न्यूयॉर्क टाइम्स ने सिर्फ सस्ती लोकप्रियता के लिए छापी भारत की कोरोना रिपोर्ट: नीति आयोग

17 सितम्बर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर भारत सरकार का जवाब

कुछ दिनों पहले अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत में कोरोना वायरस की स्थिति पर एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें केंद्र सरकार एवं प्रशासन की भी खूब आलोचना की गई थी और भारत की छवि धूमिल करने का भी पूरा प्रयास किया गया था। इस रिपोर्ट को पढ़कर ऐसा प्रतीत होता था मानो भारत और भारत की नरेंद्र मोदी सरकार इस महामारी से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही हो। 

अब इस मामले में आईसीएमआर और नीति आयोग ने अपना बयान जारी किया है और न्यूयॉर्क टाइम्स की इस रिपोर्ट को केवल भड़काऊ करने वाला और स्वयं पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से लिखा गया बताया है।

इस लेख में न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा था कि सरकार कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए तैयार नहीं थी और न ही सरकार ने आम जनता को इसके लिए कोई संकेत दिए थे।

इस लेख में न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह भी दावा किया था कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने प्रधानमंत्री मोदी की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने के लिए शोधों के साथ छेड़छाड़ तक की थी।

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल एवं स्वास्थ्य सेक्रेटरी राजेश भूषण समेत आईसीएमआर प्रमुख बलराम भार्गव ने बृहस्पतिवार (16 सितंबर, 2021) को एक प्रेस वार्ता के दौरान न्यूयॉर्क टाइम्स के इस लेख की निंदा करते हुए व्याख्या की। इस मौके पर आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा:

“यह लेख केवल जनता को उकसाने के लिए और अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए लिखा गया था। यह लेख जानबूझकर ऐसे समय पर छापा गया जब सरकार एवं समस्त प्रशासन इस महामारी से लड़ने में पूरी तरह संलग्न है, और अपना पूरा समय और ऊर्जा इसी क्षेत्र में समर्पित कर रहा है।”

रिपोर्ट की कड़ी निंदा

स्वास्थ्य सेक्रेटरी राजेश भूषण ने इस पूरे मामले को प्राथमिकता न देने की बात कही और कहा कि प्रशासन ऐसी चीजों से विचलित नहीं होता है। नीति आयोग के सदस्य डॉ पीके पॉल ने टाइम्स के इस लेख की निंदा करते हुए कहा:

“हम संदर्भ से परे इस प्रकार के विकृत रिपोर्ट की कड़ी निंदा करते हैं। इस प्रकार की रिपोर्ट की कोई आवश्यकता नहीं थी और ऐसा नहीं होना चाहिए।”

बता दें कि न्यूयॉर्क टाइम्स की इस रिपोर्ट पर कुछ दिनों पहले ही रक्षा मामलों के जानकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने ट्विटर पर एक थ्रेड साझा किया था, जिसमें उन्होंने परत दर परत इस रिपोर्ट का तथ्यों और सबूतों के साथ खंडन किया था।

मित्रा ने यह भी लिखा था कि यह रिपोर्ट केवल 32 वर्ष के एक नौसिखिया वैज्ञानिक डॉ की बातों पर बनाई गई है और यह तथ्यों से कोसों दूर भी है।




सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:

ताज़ा समाचार