पश्चिम से पहले हमें है सीखने की जरुरत: पोलैंड के विश्वविद्यालय ने दीवारों पर उकेरे उपनिषद, लोगों ने दी प्रतिक्रिया

06 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
पोलैंड में पुस्तकालय की दीवार पर उकेरे गए उपनिषद के मन्त्र

पोलैंड (Poland) के एक पुस्तकालय की दीवार पर उपनिषदों (Upanishad) के छंद उकेरे गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर ये तस्वीर खूब वायरल हो रही है। वारसॉ यूनिवर्सिटी (Warsaw University) की लाइब्रेरी की दीवार पर उकेरे गए उपनिषदों की तस्वीर पोलैंड में भारतीय दूतावास के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी शेयर की गई है।

भारतीय दूतावास ने यह तस्वीर शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “कितना सुखद दृश्य! यह वारसॉ यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय की एक दीवार है, जिस पर उपनिषद उकेरे गए हैं। उपनिषद हिंदू दर्शन के वैदिक संस्कृत ग्रंथ हैं, जो हिंदू धर्म की नींव बनाते हैं।”

उपनिषद, हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथ वेदों के सबसे नवीन खंड हैं, और वे ध्यान, दर्शन, मीमांसा के ज्ञान से संबंधित हैं।

इस तस्वीर पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि उम्मीद है कि पश्चिमी देश जल्द ही इसके महत्त्व को समझेंगे और इसे अपनाएँगे।

वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि पश्चिम से पहले हमें स्वयं इसे अपनाने की आवश्यकता है। उनका सवाल है कि क्या हम ऐसा अपने विश्वविद्यालयों में कर सकते हैं?

एक अन्य ट्विटर यूजर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि इन तस्वीरों में भगवद गीता, मुंडकोपनिषद और ऋग्वेद के लेख उकेरे गए हैं। श्रीजीत शशिधरन ने लिखा है, “भारतीय दर्शन का यह हिस्सा मेरे दिल के बेहद करीब है, यह मेरे पुराने घर की तस्वीर है।”

दरअसल, भारत में कई विश्वविद्यालयों में ऐसे कई प्रकरण देखे गए हैं जब भारतीयता के प्रतीक चिन्हों को या तो खंडित कर दिया गया या फिर उन्हें अपमानित किया गया। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में कुछ ही वर्ष पूर्व स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से कुछ असामाजिक प्रकृति के छात्रों द्वारा छेड़छाड़ की गई थी।

नवंबर, 2019 में स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा को अनावरण से पहले ही क्षतिग्रस्त कर दिया गया


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