कश्मीरी युवाओं को गुमराह करने के लिए इस्लाम का दुरुपयोग कर रहा PAK: भारत लौटी हिजबुल आतंकी की विधवा ने खोले राज

31 दिसम्बर, 2021 By: DoPolitics स्टाफ़
हिज्बुल आतंकी की विधवा रजिया बीबी ने भारत लौटकर खोले कई राज

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर में मारे गए एक हिजबुल के आतंकवादी की पत्नी ने पाकिस्तान पर भड़ास निकालते हुए उसकी पोल खोलकर रख दी है। पाकिस्तान से लौटी जम्मू-कश्मीर की रहने वाली रजिया बीबी ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर युवाओं को गुमराह करता है।

पाकिस्तान सरकार के समर्थन से चल रहे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन किस तरह इस्लाम के नाम पर कश्मीर के युवाओं को गुमराह करके उनके परिवारों परिवारों और बच्चों का जीवन अंधकारमय कर देते हैं इसका सबसे बड़ा उदाहरण पाकिस्तान से लौटी रजिया बेगम हैं।

रजिया बीबी हाल ही में अपने बच्चों के साथ भारत वापस लौटी है और उसने कहा है कि भारत लौटना उसके जीवन का सबसे अच्छा निर्णय है। रजिया ने कहा कि पाकिस्तान अपने लोगो का ख्याल नहीं रख पाता है तो वह भारत के लोगों की देखभाल कैसे कर सकता है? उन्होंने (पाक और हिजबुल मुजाहिदीन) मेरे पति को मरने के लिए भेजा।

रजिया बताती हैं कि पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी संगठन इस्लाम के नाम पर युवाओं को गुमराह करते हैं और उन्हें आतंकवाद की ओर धकेलते हैं। वे रंगरूटों से झूठे वादे करते हैं और उनकी मौत के बाद परिवारों को छोड़ देते हैं। रजिया ने कहा, “मैं पाकिस्तान और हिजबुल मुजाहिदीन से कहना चाहूँगी कि परिवारों को बर्बाद मत करो।”

झूठे वादों से आतंकियों की भर्ती, मरने के बाद परिवार को छोड़ देते हैं बेसहारा

रजिया ने बताया,

“वे परिवार को बताए बिना युवाओं को भर्ती करते हैं और भर्ती हुए लोगों से कहते हैं कि तीन-चार दिन में लौट आएँगे लेकिन वे कभी नहीं लौटते। वे इस्लाम के नाम पर कश्मीर के युवाओं को गुमराह करते हैं। मैं लोगों से आग्रह करती हूँकि वे बंदूकें न उठाएँ।”

रजिया ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों की पोल खोलते हुए कहा, “मेरे पति की मृत्यु के बाद, उन्हें 30,000 रुपए दिए गए। फिर एक साल तक उन्हें हर महीने 10,000 रुपए मिले, लेकिन उसके बाद बंद कर दिए गए।”

रजिया कहती है,

“मेरे लिए घर चलाना मुश्किल था। बच्चों को पालने के लिए दूसरों के लिए घर का काम करना शुरू कर दिया। हमारे पास पेट भरने के लिए खाना नहीं था। यह हमारे लिए बहुत कठिन समय था। मैं अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचकर रात को सो नहीं पाती थी। मैं यही कहना चाहूँगी कि कोई भी उस दौर से न गुजरे, जिससे मेरा परिवार गुजरा है।”

भारत लौटने का किया फैसला

रजिया बताती है, “पैसे न होने से मेरे बच्चों का भविष्य अंधकार में था, इसलिए मैंने पाकिस्तान छोड़ने और भारत लौटने का फैसला किया। दोस्तों की मदद से कुछ पैसे जुटाए और पासपोर्ट बनवाया। हमने न्यू इस्लामाबाद से कतर और फिर कतर से काठमांडू के लिए फ्लाइट पकड़ी थी। फिर नेपाल के रास्ते भारत आई।”

रजिया ने पाकिस्तान से भारत आने की बात पर बताया, “काठमांडू से हम दिल्ली और फिर श्रीनगर पहुँचे। श्रीनगर पहुँच कर मैंने अपने पिता को फोन किया। पूछताछ के लिए चार दिन तक कश्मीर के पुलिस थाने में रहना पड़ा। शुरुआत में मैं बहुत डरी हुई थी और सोच रही थी हमारा क्या होगा।”

भारतीय पुलिस और सेना का व्यवहार बेहद ‘मानवीय’

पुलिस थाने में अपना चार दिनों का अनुभव शेयर करते हुए रजिया बताती हैं, “पुलिसकर्मियों ने मेरा और मेरे बच्चों का बहुत ख्याल रखा। उन्होंने हमें यह महसूस नहीं होने दिया कि हम एक पुलिस स्टेशन में हैं। रजिया ने कहा कि भारतीय सेना के जवानों का व्यवहार बहुत अच्छा था। मुझे खुशी है कि मैं भारत वापस आई।”

रजिया बीबी का जन्म जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में हुआ था। कम उम्र में ही पाकिस्तान ले जाकर उसका निकाह हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी से कर दिया गया। उसकी शादी के कुछ समय बाद ही, साल 2018 में आतंकी गतिविधियों के शामिल उसके शौहर का भारतीय सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर कर दिया।



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