असम: हिमांता सरकार ने ओराँग राष्ट्रीय पार्क से हटाया राजीव गाँधी का नाम

02 सितम्बर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
ओराँग नेशनल पार्क से राजीव गाँधी का नाम हटा

असम की हिमांता सरकार ने ओराँग राष्ट्रीय पार्क (Orang National Park) से कॉन्ग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी (Rajiv Gandhi) के नाम का साइनबोर्ड हटा दिया है। अब इसे ‘ओराँग टाइगर रिजर्व’ के नाम से जाना जाएगा। 2 सितम्बर की सुबह इस पार्क के प्रवेश द्वार पर नया नाम लगा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि असम सरकार ने यह फैसला स्थानीय आदिवासी और चाय जनजाति समुदायों की माँगों पर संज्ञान लेते हुए लिया है। वर्ष 2001 में, तत्कालीन तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने इस उद्यान का नाम बदलकर राजीव गाँधी ओराँग राष्ट्रीय उद्यान कर दिया था।

असम के वन एवं पर्यावरण मंत्री एस परिमल ने रविवार (29 अगस्त, 2021) को पार्क के प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। इसमें प्रवेश द्वारा का नाम ‘ओराँग टाइगर रिजर्व’ लिखा गया है।

असम राज्य का एक पर्यावरण समूह, अरण्य सुरक्षा समिति एक लम्बे समय से मुख्यमंत्री सरमा से इसके नाम से राजीव गाँधी हटाकर ओराँग राष्ट्रीय उद्यान रखने का आग्रह कर रही थी। हाल ही में, अरण्य सुरक्षा समिति के महासचिव डॉ हरिचरण दास ने इस विषय में 13 अगस्त को असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा को एक ज्ञापन भेजा था।

असम के कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस कदम को ‘अपमानजनक’ कहा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ असम के बारे में नहीं है बल्कि यह पूरे देश में हो रहा है। गोगोई ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गाँधी, राजीव गाँधी तक, कॉन्ग्रेस पार्टी से आए देश के प्रधानमंत्रियों का यह घोर अनादर किया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों पर आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा इन कॉन्ग्रेस नेताओं नेताओं के योगदान को लगातार कम करके आँका जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व, केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार का नाम भी राजीव गाँधी के नाम से हटाकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया। एक माह के भीतर ही अब असम की हिमांता सरकार ने यह दूसरा फैसला लिया है।

असम के दरांग और सोनितपुर जिलों में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित, ओराँग राष्ट्रीय उद्यान 78.80 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है। ओराँग वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। 1992 में इसका नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के नाम पर कर दिया गया। तब यह ‘राजीव गाँधी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी’ के नाम से जाना जाता था।

वर्ष 1996 में इस अभयारण्य का नाम बहाल करने और इसे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में विकसित करने के लिए एक मुहिम शुरू की गई जिस कारण फैसले को रोक लिया गया। वर्ष 1999 में इसे ओराँग राष्ट्रीय उद्यान के रूप में तैयार किया गया था। सबसे ताजा सेंसस के अनुसार, पार्क लगभग 24 रॉयल बंगाल टाइगर्स और 100 से अधिक गैंडों का घर है।



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