'कॉन्ग्रेस कार्यालय में बनी थी पीएम मोदी की हत्या की साजिश, कई नेता और अधिकारी शामिल'

12 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
मजीठिया का आरोप- पीएम मोदी और बीजेपी को शर्मिंदा करना था मकसद

अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर पंजाब यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस साजिश कॉन्ग्रेस के नेताओं और पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का दावा भी किया है।

पंजाब में पीएम की सुरक्षा चूक का मामला अब पंजाब चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। समाचार चैनल ‘न्यूज़ 18’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अकाली दल नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चन्नी के कार्यालय में पीएम की हत्या और अपमानित करने का प्लान बनाया गया था।

मजीठिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने योजना के तहत प्रधानमंत्री की जान को आपने खतरे में डाला। उन्होंने कहा, “यह मामला नरेंद्र मोदी का नहीं है, मामला प्रधानमंत्री का है। देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा सबसे बड़ी बात है। मैं बता रहा हूँ कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में प्लानिंग और प्लॉटिंग हुई। इसमें कई बड़े अधिकारी और कॉन्ग्रेस नेता भी शामिल थे।”

गम्भीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “इसमें गृहमंत्री की भी सहभागिता रही है। उनकी सहमति से यह सब कुछ हुआ। आखिर आज तक पंजाब प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेता का रास्ता कहीं रोका गया? कभी ऐसा नहीं हुआ। फिर प्रधानमंत्री के काफिले को कैसे रोका गया? इसकी तह में जाने की जरूरत है।”

शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, “मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के काफिले को कभी भी कहीं भी 20 मिनट के लिए नहीं रोका गया। यदि पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए रास्ते क्लियर हो सकते हैं, तो प्रधानमंत्री के लिए क्यों नहीं? क्योंकि पीएम को खतरे में डालने की योजना सीएम कार्यालय में बनाई गई थी।”

मुख्यमंत्री कार्यालय में बनी योजना, डीजीपी और गृहमंत्री थे शामिल

विक्रम सिंह मजीठिया ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के लिए सीधे तौर पर चरणजीत सिंह चन्नी को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश के मुखिया चरणजीत सिंह चन्नी को कठघरे में खड़ा करते हुए मजीठिया ने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले को पंजाब में 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रोका गया, क्योंकि इसकी योजना मुख्यमंत्री के कार्यालय में बनी थी।

मजीठिया ने कहा कि जब आप ऐसे अक्षम अफसरों को पुलिस महानिदेशक बनाएँगे, जो यूपीएससी की पैनल में नहीं आते, ऐसे अधिकारियों को सीनियर पोस्ट पर अप्वाइंट करेंगे, तो ऐसी घटनाएँ होंगी ही। उन्होंने कहा कि जब आप मुख्यमंत्री के लिए रास्ता ढूँढ सकते हैं कि उनका काफिला न रुके, तो प्रधानमंत्री के लिए क्यों नहीं?

विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, “पहले एक अक्षम अधिकारी को तैनात किया। उसका इस्तेमाल किया और जब इस्तेमाल हो गया, तो फिर उसे हटा दिया। आखिरकार चन्नी साहब ने पुलिस महानिदेशक को हटा दिया न। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरे में डालने की यह सोची-समझी साजिश थी और इसका पूरा प्लॉट मुख्यमंत्री के कार्यालय में बना था।”

20 मिनट तक फ्लाईओवर पर रुका रहा पीएम का काफिला

उल्लेखनीय है कि 5 जनवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। बठिंडा एयरपोर्ट से निकलने के बाद जब वह सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे, तो बीच रास्ते में कथित किसानों ने उनका रास्ता रोक लिया।

एक फ्लाईओवर पर पीएम मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रुका रहा। इस दौरान न तो पंजाब पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों को वहां भेजा, न ही मुख्यमंत्री ने इस संबंध में फोन पर बात की। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जब फोन किया गया, तो उन्होंने फोन पर बात करने से इंकार कर दिया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया, क्योंकि पीएम के काफिले में न तो पंजाब के पुलिस महानिदेशक थे, न ही मुख्य सचिव। मुख्यमंत्री ने जैसी प्रतिक्रिया दी, उसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने जान-बूझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को खतरे में डाल दिया था।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने पहले इस मामले को तवज्जो नहीं दी है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस ने उल्टा आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा की जनसभा में भीड़ नहीं जुटी थी, इसलिए पीएम मोदी वहाँ से खुद ही लौट गये, उनकी सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई थी।



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