मथुरा: पुजारियों ने की श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में 5 वक्त की नमाज पर रोक की माँग

25 नवम्बर, 2021
श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में पाँच वक्त की नमाज़ पर रोक की माँग

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति ने ईदगाह परिसर में नमाज़ पढ़ने को लेकर आपत्ति जताई है। समिति ने क्षेत्र के जिलाधिकारी के नाम एक पत्र लिखते हुए एडीएम को सौंपा है। समिति द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि ईदगाह मस्जिद भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह पर बसी है, इस कारण इसमें नमाज़ पढ़ने से रोक लगाई जाए।

मथुरा में  ईदगाह परिसर में पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति एवं पुजारियों द्वारा विरोध दर्ज किया गया है। समिति प्रमुख एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने यह प्रश्न उठाया है कि ईदगाह परिसर में पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ने की अनुमति किसने दी? कहा जा रहा है कि परिसर में पहले कभी नमाज़ नहीं पढ़ी जाती थी, हाल ही में पाँच वक्त नमाज़ पढ़ी जाने लगी है।

इसी विषय में संज्ञान लेते हुए समिति द्वारा नगर प्रशासन को ज्ञापन दिया गया और विरोध दर्ज कराया गया। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार (23 नवंबर, 2021) को डीएम के नाम एक प्रार्थना पत्र लिखा और उसे एडीएम को सौंपा।

इसमें उन्होंने यह तर्क दिया है कि यह कृत्य जानबूझ कर क्षेत्र का सौहार्द खराब करने के लिए किया गया है और इसलिए इन्हें शाही ईदगाह में पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ने से रोका जाए। 

समिति प्रमुख एडवोकेट सिंह ने यह सवाल भी उठाया है कि यहाँ का मामला न्यायालय में फिलहाल विचाराधीन है तो रोज़ यहाँ नमाज़ कैसे हो रही है? बता दें कि मथुरा में विभिन्न सिविल अदालतों के पास विवादित ईदगाह ढाँचे को लेकर कई आवेदन और याचिकाएँ लंबित हैं।

समिति ने साधु-संत समाज के साथ-साथ नगर प्रशासन को भी ज्ञापन देकर विरोध जताया गया और इस पर तत्काल रोक लगाने की माँग की गई है। समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि औरंगजेब द्वारा मंदिर के हिस्से को ही मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया था। 


मंदिर तोड़ कर खड़ी की गई थी मस्जिद

इसी विषय में आगे विस्तार से महामंडलेश्वर चित्त प्रकाशानंद ने यह कहा कि ईदगाह मस्जिद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर को तोड़कर बनाई गई थी। इस बात के सारे प्रमाण, सभी चिन्ह जैसे कि शंख, चक्र इत्यादि सभी परिसर की दीवारों पर देखे जा सकते हैं।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नमाज़ के लिए परिसर में जाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग इन चिन्हों को मिटा सकते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन नमाज़ पर रोक लगाए। 

इस सबके साथ ही हिन्दू महासभा द्वारा इस क्षेत्र में 6 दिसंबर, 2021 को बाल गोपाल का जलाभिषेक करने का संकल्प भी लिया गया है। बैठक में सभी सदस्यों द्वारा यह कहा गया कि ईदगाह पर ठाकुर जी का अभिषेक बिना किसी तोड़फोड़ के पूरी शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही किया जाएगा।



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