पंजाब: खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर RSS-BJP नेता, अलर्ट के बाद बढ़ी सुरक्षा

25 नवम्बर, 2021
भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं पर संभावित आतंकी हमले को लेकर खुफिया एजेंसियाँ ​अलर्ट पर

पंजाब में RSS और बीजेपी के पदाधिकारियों पर आतंकी हमला हो सकता है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खालिस्तानी कट्टरपंथी समेत दूसरे आतंकी संगठन पंजाब में बीजेपी, संघ के नेताओं समेत धार्मिक स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

यह चेतवानी मिलने के बाद पंजाब में खुफिया एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया सूत्रों के साथ-साथ पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस बात के विश्वसनीय इनपुट मिले हैं कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में हिंसा की कोशिश हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि पंजाब पुलिस ने अलर्ट के बाद राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। खुफिया सूचना ऐसे समय में आई है जब पठानकोट के पास सैन्य स्टेशन के बाहर एक अलग ग्रेनेड विस्फोट हुआ है।

यह अलर्ट पंजाब पुलिस के इस दावे के मध्य आया है कि पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में स्कूली बच्चों के लंच बॉक्स में पैक किए गए विस्फोटक ड्रोन से गिरा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी में भी वृद्धि हुई है।

अधिकारियों ने कहा है कि आरएसएस की शाखाओं में सुरक्षा जाँच बढ़ा दी गई है और कुछ हिंदू नेताओं को खतरे की ख़ुफ़िया जानकारी को हल्के में ना लेते हुए उनकी मौजूद सुरक्षा को और ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की थी, जहाँ उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे।

बता दें कि खालिस्तानी आतंकवादी इससे पहले दर्जनभर धार्मिक नेताओं को अपना निशाना बना चुके हैं, जिनमें ज्यादातर हिंदू और आरएसएस के नेता शामिल हैं।

इन नेताओं की हत्याओं की जाँच करने वाली एनआईए ने खुलासा किया था कि यह सभी हत्याएँ पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई ने खालिस्तानी आतंकवादियों की मदद से करवाई थी।

दरअसल, वह पंजाब में बीजेपी और आरएसएस के प्रसार और हिन्दू-सिख एकता के खिलाफ माहौल बनाना चाहती है ताकि पंजाब में हिंदू-सिखों के बीच मतभेद पैदा हो और वह सिखों को बरगला कर आतंक के जिन्न को फिर से पैदा कर सके।

खालिस्तानियों को RSS से क्यों है समस्या

दरअसल खालिस्तान समर्थक और कट्टरवादी सिख मानते हैं कि आरएसएस भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है और जो देश के हित में नहीं है। कट्टरवादी सिख संगठनों का मानना है कि आरएसएस सिख धर्म को हिंदू धर्म से जोड़ने की बात करता है, जबकि सिख धर्म एक अलग धर्म है।

इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राज्य के गाँवों में अपनी शाखाएँ बढ़ा रहा है, इससे खालिस्तानी संगठनों की परेशानी बढ़ गई है। पंजाब में आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी का विस्तार आईएसआई और खालिस्तानी संगठनों को रास नहीं आ रहा जबकि सच्चाई यह है कि पंजाब के लोग आतंकवाद फैलाने वाले खालिस्तान के मुद्दे को नकार चुके हैं।

बढ़ी हुई सतर्कता के बाद राज्य पुलिस ने तरनतारन के सोहल गाँव के रंजीत सिंह को विदेश स्थित आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध रखने और पंजाब में आतंकवादी हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो चायनीज पी-86 हथगोले और दो पिस्तौल भी बरामद किए गए।



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