सिंघु बॉर्डर पर निहंग को मुर्गा नहीं दिया तो तोड़ डाली सप्लायर मनोज पासवान की टाँग

21 अक्टूबर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
सिंघु बॉर्डर पर निहंग सिख ने तोड़ी मजदूर की टाँग

दिल्ली से सटे सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर लखबीर सिंह की निर्मम हत्या करने के बाद निहंग सिखों ने एक और विवादित घटना को अंजाम दिया है। किसान आंदोलन में निहंग सिखों (Nihang sikh) ने मुर्गा सप्लाई करने वाले एक दलित मजदूर के साथ मारपीट की और इस हाथापाई में उसकी टाँग तक तोड़ डाली।

लगभग सालभर से चल रहे कथित किसान आंदोलन में एक के बाद एक नए विवाद सामने आ रहे हैं। जहाँ कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में कथित किसानों ने चार भाजपा कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मार डाला था।

वहीं, सिंघु बॉर्डर पर कुछ दिनों पहले पंजाब के ही एक व्यक्ति लखबीर सिंह को निहंग सिखों द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने का आरोप लगाकर मौत के घाट उतार दिया गया था। उन्होंने लखबीर सिंह का एक हाथ काट कर उसकी लाश को पुलिस बैरिकेड से लटका दिया था।

ऐसा ही एक विवाद बृहस्पतिवार (21 अक्टूबर, 2021) को सामने आया, जब किसान विरोध प्रदर्शन में मुर्गा सप्लाई करने वाले एक मजदूर मनोज पासवान (Manoj Paswan) के साथ निहंग सिखों ने मारपीट की।

बिहार के रहने वाले मनोज ने बताया कि वह अपने रिक्शे में मुर्गे रखकर कुंडली और आसपास के गाँव में सप्लाई करने जा रहा था कि तभी एक निहंग सिख नवीन संधू ने उससे मुर्गा माँगा। इसके जवाब में पासवान ने कहा कि वह उसे मुर्गा नहीं दे सकता क्योंकि उसे ऊपर से गिन कर सप्लाई दी जाती है और वापस जाकर उसे हिसाब देना पड़ता है।

आरोपित नवीन संधू

मारपीट के बाद तोड़ी टाँग 

इतनी सी बात पर निहंग सिख ने उसके साथ मारपीट प्रारंभ कर दी और लड़ाई में उसकी टाँग तोड़ डाली। बताया जा रहा है कि निहंग सिख ने मनोज पासवान को इस बात पर भी दोबारा पीटा कि वो बीड़ी पीता है।

मनोज के साथ रिक्शे में एक और लड़का था जो दौड़ कर चिकन की दुकान चलाने वाले सत्यवान के पास पहुँच गया और मामले की जानकारी दी। सत्यवान ने घटनास्थल पर आकर निहंग सिख को पकड़ा और पुलिस को खबर की।

पुलिस ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए फिलहाल निहंग सरदार नवीन संधू को हिरासत में ले लिया है। मामले की कुछ वीडियो भी पुलिस के हाथ लगी हैं। इसमें एक वीडियो में मनोज अपनी आपबीती बता रहा है और दूसरे में अस्पताल के स्ट्रेचर पर लेटा विवाद के विषय में और जानकारी दे रहा है।

बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब सिंघु बॉर्डर के आंदोलनकारी किसान उपद्रव करते हुए पाए गए हों। सिंघु बॉर्डर से पिछले एक वर्ष में महिलाओं के शोषण, बलात्कार और हत्या जैसे कई मामले सामने आए हैं।



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