कॉन्ग्रेस हाईकमान नहीं, जनता तय करेगी अगला CM: पंजाब चुनाव से पहले फिर बागी हुए सिद्धू

11 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
नवजोत सिंह सिद्धू बोले- हाईकमान नहीं पंजाब के लोग तय करेंगे कौन बनेगा सीएम

पंजाब में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर से बागी तेवर दिखाए हैं। सिद्धू ने कहा है कि पंजाब का सीएम प्रदेश की जनता तय करेगी, कॉन्ग्रेस आलाकमान नहीं। उनका इशारा स्पष्ट रूप से सोनिया, राहुल और प्रियंका गाँधी की ओर था।

पंजाब के लिए चुनाव आयोग पहले ही तारीखों की घोषणा कर चुका है। चुनावी तारीख घोषित होते ही सभी राजनीतिक दलों ने चुनावी राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच टिकट के लिए दल-बदल की राजनीति और नेताओं का अपनी ही पार्टी को शक्ति प्रदर्शन भी शुरू हो गया है।

पंजाब कॉन्ग्रेस में भी ताकत दिखाने की होड़ फिर से शुरू हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद को प्रदेश के मुख्यमंत्री के विकल्प के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है। सिद्धू ने कहा है कि पंजाब की जनता तय करेगी कि पंजाब का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, न कि कॉन्ग्रेस हाई कमान।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपसे किसने कहा कि हाईकमान सीएम बनाएगा? पंजाब के लोग तय करेंगे कि कौन उनका सीएम होगा। वर्तमान में पंजाब में कॉन्ग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी हैं। पंजाब में 14 फ़रवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और 10 मार्च को नतीजे आएँगे।

वर्तमान मुख्यमंत्री चन्नी को कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़े के बाद मुख्यमंत्री बनाया गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह अब कांग्रेस पार्टी छोड़कर नई पार्टी बना चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की घोषणा भी कर चुके हैं। उनके इस्तीफे के पीछे भी नवजोत सिंह सिद्धू का ही हाथ माना जाता है।

सिद्धू के आते ही शुरू हुई पंजाब कॉन्ग्रेस में कलह

जैसे चुनाव आ रहे है, पंजाब में जब कॉन्ग्रेस में कलह की दरार और चौड़ी होने की सम्भावना जताई जा रही है। पंजाब कॉन्ग्रेस में विवादों का दौर सिद्धू के पार्टी में आने के साथ ही शुरू हो गया था। विवाद के कारण कैप्टन को इस्तीफा देना पड़ा, उसके बाद चन्नी मुख्यमंत्री बनाए गए और फिर सिद्धू ने कैबिनेट चयन को लेकर इस्तीफा दे दिया था लेकिन बाद में वो मना लिए गए।

हालांकि, अभी भी पंजाब कॉन्ग्रेस के कलह की आग ठंडी नहीं हुई है जिसका सीधा असर आगामी चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। जाहिर सी बात है सिद्धू का ये बयान न तो कॉन्ग्रेस आलाकमान को रास आएगा और न ही वर्तमान मुख्यमंत्री चन्नी गुट को।

चन्नी को सीएम पद के लिए चुने जाने के बाद पार्टी आलाकमान ने चन्नी को पहला अनुसूचित जाति (SC) का सीएम बताकर बड़ा दाँव चला था। चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का दाँव पार्टी की अंदरूनी कलह शांत करने के अलावा अनुसूचित जाति की 30% से अधिक आबादी को लुभाने के लिए भी खेला गया था।

16 अक्टूबर को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में भी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दावा किया था कि दलित नेतृत्व को सशक्त बनाना पार्टी की प्राथमिक्ताओं में से एक है। हालाँकि तब भी सिद्धू ने बागी तेवर दिखाते हुए सोनिया गाँधी को लिखा अपना पत्र सार्वजनिक कर दिया था।



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