CDS रावत के निधन के बाद केरल के यह फिल्म निर्माता इस्लाम छोड़ क्यों बने राम सिम्हन?

11 दिसम्बर, 2021
केरल के फिल्म निर्देशक अली अकबर ने लिया हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय

केरल राज्य के कोच्चि शहर से एक फिल्मकार द्वारा मुस्लिम पंथ छोड़ने और हिंदू धर्म अपनाने की बात सामने आई है। शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व प्रमुख वसीम रिज़वी के बाद अब फिल्म निर्देशक अली अकबर ने कहा कि वे और उनकी पत्नी लूसियामा इस्लाम छोड़कर भारतीयता और हिंदू धर्म अपनाने वाले हैं।

अली अकबर ने कहा कि वे हाल ही में हुए सीडीएस बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश और उनके बलिदान के बाद मुस्लिमों द्वारा मनाए जा रहे जश्न के बाद इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं। अली अकबर का नया नाम राम सिम्हन होगा।


कुछ दिनों पूर्व वायुसेना के क्षतिग्रस्त हुए एक हेलीकॉप्टर और उसमें सवार सीडीएस बिपिन रावत उनकी पत्नी और अन्य 11 भारतीय सेना अधिकारियों के दिवंगत होने पर सोशल मीडिया पर कई शर्मनाक कृत्य देखने को मिले।

पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों के साथ-साथ भारत के भी कई मुस्लिम समुदाय से संबंधित नामों से चलने वाले फेसबुक और ट्विटर के खातों द्वारा इस हादसे का जश्न मनाया जा रहा था और दिवंगत बिपिन रावत और अन्य सैनिकों को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की जा रही थीं। इसी विषय में केरल के कोच्चि से एक समाचार सामने आया है।

हाल ही में केरल के एक फिल्म निर्देशक अली अकबर ने इस मामले को लेकर बेहद गंभीर बात कही। उन्होंने इस विषय में खुशियाँ मनाने वाले और सोशल मीडिया पर जश्न मनाने वाले पोस्ट डालने वालों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में किसी बड़े इस्लामी नेता ने इस कृत्य का विरोध नहीं किया।

अकबर ने फेसबुक पर बुधवार (8 दिसंबर ,2021) को इस विषय में वीडियो साझा की जिसमें उन्होंने कहा:

“मैं आज से वह चोगा उतार कर फेंक रहा हूँ जिसके साथ में पैदा हुआ था। आज से मैं मुसलमान नहीं हूँ। मैं एक भारतीय हूँ। यह मेरा उन सब लोगों को जवाब है जिन्होंने भारत के विरुद्ध हजारों ‘स्माइली इमोटिकॉन्स’ सोशल मीडिया पर साझा किए।”

अकबर के इस पोस्ट के बाद कई मुस्लिम समुदाय के लोग उनके विरुद्ध गाली-गलौज करने लगे जिसके बाद सोशल मीडिया पर इन लोगों का भी खासा विरोध होने लगा। हालाँकि अकबर द्वारा साझा किया गया यह पोस्ट कुछ ही देर में फेसबुक से गायब हो गया, परंतु यह वीडियो व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।  अपने एक बयान में अकबर ने कहा:

“देश को उन सभी की पहचान करनी चाहिए जो सीडीएस की मृत्यु पर हँस रहे थे और इन सब को दंड दिया जाना चाहिए।”

पत्नी के साथ अपनाएँगे हिन्दू धर्म 

मीडिया से बातचीत करते हुए अकबर ने यह भी कहा कि रावत की मृत्यु का जश्न मनाने वाले अधिकतर लोग मुस्लिम समुदाय के थे और वे इसलिए ऐसा कर रहे थे क्योंकि रावत ने पाकिस्तान और कश्मीर के आतंकियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की थी।

सोशल मीडिया पर इतने अभद्र पोस्ट देखने के बाद भी किसी मुस्लिम नेता ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और इसी कारण वे इस तरह के मज़हब का हिस्सा नहीं रहना चाहते।

आगे अकबर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे आधिकारिक रिकार्ड्स में भी बदलाव करेंगे और अपनी पत्नी के साथ हिंदू धर्म अपनाएँगे। अकबर ने कहा कि वे अपनी दोनों बेटियों को हिंदू धर्म अपनाने के लिए बाधित नहीं करेंगे, यह वे उन्हीं पर छोड़ देंगे।

बता दें कि अली अकबर ने वर्ष 2015 में मदरसे और मौलवियों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया था कि बचपन में मदरसे में उनके उस्ताद यानी शिक्षक ने उनके साथ यौन शोषण की घटना को अंजाम दिया था। अकबर द्वारा वर्ष 1921 में हुए मालाबार नरसंहार को लेकर फिल्म बनाने के समाचार भी सामने आए थे।



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