राजस्थान: हर मदरसे को कॉन्ग्रेस सरकार देगी ₹15-25 लाख का 'दिवाली बोनस'

16 अक्टूबर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
राजस्थान सरकार पर भाजपा का हमला

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की गहलोत सरकार द्वारा मदरसों को दिए जाने वाले फंड को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे ‘दीपावली बोनस’ करार दिया है।

दरअसल गहलोत सरकार ने मदरसों में आधारभूत संरचना को दुरुस्त करने के लिए 15 से 25 लाख रुपए प्रति मदरसा देने का फैसला किया है। राजस्थान में मदरसों को मिलने वाले इसी फंड पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

भारतीय जनता पार्टी ने गहलोत सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए इसे मदरसों के लिए गहलोत सरकार का दीपावली बोनस करार दिया है। बीजेपी आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने राजस्थान मदरसा बोर्ड के प्रेस रिलीज को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा:

“महिला उत्पीड़न और दलितों पर बढ़ते अपराध के मामलों के बीच, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार की अद्भुत साम्प्रदायिक पहल। मदरसों को मिलेगा सरकार की तरफ से दीपावली बोनस। 15-25 लाख रुपए प्रति मदरसा! राजस्थान की जनता के टैक्स का बेहतरीन सदुपयोग।”

अमित मालवीय ने महिला उत्पीड़न और दलितों के मसले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। दरअसल लखीमपुर घटना के बाद कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्र और यूपी की योगी सरकार पर तीर चलाये थे, जबकि इसी दौरान हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में एक दलित युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद से कॉन्ग्रेस को भाजपा के पलटवार का सामना करना पड़ रहा है।

जानिए क्यों दे रही है गहलोत सरकार मदरसों को आर्थिक मदद

दरअसल गहलोत सरकार ने पिछले वर्ष मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत आवेदन माँगे थे। योजना के अनुसार कुल स्वीकृत राशि का 10% हिस्सा मदरसा उठाएगा, बाकी का 90% राजस्थान सरकार वहन करेगी।

अब राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि वह मदरसों के विकास के लिए 25 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मुहैया करवाएगी। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत दी जाएगी।

इसी संबंध में राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात विभाग में शामिल राजस्थान मदरसा बोर्ड के सचिव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है, जिसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। इस योजना में पंजीकृत मदरसों के विकास के लिए कक्षा कक्ष, रसोई शेड, पेयजल सुविधा एवं शौचालय इत्यादि का विकास किया जाएगा।

योजना के तहत गहलोत सरकार प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 15 लाख रुपए तथा उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 25 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।

मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का दुर्घटना सुरक्षा बीमा

इससे पहले गहलोत सरकार में अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ मंत्री सालेह मोहम्मद ने प्रदेश के पंजीकृत 3248 मदरसों में अध्ययनरत एक लाख 90 हजार छात्र एवं छात्राओं का ग्रुप बीमा करवाने की घोषणा भी की थी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट सत्र 2020-21 में वित्त एवं विनियोग विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान की गई घोषणा के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा संचालित राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की तरह होगी। इससे अब दुर्घटना होने की स्थिति में इन बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

इस योजना के अनुसार मदरसों के प्रत्येक छात्र एवं छात्राओं के इंश्योरेंस पर राजस्थान मदरसा बोर्ड द्वारा कुल 19.21 लाख रुपए का व्यय करेगा। इस राशि को खर्च करने के लिये मदरसा बोर्ड को वित्त विभाग द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। अब इसी सत्र से बच्चों का समूह बीमा करवाया जा सकेगा।



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