त्रिपुरा पुलिस ने मस्जिद में आगजनी की खबर को बताया अफवाह, फेक वीडियो शेयर करने वालों पर होगी कार्रवाई

28 अक्टूबर, 2021
पुलिस ने कहा- फेक हैं त्रिपुरा की मस्जिद में आगजनी की खबरें

त्रिपुरा राज्य में मंगलवार (26 अक्टूबर, 2021) को हुई कथित हिंसा के बाद कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थीं। इनमें यह दावा किया जा रहा था कि त्रिपुरा की एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई और आग लगाई गई है। त्रिपुरा पुलिस ने इस मामले में सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे झूठ से पर्दा उठाते हुए स्पष्ट किया है कि यह वीडियो और तस्वीरें फर्जी हैं।

दरअसल, बांग्लादेश में कुछ दिनों पहले दुर्गा पूजा के अवसर पर हुई भीषण हिंसा और दुर्गा की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर देने के बाद त्रिपुरा राज्य में 26 अक्टूबर को इस कृत्य के विरुद्ध एक प्रदर्शन किया गया था।

इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अपना विरोध दर्ज कराया। इसी अवसर पर दावा किया गया कि कुछ क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएँ हुईं।

बुधवार (27 अक्टूबर, 2021) से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि यह कथित तौर पर त्रिपुरा की ही एक मस्जिद का वीडियो है जिसे क्षतिग्रस्त करके उसमें आग लगा दी गई है। 

अब इस मामले पर त्रिपुरा पुलिस ने साफ किया है कि कुछ लोग फर्ज़ी अकाउंट के ज़रिए इस प्रकार की फेक न्यूज़ फैला रहे हैं। पुलिस ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बिल्कुल सामान्य है।

त्रिपुरा पुलिस ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी साझा की। इसमें उन्होंने लिखा:

“कल पानीसागर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ फोटो सोशल मीडिया पर साझा की जा रही थीं, जिनमें यह कहा जा रहा था कि एक मस्जिद में तोड़फोड़ करके आग लगाई गई। ये सभी पोस्ट गतल हैं। किसी मस्जिद में कोई आग नहीं लगाई गई है। ये तस्वीरें त्रिपुरा की नहीं है, ये किसी अन्य देश की हो सकती हैं।”


साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का अनुरोध 

त्रिपुरा पुलिस ने यह भी कहा कि वे सभी समुदायों से यह अनुरोध करते हैं कि वे किसी प्रकार फर्ज़ी अकाउन्ट्स द्वारा फैलाई जा रही इन तस्वीरों पर यकीन न करें। पुलिस ने पहले ही इस विषय में मामला दर्ज कर लिया है और जो लोग सांप्रदायिक संवेदनशील मुद्दों को लेकर फेक न्यूज़ फैला रहे हैं उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। 

पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ लोग त्रिपुरा के सांप्रदायिक सौहार्द और शांति को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका त्रिपुरा के नागरिकों से अनुरोध है कि वे कानून व्यवस्था का पालन करें और राज्य में शांति बनाए रखें।


पूरे मामले को लेकर त्रिपुरा पुलिस के आईजीपी लॉ ऐंड ऑर्डर सौरभ त्रिपाठी ने भी जानकारी दी और बताया कि कुछ लोगों द्वारा पानीसागर की घटना को लेकर फेक न्यूज़ चलाई जा रही थी।

उन्होंने कहा कि किसी भी मस्जिद में आग नहीं लगी है। सोशल मीडिया पर फैलाई गई वायरल पोस्ट के विरुद्ध मामला भी दर्ज हो चुका है।


बता दें कि विश्व हिंदू परिषद की रैली दौरान हुए विवाद के चलते उत्तरी त्रिपुरा ज़िले में भारी मात्रा में पुलिसबल और सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस द्वारा किसी भी स्थान पर 4 से अधिक लोगों के इकठ्ठा होने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।



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