ भी दी जा रही हैं।

बता दें कि इंडिया टुडे से पहले इसी न्यूजलॉन्ड्री पर बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) यानी ‘टाइम्स ग्रुप’ द्वारा भी 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा लगाया जा चुका है।

कथित मीडिया पोर्टल कहा जाने वाला चैनल न्यूज़लॉन्ड्री एक लंबे समय से यूट्यूब से गायब चल रहा था। बता दें कि निरंतर यूट्यूब पर सक्रिय रहने वाले इस चैनल ने पिछले 3 हफ्तों से अपने यूट्यूब चैनल पर एक भी वीडियो नहीं प्रकाशित किया।

इसके पीछे न्यूजलॉन्ड्री द्वारा यह भी वजह बताई गई थी कि इंडिया टुडे समूह ने ही उनके यूट्यूब चैनल के खिलाफ कॉपीराईट के उलंघन का आरोप लगाया, जिसके बाद उनका चैनल फ्रीज़ कर दिया गया है।


मंगलवार (26 अक्टूबर, 2021) को इसी संस्था के एक कर्मचारी द्वारा ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी साझा की गई कि न्यूज़लॉन्ड्री के कुछ लोगों पर इंडिया टुडे समूह द्वारा 2 करोड़ रुपए के हर्जाने की माँग के साथ मुकदमा दर्ज किया गया है।

ट्वीट में उन दो लेखों का भी ज़िक्र किया गया जो इस मुकदमे में शामिल हैं। इनमें से एक रिपोर्ट में इंडिया टुडे पर यह दावा करते हुए निशाना साधा गया था कि इस समूह ने अपने एंकरों द्वारा कई फेक न्यूज़ चलाने पर भी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।

इंडिया टुडे द्वारा राजदीप सरदेसाई पर 26 जनवरी, 2021 को दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में मारे गए एक कथित किसान आंदोलनकारी की मृत्यु पर फैलाई गई फेक न्यूज़ को लेकर कार्रवाई की गई थी परंतु अपने ही अन्य कई एंकरों जैसे राहुल कंवल, अंजना ओम कश्यप, श्वेता सिंह इत्यादि पर इंडिया टुडे ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

दूसरे लेख में न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार ने इंडिया टुडे के गौरव सावंत पर निशाना साधा था। इस लेख में न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार ने सावंत की एक रिपोर्ट पर छानबीन करते हुए उन्हें ‘फर्जी समाचार विभाग का अज्ञात अपराधी’ कहा था।

इंडिया टुडे समूह द्वारा इसे भी गलत बताते हुए इस पर आपत्ति जताई गई है। इंडिया टुडे समूह ने पूरे मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय मुकदमा किया है और न्यायालय के सामने यह माँग रखी है कि वे न्यूज़लॉन्ड्री के कई कर्मचारियों पर लगाम कसें।

उन्होंने इन पत्रकारों को कुछ भी अपमानजनक लिखने, ट्वीट करने और प्रकाशित न करने के भी सुझाव दिए हैं।


सोशल मीडिया पर लोग ले रहे चुटकियाँ 

पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई प्रकार के विचार सामने आ रहे हैं। रक्षा मामलों के जानकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने इस मामले में इंडिया टुडे समूह को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए पूरे विवाद की चुटकी ली और लिखा:

“न्यूज़लॉन्ड्री को तीन सप्ताहों के लिए अपने यूट्यूब और अन्य चैनलों से लॉक करने के लिए मैं आज तक और ‘टाइम्स नाउ’ को व्यक्तिगत बधाई देता हूँ। आमतौर पर मैं इस तरह की चीजों में नहीं मानता, परंतु यह व्यक्तिगत है।”




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