अमेरिका ने लादेन का इस्तेमाल जंग छेड़ने के लिए किया, अब तक नहीं मिले उसकी भूमिका के सबूत: तालिबान

28 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
तालिबान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि लादेन बस युद्ध छेड़ने का जरिया था

दो दशक बाद अफगनिस्तान की धरती से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही देश पर कब्जा चुके तालिबान ने अब अमेरिका को आँखें दिखानी शुरू कर दी है। अमेरिकी दावों के विपरीत अब तालिबान ने कहा है कि आतंकी संगठन अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन 9/11 के हमलों में शामिल नहीं था।

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद अब तालिबान अल अल-कायदा के पूर्व सरगना ओसामा बिन लादेन के बचाव में उतर आया है। अमेरिका जिस ओसामा बिन लादेन को 9/11 हमले का साजिशकर्ता मानता है, तालिबान ने उसे अब बेगुनाह बताना शुरु कर दिया है।

तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अमेरिका में हुए 9/11 हमलों के लिए ओसामा का बचाव करते हुए कहा है कि हमलों के वक्त वह अफगानिस्तान में था। अगर वह इन हमलों में शामिल था, तो इस बात के सबूत क्यों नहीं मिले?

ज्ञात हो कि 11 सितंबर, 2001 को हवाई जहाज हाईजैक करने के बाद उसे अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बिल्डिंग सहित अन्य इमारतों से टकरा दिया गया था। इन आतंकवादी हमलों में 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। अमेरिका ने इसके लिए इस्लामी आतंकी संगठन अल-कायदा को जिम्मेदार ठहराया था।

इसके बाद अमेरिका ने अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की तलाश में अफगानिस्तान पर हमला किया और तालिबान को सत्ता से उखाड़ फेंका। अमेरिका के मुताबिक, 9/11 हमलों की साजिश ओसामा बिन लादेन ने ही रची थी। आतंकी हमले के 10 साल बाद ओसामा को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी सील कमांडो ने मार गिराया था।

इसी मामले में तालिबान ने ओसामा का बचाव किया है। NBC News को दिए एक इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि 2001 में जब अमेरिका में 9/11 के हमले हुए, उस वक्त ओसामा अफगानिस्तान में था और न ही वह इस हमले में शामिल था।

मुजाहिद ने सवाल उठाया कि अगर ओसामा इन हमलों में शामिल था या उसने इन हमलों की साजिश रची थी, तो अब तक इसके सबूत सामने क्यों नहीं आए हैं? तालिबान प्रवक्ता ने ओसामा को बेकसूर करार देने की कोशिश करते हुए अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले को भी गलत बताया।

मुजाहिद ने कहा:

“9/11 इन हमलों के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकी घुसपैठ को जायज करार नहीं दिया जा सकता। इसकी वजह यह है कि 9/11 हमलों के लिए अमेरिका लादेन को साजिशकर्ता जरूर मानता है, लेकिन उसके खिलाफ लगे आरोप कभी साबित नहीं हो सके।”

मुजाहिद ने आगे कहा:

”लादेन उस वक्त अमेरिका के लिए सबसे बड़ा मुद्दा था। जब ये हमले (9/11) हुए तो लादेन अफगानिस्तान में था। अगर उसने ही साजिश रची थी तो, इसके सबूत सामने क्यों नहीं लाए गए? दरअसल लादेन सिर्फ युद्ध शुरू करने का एक ‘बहाना’ था।”

मुजाहिद से जब यह पूछा गया कि क्या आज भी तालिबान 9/11 हमलों के साजिशकर्ता को पनाह देने के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता? इसके जवाब ने तालिबान प्रवक्ता ने कहा, “इस जंग के पक्ष में कोई दलील नहीं दी जा सकती और न इसे इंसाफ करार दिया जा सकता। ये तो (लादेन) जंग शुरू करने का बहाना था।”

आमेरिका ने सबूतों के साथ दिया जवाब

तालिबान भले ही अमेरिका पर आतंकी हमले के लिए लादेन का बचाव कर रहा हो, लेकिन अमेरिका ने तालिबान की इन दलीलों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद के इस बयान के बाद अमेरिका ने वाशिंगटन पोस्ट के जरिए सबूतों के साथ यह बताया है कि 9/11 की साजिश लादेन ने ही रची थी। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि हमलों की साज़िश ओसामा ने ही रची थी।

अमेरिका ने कहा कि जाँच कमीशन ने भी अपनी रिपोर्ट में लादेन को ही हमलों का जिम्मेदार और साजिशकर्ता बताया था। उसकी 10 साल तक तलाश की गई और 2011 में उसे पाकिस्तान के एबटाबाद में हमारे नेवी सील कमांडो ने उसे मार गिराया, जिसके बाद उसे समुद्र में दफन कर दिया गया।



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